Skip to content

The Xpress News

  • Home
  • धर्म अध्यात्म
  • Health
  • Blog
  • Toggle search form
  • टनकपुर त्रैसाप्ताहिक विशेष गाड़ी
    North Eastern Railway : गोंडा-गोंडा कचहरी स्टेशनों के बीच निर्माण कार्य के चलते गाड़ियों के समय में परिवर्तन Railway
  • Skandamata Fifth Day
    मौनी अमावस्या रविवार 18 जनवरी, पंडित हृदय रंजन शर्मा से जानें महत्व धर्म अध्यात्म
  • Hariyali Teej
    गुरुपुष्य योग में किए गए हर कार्य का उत्तम फल होता है प्राप्त धर्म अध्यात्म
  • IMA: 25 अगस्त को विशाल स्वास्थ्य एवं रक्तदान शिविर Health
  • US Open
    US Open : सबालेंका, जोकोविच, अल्काराज यूएस ओपन के क्वार्टर फाइनल में Sports
  • Virat praised Shubhaman : विराट कोहली ने शुभमन गिल की उपलब्धि की तारीफ की, कहा- इस सब के हकदार हो, Sports
  • Panic button on vehicles
    Panic button on vehicles : यूपी में पैनिक बटन से सुरक्षित होगा बेटियों का सफर UP Government News
  • Badminton Competition
    Badminton Competition : जय नारायण के शटलर एक बार फिर राष्ट्रीय बैडमिंटन में Sports
Famous songs of Karva Chauth

भगवान शिव जी को आखिर क्यों इतना प्रिय है बिल्वपत्र, क्या-क्या चढ़ाने से क्या मिलता है लाभ

Posted on July 19, 2024 By Manish Srivastava No Comments on भगवान शिव जी को आखिर क्यों इतना प्रिय है बिल्वपत्र, क्या-क्या चढ़ाने से क्या मिलता है लाभ

अलीगढ़ : शिवलिंग पर क्या चढ़ाने से क्या फल मिलता है? आखिर माता लक्ष्मी का बिल्वस्वरूप क्या है क्यों भगवान शिव ने बिल्वपत्र को स्वयं शिव स्वरूप माना तो आइए आज आपको इन सभी विषयों पर विस्तृत जानकारी दे रहे हैं श्री गुरु ज्योतिष संस्थान गुरु रत्न भंडार वाले प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य परम पूज्य गुरुदेव पंडित हृदयरंजन शर्मा व्हाट्सएप नंबर-9756402981,8272809774

🙏बातें बिल्व वृक्ष की
♦ बिल्व वृक्ष के आसपास सांप नहीं आते ।

♦अगर किसी की शव यात्रा बिल्व वृक्ष की छाया से होकर गुजरे तो उसका मोक्ष हो जाता है ।

♦ वायुमंडल में व्याप्त अशुध्दियों को सोखने की क्षमता सबसे ज्यादा बिल्व वृक्ष में होती है ।

♦ चार पांच छः या सात पत्तो वाले बिल्व पत्रक पाने वाला परम भाग्यशाली और शिव को अर्पण करने से अनंत गुना फल मिलता है ।

♦ बेल वृक्ष को काटने से वंश का नाश होता है। और बेल वृक्ष लगाने से वंश की वृद्धि होती है।

♦ सुबह शाम बेल वृक्ष के दर्शन मात्र से पापो का नाश होता है।

♦ बेल वृक्ष को सींचने से पितर तृप्त होते है।

♦ बेल वृक्ष और सफ़ेद आक् को जोड़े से लगाने पर अटूट लक्ष्मी की प्राप्ति होती है।

♦बेल पत्र और ताम्र धातु के एक विशेष प्रयोग से ऋषि मुनि स्वर्ण धातु का उत्पादन करते थे ।

♦जीवन में सिर्फ एक बार और वो भी यदि भूल से भी शिवलिंग पर बेल पत्र चढ़ा दिया हो तो भी उसके सारे पाप मुक्त
हो जाते है ।

♦ बेल वृक्ष का रोपण, पोषण और संवर्धन करने से महादेव से साक्षात्कार करने का अवश्य लाभ मिलता है।



🏵कृपया बिल्व पत्र का पेड़ जरूर लगाये । बिल्व पत्र के लिए पेड़ को क्षति न पहुचाएं शिवजी की पूजा में ध्यान रखने योग्य बात शिवपुराण के अनुसार भगवान शिव को कौन सी चीज़ चढाने से मिलता है क्या फल किसी भी देवी-देवता का पूजन करते वक़्त उनको अनेक चीज़ें अर्पित की जाती है

