Aligarh : खरमास की अवधि 14 जनवरी मकर संक्रांति को समाप्त हो चुकी है। दरअसल, इस दिन भगवान सूर्य अपने पुत्र शनि देव की मकर राशि में प्रवेश कर गए है। सूर्य देव के मकर राशि में प्रवेश करते ही खरमास का समापन हो चुका है। इसी के साथ ही नए साल 2026 मे शुभ और मांगलिक कामों की शुरुआत हो चुकी है।
ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा जी ने बताया कि खरमास के समापन के बाद गृह प्रवेश, मुंडन, सगाई या नए व्यापार की शुरुआत हो गई है लेकिन विवाह नहीं होंगे। क्योंकि शुक्र ग्रह अस्त रहेंगे। शुक्र ग्रह को प्रेम, दांपत्य सुख और विवाह का कारक माना जाता है। शुक्र के अस्त होने की वजह से विवाह के शुभ मुहूर्त नहीं होते। 11 दिसंबर 2025 से ही विवाह रुके हुए हैं।
शुक्र 53 दिनों के लिए अस्त हुए हैं। इस जनवरी माह में भी शुक्र अस्त रहेंगे। ऐसे में शुक्र के उदय होने के बाद ही विवाह शुरू होंगे। शुक्र का उदय 01 फरवरी 2026 को होगा। इसलिए विवाह के सीजन की शुरुआत फरवरी 2026 से होगी।
ज्योतिषाचार्य पंडित हृदय रंजन शर्मा ने बताया कि खरमास व शुक्र के अस्त होने के कारण जनवरी में कोई भी शुभ मुहूर्त नहीं है। फरवरी में सबसे अधिक 12 मुहूर्त होंगे। उन्होंने बताया कि –
05, 06, 08, 10, 12, 14, 19, 20, 21, 24, 25 26 फरवरी को शुभ मुहूर्त हैं।
मार्च में 02, 03, 04, 07, 08, 09, 11, 12 को
अप्रैल में 15, 20, 21, 25, 26, 27, 28, 29 को शुभ मुहूर्त हैं।
मई में 01, 03, 05, 06, 07, 08, 13, 14 को
जून में 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 29 को।
और जुलाई में 01, 06, 07, 11, 12 को शुभ मुहूर्त रहेगा।
अगस्त, सितंबर व अक्तूबर महीनों में चातुर्मास (भगवान विष्णु के योग निद्रा में चले जाने पर) विवाह का कोई मुहूर्त नहीं है। नवंबर में 21, 24, 25, 26 व दिसंबर में 02, 03, 04, 05, 06, 11, 12 को शहनाई गूंजेगी।
