Aligarh: ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा जी के अनुसार नए साल के राजा गुरु (बृहस्पति) होंगे, लेकिन वे अतिचारी अवस्था में बताए गए हैं, यानी उनका प्रभाव सामान्य से अलग और अनपेक्षित हो सकता है। इस वर्ष भी मंगल मंत्री होंगे। वर्ष 2025 के मंत्री मंगल, 2026 में भी क्रूर ग्रहों के साथ युति बनाकर प्रभाव बढ़ा सकते हैं। शनि, जो पहले से ही गुरु की राशि मीन में चल रहे हैं, माहौल को गंभीर बना सकते हैं। इन सभी ग्रह- परिवर्तनों के चलते आने वाले समय को चुनौतीपूर्ण मान रहे हैं।
भारत पर संभावित असर : किन क्षेत्रों में दिख सकती है हलचल ?
ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा जी के अनुसार भारत के संदर्भ में भी 2026 को उतार-चढ़ाव वाला साल बताया जा रहा है।
– राजनीति में बड़े फैसले और अप्रत्याशित बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
– कुछ बड़े राज्यों में असहमति, विरोध और टकराव की स्थितियां बन सकती हैं।
– प्रदूषण, भूकंप और अन्य प्राकृतिक आपदाओं की संभावना भी जताई जा रही है।
जून-जुलाई 2026 को लेकर कुछ ज्योतिषी संक्रमण और स्वास्थ्य संकट के संकेत दे रहे हैं। ग्रह-गोचर ऐसी स्थिति दिखा रहे हैं जिसमें महामारी जैसी परेशानी दोबारा जन्म ले सकती है।
मंगल की स्थिति को लेकर कहा गया है कि उनकी चाल बड़े संघर्ष या किसी तरह के युद्ध की ओर इशारा करती है। अनुमान यह भी है कि यदि कोई युद्ध शुरू हुआ तो उसका प्रभाव 2027 तक जारी रह सकता है।