🍁प्रायः भगवन को अर्पित की जाने वाली हर चीज़ का फल अलग होता है। शिव पुराण में इस बात का वर्णन मिलता है की भगवन शिव को अर्पित करने वाली अलग-अलग चीज़ों का क्या फल होता है

💥शिवपुराण के अनुसार जानिए कौन सा अनाज भगवान शिव को चढ़ाने से क्या फल मिलता है
🔥भगवान शिव को चावल चढ़ाने से धन की प्राप्ति होती है।

🔥 तिल चढ़ाने से पापों का नाश हो जाता है।

🔥 जौ अर्पित करने से सुख में वृद्धि होती है।

🔥 गेहूं चढ़ाने से संतान वृद्धि होती है।यह सभी अन्न भगवान को अर्पण करने के बाद गरीबों में वितरीत कर देना चाहिए।

🌸शिवपुराण के अनुसार जानिए भगवान शिव को कौन सा रस (द्रव्य) चढ़ाने से उसका क्या फल मिलता है

🌻 ज्वर (बुखार) होने पर भगवान शिव को जलधारा चढ़ाने से शीघ्र लाभ मिलता है। सुख व संतान की वृद्धि के लिए भी जलधारा द्वारा शिव की पूजा उत्तम बताई गई है।

🌻 नपुंसक व्यक्ति अगर शुद्ध घी से भगवान शिव का अभिषेक करे, ब्राह्मणों को भोजन कराए तथा सोमवार का व्रत करे तो उसकी समस्या का निदान संभव है।

🌻 तेज दिमाग के लिए शक्कर मिश्रित दूध भगवान शिव को चढ़ाएं।

🌻 सुगंधित तेल से भगवान शिव का अभिषेक करने पर समृद्धि में वृद्धि होती है।

🌻 शिवलिंग पर ईख (गन्ना) का रस चढ़ाया जाए तो सभी आनंदों की प्राप्ति होती है।

🌻 शिव को गंगाजल चढ़ाने से भोग व मोक्ष दोनों की प्राप्ति होती है।

🌻मधु (शहद) से भगवान शिव का अभिषेक करने से राजयक्ष्मा (टीबी) रोग में आराम मिलता है।

🌺शिवपुराण के अनुसार जानिए भगवान शिव को कौन का फूल चढ़ाया जाए तो उसका क्या फल मिलता है

🌟 लाल व सफेद आंकड़े के फूल से भगवान शिव का पूजन करने पर भोग व मोक्ष की प्राप्ति होती है।

🌟 चमेली के फूल से पूजन करने पर वाहन सुख मिलता है।

🌟 अलसी के फूलों से शिव का पूजन करने से मनुष्य भगवान विष्णु को प्रिय होता है।

🌟 शमी पत्रों (पत्तों) से पूजन करने पर मोक्ष प्राप्त होता है।

🌟 बेला के फूल से पूजन करने पर सुंदर व सुशील पत्नी मिलती है।

🌟 जूही के फूल से शिव का पूजन करें तो घर में कभी अन्न की कमी नहीं होती।

🌟 कनेर के फूलों से शिव पूजन करने से नए वस्त्र मिलते हैं।

🌟 हरसिंगार के फूलों से पूजन करने पर सुख-सम्पत्ति में वृद्धि होती है।

🌟धतूरे के फूल से पूजन करने पर भगवान शंकर सुयोग्य पुत्र प्रदान करते हैं, जो कुल का नाम रोशनकरता है।

🌟 लाल डंठलवाला धतूरा पूजन में शुभ माना गया है।

🌟 दूर्वा से पूजन करने पर आयु बढ़ती है।
🏵माँ लक्ष्मी का बिल्व स्वरूप शिव ने क्यों माना बिल्ववृक्ष को शिवस्वरूप?




🔸🔸🔹🔸🔸🔹🔸🔸🔹🔸🔸🔹🔸🔸
🔸नारदजी ने एक बार भोलेनाथ की स्तुति कर पूछा प्रभु आपको प्रसन्न करने के लिए सबसे उत्तम और सुलभ साधन क्या है

🔹हे त्रिलोकीनाथ आप तो निर्विकार और निष्काम हैं, आप सहज ही प्रसन्न हो जाते हैं. फिर भी मेरी जानने की इच्छा है कि आपको क्या प्रिय है?

