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Shraddha Paksha 2023 : श्राद्ध पक्ष पितृपक्ष 29 सितम्बर से, जानें क्यों महत्वपूर्ण है श्राद्ध कर्म

Posted on September 26, 2023September 26, 2023 By Manish Srivastava No Comments on Shraddha Paksha 2023 : श्राद्ध पक्ष पितृपक्ष 29 सितम्बर से, जानें क्यों महत्वपूर्ण है श्राद्ध कर्म

अलीगढ़: श्राद्ध पक्ष पितृपक्ष (Shraddha Paksha 2023) 29 सितम्बर से 14 अक्टूबर 2023 तक है। इस विषय में विस्तृत जानकारी दे रहे है श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भंडार वाले प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य परम पूज्य गुरुदेव पंडित हृदय रंजन शर्मा जी।


🌸 भाद्रपद शुक्ल पक्ष पूर्णिमा दिन शुक्रवार दोपहर 03ः27 से 29 सितंबर 2023 से अश्विन कृष्ण पक्ष अमावस्या 14 अक्टूबर 2023 दिन शनिवार (शनि अमावस्या) तक श्राद्ध पक्ष (पितृ पक्ष) रहेगा। श्राद्ध पक्ष वास्तव में पितरों को याद करके उनके प्रति श्रद्धा भाव प्रदर्शित करने और नई पीढ़ी को अपने प्राचीन वैदिक और पौराणिक संस्कृति से अवगत कराने का पुण्य पर्व है। यही नहीं पित्रों का श्राद्ध करने से जन्म कुंडली में व्याप्त पितृदोष से भी हमेशा के लिए छुटकारा मिलता है। जिस मनुष्य को अपने माता-पिता की मृत्यु तिथि ज्ञात न हो तो वह पितृ पक्ष की अमावस्या के दिन विधिपूर्वक श्राद्ध कर सकता है या प्रत्येक माह में आने वाली अमावस्या तिथि को दक्षिण दिशा की तरफ मुख करके जल द्वारा तर्पण किया जा सकता है।




इससे पितर तृप्तऔर सन्तुष्ट होते है। पापों की मुक्ति के लिए भी श्राद्ध कर्म करना श्रेष्ठ माना गया है। कहते हैं कि जो मनुष्य अपने पूर्वजों का श्राद्ध श्रद्धा पूर्वक नहीं करता या बे मन से करता है। उसके द्वारा की गई की गई पूजा पाठ को भगवान भी स्वीकार नहीं करते हैं। श्राद्ध करते समय किसी भी प्रकार का दिखावा या आडंबर नहीं करना चाहिए व्यक्ति को अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार ही श्राद्ध में दान आदि करना उचित है। धन के अभाव में घर में निर्मित खाद्य पदार्थ को अग्निदेव को समर्पित करके जल से तर्पण करते हुए गौ माता को खिलाकर भी श्राद्ध कर्म पूरा किया जा सकता है। पितृ कार्य के लिए दोपहर का समय सर्वोत्तम समय समझा जाता है। क्योंकि पित्रों के लिए मध्यान दोपहर ही भोजन का सर्वोत्तम समय है।

पूर्वाहन में सॉयकाल रात्रि चतुर्दशी तिथि और परिवार में किसी सदस्य या स्वयं के जन्मदिन के दिन श्रादृ कभी नहीं करना चाहिए। ब्राह्मण भोजन से पहले पंचवली यानी गाय, कुत्ता कौआ, देवता और चीटियों के लिए भोजन सामग्री पत्ते या दोंने में अवश्य निकालें। जिस घर में पितरों का श्राद्ध होता है उनके सकल मनोरथ सिद्ध होते हैं। घर परिवार, व्यवसाय तथा आजीविका में उन्नति होती है साथ ही शिक्षा व्यापार अथवा वंश वृद्धि में आ रही रुकावटें हमेशा के लिए दूर हो जाती हैं।

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें…
प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य परमपूज्य गुरुदेव पंडित ह्रदय रंजन शर्मा अध्यक्ष श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भंडार वाले पुरानी कोतवाली सराफा बाजार अलीगढ़ यूपी व्हाट्सएप नंबर -9756402981,7500048250


https://thexpressnews.com/shradh-2023-on-which-day-shradh-should-be-performed-for-which-ancestors-know-from-famous-astrologer-pt-hridaya-ranjan-sharma-ji/

धर्म अध्यात्म Tags:Shraddha Paksha 2023, क्यों महत्वपूर्ण है श्राद्ध कर्म

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