Skip to content

The Xpress News

  • Home
  • धर्म अध्यात्म
  • Health
  • Blog
  • Toggle search form
  • CSJMU badminton team
    तृतीय कॉस्को कानपुर सीनियर बैडमिंटन टूर्नामेंट 20 सितंबर से Sports
  • गणपति की भक्ति से हर विघ्न टल जाता है : दिव्या सिंह धर्म अध्यात्म
  • डॉक्टर बदलने से नहीं उचित व नियमित इलाज से दूर होती है बीमारी : डॉक्टर मधुलिका शुक्ला Health
  • Solution to Obesity
    Solution to Obesity : आधुनिक इलाज से मोटापा से छुटकारा पाना हुआ आसान, विशेषज्ञ डाक्टरों ने दिए सुझाव Health
  • करवा चौथ का मुहूर्त
    9 सितंबर को बन रहा है ट्रिपल 9 का दुर्लभ संयोग धर्म अध्यात्म
  • Makar Sankranti 2026
    Shardiya Navaratri : नौ ग्रहों को नियंत्रित करते हैं मां दुर्गा के नौ स्वरूप धर्म अध्यात्म
  • Shravan month special
    Sakat Chauth Katha : सकट चौथ की पूजा एवं कथा के विषय में पंडित हृदय रंजन शर्मा से धर्म अध्यात्म
  • Vishwakarma Puja-2023 : सृष्टि के प्रथम सूत्रधार कहे गए हैं भगवान विश्वकर्मा Blog
गणपति बप्पा मोरया

गणपति बप्पा मोरया की रोचक कथा

Posted on September 27, 2023September 27, 2023 By Manish Srivastava No Comments on गणपति बप्पा मोरया की रोचक कथा

गणेश उत्सव ये सुनते ही हम सबके दिमाग में सबसे पहले (मुंबई) के गणपती उत्सव की छवि आ जाति है । क्यु की मुंबई में कितने आनंद, श्रद्धा और विश्वास से गणेश महोत्सव मनाया जाता हैं। इससे एक कहानी याद आती है । क्या आपको पता है की हम गणपति बाप्पा मोरया क्यों कहते है?


प्रस्तुति : डॉ. रोशनी टाक

कर्नाटक के एक छोटे से गांव में गणेश जी के भक्त मोरया गोस्वामी रहते थे । वे हर जीव में गणेश जी को ही देखते थे । किसी ने घर के भार मरा हुआ चूहा फेक दिया तो वो उसका अंतिम संस्कार कर दिया करती द, ऐसे ही कोई भी पशु या पक्षी उन्हें मरा हुआ मिले तो वो उसका अंतिम संस्कार करते थे । संत जी अपनी गणेश भक्ति में ही मगन रहते थे, और जैसे मोरया स्वामी जी सारे जीवो से अत्यंत प्रेम करते थे उसी प्रकार सारे पशु पक्षी भी उनसे उतना ही प्रेम करते थे और वैसे भी जब प्रभु से प्रेम होता है, तब सब जीवों से प्रेम हो ही जाता है ।

और उन्होने कुछ समय बाद उन्होंने कर्नाटक छोड़ दिया और महाराष्ट्र आ गए। यहा भी वे गणेश जी की पहले की ही तरह नित्य भक्ति करने लगे।




अब यहां के गांव वाले भी उनकी इस कर्म से चिढ़ाने लगे, उन्होंने संत जी को गांव से निकाल दिया, गांव से उनको गणेश जी हाथ पकड़ ले जाने लगे तो संत जी ने भगवान से कहा, भगवन आप यही रहे, यही स्थापित हो जाइए कुछ भला हो गांव वालो का, तो गणेश जी ने उनकी बात मान अपने पोते आमोद से कहां की आप संत जी के संग रहे, तब आमोद भक्त मोरया गोस्वामी जी का हाथ पकड़े चलते रहे। ऐसे वे आठ गांव से गांव वालो द्वारा निकाले गए, संत मोरया गोस्वामी जी, और वही आठ गांवों में अष्ट विनायक के रूप में स्थापित है गणेश जी।

Ganesh ji
Ganesh ji

गणपति बप्पा “मोरया” क्यों कहते हैं…

भक्त मोरया गोस्वामी कर्नाटक के एक छोटे से गांव से थे, वे गणेश जी के परम भक्त थे, हर जीव में गणेश जी को ही देखते थे। किसी ने घर पर चूहा मार बाहर फेक दिया तो वो उसका अंतिम संस्कार कर दिया करते थे, कहते ये गणेश जी का वाहन है।

कोई स्वान मरा मिलता उसका भी अंतिम संस्कार कर देते, कोई चिड़िया, कोई भी जीव मृत मिलता तो उनका अंतिम संस्कार कर देते।

संत जी अपनी गणेश भक्ति में ही मगन रहते, सभी जीवो को अत्यन्त प्रेम करते थे जीव भी उनसे उतना ही प्रेम करते थे, वैसे भी जब प्रभु से प्रेम होता है न तब सब जीवो से प्रेम हो ही जाता है।

कुछ समय बाद उन्होंने कर्नाटक छोड़ दिया और महाराष्ट्र आ गए। यहां भी भक्त मोरया गणेश जी की वही नित्य की दिनचर्या, वहीं सेवा, वहीं कर्म। जो जीव मृत मिले उसका अंतिम संस्कार कर देना, श्रीगणेश का मनन, श्रीगणेश से प्रीति भक्ति।