🔸शिवजी बोले- नारदजी वैसे तो मुझे भक्त के भाव सबसे प्रिय हैं, फिर भी आपने पूछा है तो बताता हूं

🔹मुझे जल के साथ-साथ बिल्वपत्र बहुत प्रिय है. जो अखंड बिल्वपत्र मुझे श्रद्धा से अर्पित करते हैं मैं उन्हें अपने लोक में स्थान देता हूं

🔸नारदजी भगवान शंकर औऱ माता पार्वती की वंदना कर अपने लोक को चले गए. उनके जाने के पश्चात पार्वतीजी ने शिवजी से पूछा- हे प्रभु मेरी यह जानने की बड़ी उत्कट इच्छा हो रही हैकि आपको बेलपत्र इतने प्रिय क्यों है. कृपा करके मेरी जिज्ञासा शांत करें

🔹शिवजी बोले- हे शिवे! बिल्व के पत्ते मेरी जटा के समान हैं. उसका त्रिपत्र यानी तीन पत्ते, ऋग्वेद, यजुर्वेद और सामवेद हैं. शाखाएं समस्त शास्त्र का स्वरूप हैं

🔸बिल्ववृक्ष को आप पृथ्वी का कल्पवृक्ष समझें जो ब्रह्मा-विष्णु- शिवस्वरूप है. हे पार्वती! स्वयं महालक्ष्मी ने शैल पर्वत पर बिल्ववृक्ष रूप में जन्म लिया था इस कारण भी बेल का वृक्ष मेरे लिए अतिप्रिय है. महालक्ष्मी ने बिल्व का रूप धरा, यह सुनकर पार्वतीजी कौतूहल में पड़ गईं

🔹पार्वतीजी कौतूहल से उपजी जिज्ञासा को रोक न पाई. उन्होंने पूछा- देवी लक्ष्मी ने आखिर बिल्ववृक्ष का रूप क्यों लिया? आप यह कथा विस्तार से कहें

🔸भोलेनाथ ने देवी पार्वती को कथा सुनानी शुरू की. हे देवी, सत्ययुग में ज्योतिरूप में मेरे अंश का रामेश्वर लिंग था. ब्रह्मा आदि देवों ने उसका विधिवत पूजन-अर्चन किया था

🔹इसका परिणाम यह हुआ कि मेरे अनुग्रह से वाणी देवी सबकी प्रिया हो गईं. वह भगवान विष्णु को सतत प्रिय हो गईं

🔸मेरे प्रभाव से भगवान केशव के मन में वाग्देवी के लिए जितनी प्रीति उपजी हुई वह स्वयं लक्ष्मी को नहीं भाई

🔹लक्ष्मी देवी का श्रीहरि के प्रति मन में कुछ दुराव पैदा हो गया. वह चिंतित और रूष्ट होकर चुपचाप परम उत्तम श्रीशैल पर्वत पर चली गईं

🔸वहां उन्होंने तप करने का निर्णय किया और उत्तम स्थान का चयन करने लगीं. महालक्ष्मी ने उत्तम स्थान का निश्चय करके मेरे लिंग विग्रह की उग्र तपस्या प्रारम्भ कर दी. उनकी तपस्या कठोरतम होती जा रही थी

🔹हे परमेश्वरी कुछ समय बाद महालक्ष्मी जी ने मेरे लिंग विग्रह से थोड़ा उर्ध्व में एक वृक्ष का रूप धारण कर लिया

🔸अपने पत्तों और पुष्प द्वारा निरंतर मेरा पूजन करने लगीं. इस तरह महालक्ष्मी ने कोटि वर्ष ( एक करोड़ वर्ष) तक घोर आराधना की. अंततः उन्हें मेरा अनुग्रह प्राप्त हुआ

🔹मैं वहां प्रकट हुआ और देवी से इस घोर तप की आकांक्षा पूछकर वरदान देने को तैयार हुआ.महालक्ष्मी ने मांगा कि श्रीहरि के हृदय में मेरे प्रभाव से वाग्देवी के लिए जो स्नेह हुआ है वह समाप्त हो जाए

🔸शिवजी बोले- मैंने महालक्ष्मी को समझाया कि श्रीहरि के हृदय में आपके अतिरिक्त किसी और के लिए कोई प्रेम नहीं है. वाग्देवी के प्रति उनका प्रेम नहीं अपितु श्रद्धा है

🔹यह सुनकर लक्ष्मीजी प्रसन्न हो गईं और पुनः श्रीविष्णु के ह्रदय में स्थित होकर निरंतर उनके साथ विहार करने लगी

🔸हे पार्वती! महालक्ष्मी के हृदय का एक बड़ा विकार इस प्रकार दूर हुआ था. इस कारण हरिप्रिया उसी वृक्षरूपं में सर्वदा अतिशय भक्ति से भरकर यत्नपूर्वक मेरी पूजा करने लगी

