– दोनों पक्षों ने खाद्य सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण समझौते पर किए हस्ताक्षर
– एलएनजी की आपूर्ति को एक दीर्घकालिक समझौते पर भी किए साइन
नई दिल्ली, एजेंसी। भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने सोमवार को वर्ष 2032 तक वार्षिक व्यापार के लिए 200 अरब अमेरिकी डॉलर का लक्ष्य निर्धारित किया और एक रणनीतिक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर करने पर सहमति व्यक्त की। साथ ही ऊर्जा, अंतरिक्ष और असैन्य परमाणु क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने पर भी सहमति जताई।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यान ने संबंधों को मजबूत करने के लिए एक व्यापक एजेंडा पेश किया। मोदी ने दिल्ली हवाई अड्डे पर अल नाह्यान का गले मिलकर स्वागत किया। फिर वे एक ही वाहन में प्रधानमंत्री आवास तक साथ गए, जहां उन्होंने प्रतिनिधिमंडल स्तर के प्रारूपों में बातचीत की। यूएई के नेता की लगभग साढ़े तीन घंटे की यात्रा समाप्त होने के बाद विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि यह एक संक्षिप्त, लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण यात्रा रही। दोनों पक्षों ने उन्नत परमाणु प्रौद्योगिकियों में साझेदारी की संभावनाओं का पता लगाने का फैसला किया है। जिसमें बड़े परमाणु रिएक्टर और छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर का विकास तथा परमाणु ऊर्जा संयंत्र संचालन में सहयोग शामिल है।
दोनों पक्षों ने प्रतिवर्ष पांच लाख मीट्रिक टन एलएनजी (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) की आपूर्ति के लिए एक दीर्घकालिक समझौते पर हस्ताक्षर किए। कतर के बाद संयुक्त अरब अमीरात भारत को एलएनजी की आपूर्ति करने वाला दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक है। मिसरी ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को सहयोग के प्राथमिकता वाले क्षेत्र के रूप में पहचाना गया और यूएई के साथ साझेदारी में भारत में एक ‘सुपरकंप्यूटिंग क्लस्टर’ स्थापित करने के लिए सहयोग करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि खाड़ी देश भारत में डेटा सेंटर की क्षमता बढ़ाने के लिए निवेश पर भी विचार करेगा। विदेश सचिव ने कहा कि दोनों पक्षों ने वर्ष 2032 तक वार्षिक व्यापार के लिए 200 अरब अमेरिकी डॉलर का लक्ष्य भी निर्धारित किया है।
वर्ष 2023-24 में दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 84 अरब अमेरिकी डॉलर का था। दोनों पक्षों ने रक्षा संबंधों को व्यापक रूप से विस्तारित करने का भी संकल्प जताया। मिसरी ने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र में संयुक्त कार्य के लिए एक और आशय पत्र पर भी हस्ताक्षर किए गए। गुजरात के धोलेरा में एक ‘विशेष निवेश क्षेत्र’ के विकास में संयुक्त अरब अमीरात की भागीदारी को सुविधाजनक बनाने के लिए एक अलग दस्तावेज पर भी हस्ताक्षर किए गए। मोदी और अल नाह्यान के बीच हुई चर्चा में कई नए और उभरते क्षेत्रों में सहयोग पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिसमें भारत में ‘शांति’ अधिनियम पारित होने के मद्देनजर असैन्य परमाणु सहयोग के नए अवसर भी शामिल हैं।
मिसरी ने बताया कि खाद्य सुरक्षा से जुड़े एक समझौते पर भी हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता खाद्य क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देगा और भारत से संयुक्त अरब अमीरात को खाद्य उत्पादों तथा अन्य कृषि उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहित करेगा। मिसरी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और अल नाह्यान ने सीमा पार आतंकवाद की स्पष्ट रूप से निंदा की और कहा कि आतंकवाद के सभी कृत्यों के समर्थकों और वित्तपोषकों को न्याय के कठघरे में लाया जाना चाहिए। यूएई के राष्ट्रपति को हवाई अड्डे पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने विदाई दी।