अब यहां के गांव वाले भी उनकी इस कर्म से चिढ़ाने लगे, उन्होंने संत जी को गांव से निकाल दिया, गांव से उनको गणेश जी हाथ पकड़ ले जाने लगे तो संत जी ने भगवान से कहा, भगवन आप यही रहे, यही स्थापित हो जाइए कुछ भला हो गांव वालो का, तो गणेश जी ने उनकी बात मान अपने पोते आमोद से कहां की आप संत जी के संग रहे, तब आमोद भक्त मोरया गोस्वामी जी का हाथ पकड़े चलते रहे। ऐसे वे आठ गांव से गांव वालो द्वारा निकाले गए, संत मोरया गोस्वामी जी, और वही आठ गांवों में अष्ट विनायक के रूप

अन्तिम समय में गणेशजी ने भक्त मोरया को दर्शन दिए और उनसे पूछा आप क्या चाहते हो, बोलिए जो इच्छा हो वो पूर्ण होगी, तो भक्त जी ने कहा प्रभु मेरा नाम आप के नाम के संग जुड़ जाए बस…

फिर इन्होंने जीवित समाधि ले ली। तभी से कहते हैं, गणपति बप्पा मोरया… गणपति बप्पा मोरया कहने से गणेश जी प्रसन्न होते हैं।

हम गणपति बप्पा मोरया के नारे तो लगा लेते है पर हमे उसके पीछे का कारण नही
पता होता, पर आज हमने उसके पीछे का कारण जाना ।

Ganesh ji
Ganesh ji

8 साल मुंबई रहने के बाद जब मैं वापस अपने जन्म स्थान जयपुर आई तो मुझे लगा कि अब हम शायद मुंबई की तरह गणपति उत्सव नई मना पाएंगे, पर जहा श्रद्धा है वहा राह भी है हमने एक बार घर पर ही आटे के गणपती बनाए और गणेश उत्सव बड़े धूम धाम से मनाया, और एक बार 11 दीन के मिट्टी के एकदंत को हमरे घर विराजमान करा। और उनके आशीर्वाद से हमे काफी खुशियां और उपलप्धिया प्राप्त हुईं। इससे हमे ये मालूम पड़ता है की इससे फर्क नई पड़ता आप किस जगह पर है , फर्क पड़ता है तो बस आपकी श्रद्धा से।


https://thexpressnews.com/ganpati-immersion-shri-ganpati-immersion-know-the-auspicious-time-and-rules-of-farewell-worship-on-28th-september/

धर्म अध्यात्म Tags:Ganesh Chaturthi, Ganesh ji story, गणपति बप्पा मोरया

Post navigation

Previous Post: एसएन बीवी पीजी कॉलेज में स्वछता अभियान चलाया गया
Next Post: Health : स्वस्थ रहने पर ही हर काम में सफल होंगे : प्राची दीक्षित

Related Posts

  • कर्क राशि
    वृषभ राशि वालों के लिए कैसा रहेगा नया साल, जाने डॉ. रोशनी टाक से धर्म अध्यात्म
  • lunar eclipse
    Dashara: विजय दशमी की पूजा का मुहूर्त, अचूक मंत्र और महत्व धर्म अध्यात्म
  • कार्तिक पूर्णिमा
    Hindu New Year : हिन्दूओं का नववर्ष 9 अप्रैल से आरंभ हो रहा है, जानें गुड़ी पड़वा का महत्व धर्म अध्यात्म
  • करवा चौथ
    करवा चौथ के साथ ही त्योहारों की खुशियों का आगाज धर्म अध्यात्म
  • Shradh 2023 : किस दिन किन पूर्वजों का करना चाहिए श्राद्ध, जानिए प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. ह्रदय रंजन शर्मा जी से धर्म अध्यात्म
  • Worship of Ravana
    Worship of Ravana : कानपुर में होती है रावण की पूजा, साल में सिर्फ दशहरा में खोला जाता है दशानन मंदिर धर्म अध्यात्म

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Padma Shri Award 2024 : यूपी की 12 विभूतियों को मिलेगा पद्म श्री पुरस्कार Blog
  • गाय-भैंस खरीदने से पहले लोग प्रियंका की लेते हैं राय Motivation
  • रजनी सिंह
    पत्नी, मां और वर्दी, हर रूप में रजनी सिंह अव्वल Motivation
  • Constable Recruitment Exam
    Holi Special Trains : होली पर सफर करने से पहले जान लें इन होली स्पेशल गाड़ियों के बारे में Blog
  • PM Narendra Modi Bulandshahar Visit
    PM Narendra Modi Bulandshahar Visit : मोदी को चुनावी बिगुल फूंकने की जरूरत नहीं, मोदी विकास का बिगुल फूंकता है : प्रधानमंत्री Politics
  • Rail Week Celebration
    Rail Week Celebration : पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर मंडल ने वर्ष 2022-23 में उत्कृष्ठ कार्य करने वाले रेलकर्मियों को सम्मानित किया Railway
  • स्वाति और कनक ने युगांडा में पांच पदक जीतकर रचा भारत का नाम रोशन किया Sports
  • प्रदेश में ई ऑटो रिक्शा की ड्राइविंग सीट संभालेंगी महिलाएं Blog

Copyright © 2026 .

Powered by PressBook News WordPress theme