🔹हे पार्वती इसी कारण बिल्व का वृक्ष, उसके पत्ते, फलफूल आदि मुझे बहुत प्रिय है. मैं निर्जन स्थान में बिल्ववृक्ष का आश्रय लेकर रहता हूं.बिल्ववृक्ष को सदा सर्वतीर्थमय एवं सर्वदेवमय मानना चाहिए. इसमें तनिक भी संदेह नहीं है




🔸बिल्वपत्र, बिल्वफूल, बिल्ववृक्ष अथवा बिल्वकाष्ठ के चन्दन से जो मेरा पूजन करता है वह भक्त मेरा प्रिय है. बिल्ववृक्ष को शिव के समान ही समझो. वह मेरा शरीर है. जो विल्व पर चंदन से मेरा नाम अंकित करके मुझे अर्पण करता है मैं उसे सभी पापों से मुक्त करके अपने लोक में स्थान देता हूं

🔹हे देवी उस व्यक्ति को स्वयं लक्ष्मीजी भी नमस्कार करती हैं जो विल्व से मेरा पूजन करते हैं. जो बीलवमुल में प्राण छोड़ता है उसको रूद्र देह प्राप्त होता है

🔸मेरी पूजा के लिए बेल के उत्तम पत्तों का ही प्रयोग करना चाहिये
🍁प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य परम पूज्य गुरुदेव पंडित हृदय रंजन शर्मा अध्यक्ष श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भंडार पुरानी कोतवाली सर्राफा बाजार अलीगढ़ यूपी व्हाट्सएप नंबर-9756402981,8272809774

धर्म अध्यात्म Tags:बिल्वपत्र, भगवान शिव

Post navigation

Previous Post: खिलाड़ियों को स्ट्रेचिंग अपनी दिनचर्या में जोड़ना चाहिए: डॉ शिव कुमार चौहान
Next Post: Shravan month special : भगवान शिव को अर्पित की जाने वाली हर चीज़ का फल होता है अलग

Related Posts

  • Skandamata Fifth Day
    Holika Dahan 2024 : होलिका दहन की अग्नि से जानें आने वाले साल का भविष्य धर्म अध्यात्म
  • Ashtami Fast
    lunar eclipse : 07 सितंबर काे लगेगा संपूर्ण खग्रासचंद्र ग्रहण, भारत में चंद्र ग्रहण का समय धर्म अध्यात्म
  • करवा चौथ का मुहूर्त
    9 सितंबर को बन रहा है ट्रिपल 9 का दुर्लभ संयोग धर्म अध्यात्म
  • लोहड़ी पर्व
    Nag Panchami : पृथ्वी पर कैसे हुई नागों की उत्पत्ति, जानें प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित हृदयरंजन शर्मा से धर्म अध्यात्म
  • Durga Ashtami
    Mohini Ekadashi 2024 : मोहिनी एकादशी के व्रत से मोह माया से मुक्ति और मोक्ष की होती है प्राप्ति धर्म अध्यात्म
  • स्वच्छता प्रहरियों ने स्वच्छ और भव्य महाकुंभ का किया जयघोष धर्म अध्यात्म

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • होली पर धन प्राप्ति के कुछ सरल घरेलू और आसान से उपाय धर्म अध्यात्म
  • Cosco Kanpur Badminton Championship
    Cosco Kanpur Badminton Championship : मोहम्मद यूसुफ, अंशिका गुप्ता और आदित्री कटियार ने जीते बैडमिंटन के दोहरे खिताब Blog
  • राजस्व मामलों का प्राथमिकता के आधार पर तय समय में करें निस्तारण : योगी आदित्यनाथ Blog
  • इंदिरा शटलर्स के चौथे ओपन कोर्ट बैडमिंटन टूर्नामेंट बचपन से पचपन तक में रोमांच चरम पर Sports
  • टेबल टेनिस टूर्नामेंट
    टीएसएच थर्ड स्टैग ग्लोबल यूपी स्टेट रैंकिंग टेबल टेनिस टूर्नामेंट में गाजियाबाद के सार्थ और सुहाना विजयी Sports
  • Krida Bharti Online Exam : क्रीड़ा भारती कराएगा ऑनलाइन क्रीडा ज्ञान परीक्षा 2025, विजेता को मिलेगा एक लाख रुपये का इनाम Sports
  • World Cup-2023
    World Cup-2023 : दक्षिण अफ्रीका के कप्तान अचानक लौटे स्वदेश, फैंस कर रहे दुआएं Sports
  • गाय-भैंस खरीदने से पहले लोग प्रियंका की लेते हैं राय Motivation

Copyright © 2026 .

Powered by PressBook News WordPress theme