Skip to content

The Xpress News

  • Home
  • धर्म अध्यात्म
  • Health
  • Blog
  • Toggle search form
  • Asia Cup India vs UAE :भारत ने यूएई को नौ विकेट से हराया Sports
  • प्रदेश में ई ऑटो रिक्शा की ड्राइविंग सीट संभालेंगी महिलाएं Blog
  • आशुतोष सत्यम झा
    आशुतोष सत्यम झा बने विद्या भारती राष्ट्रीय बैडमिंटन प्रतियोगिता के संयोजक Sports
  • Hartalika Teej 2024 : हरतालिका तीज की व्रत कथा धर्म अध्यात्म
  • स्मार्ट मीटर को लेकर भ्रम में न आएं, OTP से सत्यापन कराएं General
  • चंचल खटाना
    A Journey of Struggle, Success and Inspiration – The Pride of India Motivation
  • Surya Namaskar Week
    Surya Namaskar Week : सूर्य नमस्कार सप्ताह के चौथे दिन उत्साह पहुंचा चरम पर, देखें वीडियो Sports
  • Ram Navami : जानें हवन, यज्ञ, अनुष्ठान, दुर्गा सप्तशती का पाठ, कन्या लांगुर की संपूर्ण जानकारी धर्म अध्यात्म

Shravan month special : भगवान शिव और श्रावण मास का आपस में है बहुत गहरा संबंध

Posted on July 19, 2024 By Manish Srivastava No Comments on Shravan month special : भगवान शिव और श्रावण मास का आपस में है बहुत गहरा संबंध

अलीगढ़ (Shravan month special) : भगवान शिव और श्रावण मास का आपस में बहुत गहरा संबंध है तो आइए आज आपको इस विषय पर विस्तृत जानकारी दे रहे हैं श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भंडार वाले प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य परम पूज्य गुरुदेव पंडित हृदय रंजन शर्मा व्हाट्सएप नंबर.9756402981, 7500048250

🍁 सभी बारह महीनों का नाम बारह नक्षत्रों पर अधारित है और जिस तरह बारह राशियां होती है उसी तरह एक साल में बारह महीने भी होते हैं.

🍁 श्रावण महीने का नाम श्रवण नक्षत्र पर अधारित है.

🍁 जब भी श्रावण मास या श्रवण नक्षत्र का नाम आता है तब श्रवण कुमार की निःस्वार्थ माता – पिता की भक्ति याद आ जाती है.

🍁 श्रवण नक्षत्र के स्वामी चन्द्रदेव और देवता भगवान विष्णु जी हैं.

🍁 जब भगवान विष्णु ने वामन अवतार में राजा बलि से तीन पग धरती मांगा था उस समय श्रवण नक्षत्र था.

🍁 सावन या श्रावण साल का पांचवा महीना होता है और कुंडली का पांचवा भाव प्रेम, संतान, पूर्वपुण्य और ईष्ट देवता का होता है.




🍁 कहा जाता है कि जब समुद्र मंथन चल रहा था तो उस समय श्रावण मास था और जब मंथन से हलाहल विष निकला और भगवान शिव ने उसे ग्रहण किया तब माता पार्वती ने विष को उनके गले में रोक दिया था जिससे विष उदर तक नहीं पहुंच सका जिससे भगवान शिव नीलकंठ कहलाये लेकिन हलाहल विष गले में रुककर भगवान शिव को पीड़ा देने लगा.

🍁 उस पीड़ा से भगवान शिव को बचाने के लिए तीन घटनाये हुई –

♦️ चन्द्रदेव जो कि समुद्र मंथन से निकले थे वे भगवान शिव के मस्तक पर विराजमान हुए जिससे भगवान शिव को शीतलता मिले और इसी कारण भगवान शिव को चंद्रशेखर कहा जाता है.

♦️ देवताओ ने वर्षा की ताकि भगवान शिव को शीतला मिले इसीलिए सावन मास में भगवान शिव को जलाभिषेक करने का विशेष महत्व है.

♦️ उस समय का भगवान शिव का कोई महान भक्त (शायद रावण) कांवर में गंगाजल लेकर आया और भगवान शिव को चढ़ाया जिससे भगवान शिव हलाहल विष से पीड़ामुक्त हुए.

🍁 सावन मास में ही मार्कंडेय ऋषि ने भगवान शिव की तपस्या की थी.

🍁 जिस तरह सतयुग में ब्रह्मा जी का, त्रेतायुग में सूर्यदेव का और द्वापर युग में विष्णु भगवान का अधिपत्य या प्रभाव अधिक है उसी तरह कलियुग में गौरीपति भावगन शिव का विशेष महत्व है.

🍁 भगवान विष्णु सृष्टि के पालनकर्ता है लेकिन अषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी जिसे देवयानी एकादशी कहते हैं से भगवान विष्णु चार महीने के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं जिससे सृष्टि के पालन की जिम्मेदारी भगवान शिव पर आ जाती है.

🍁 इसलिए भी सावन मास में भगवान शिव की विशेष आराधना की जाती है.

🍁 वैसे तो भगवान शिव का निवास स्थान कैलाश पर्वत है लेकिन कलियुग में भगवान शिव पृथ्वी छोड़ किसी अन्य लोक में चले गए लेकिन सावन महीने में वे अपने ससुराल (हिमालयराज के घर) आते हैं और पूरा सावन मास यहीं व्यतीत करते हैं.

🍁इसलिए सावन मास में कुँवारे हो या शादीशुदा, स्त्री हो या पुरुष सभी भगवान शिव की उपासना कर प्रेम की कामना करते हैं.

🍁 सावन मास में नये व्रतों की शुरुआत करना अच्छा माना जाता है.

🍁 सावन मास में सोमवार का दिन हो श्रवण या मघा नक्षत्र हो उस दिन कन्याए सोलह सोमवार के व्रत का संकल्प लेकर सोमवार व्रत की शुरुआत करे तो तो भगवान भोलेनाथ शीघ्र ही प्रसन्न होते हैं और सुयोग्य एवं मनोवांछित वर का आशीर्वाद देते हैं.

🍁भगवान शिव को आक, कनेर, बेला, जूही, धतूरा और चमेली के फूल अति प्रिय है साथ में शमी के पत्ते एवं फूल और दूर्वा भी भगवान शिव को अति प्रिय है.




🍁 सबसे अधिक प्रिय है बेलपत्र…..और यदि बेलपत्र पर राम नाम लिख कर शिव जी को चढ़ाया जाय तो भगवान बहुत प्रसन्न होते हैं.

🍁 भगवान शिव और भगवान विष्णु में अन्तर नहीं करना चाहिए….जो भगवान शिव की पूजा करता है और भगवान विष्णु की निंदा या भगवान विष्णु की पूजा करता है और शिव जी की निंदा उस पर कोई भी प्रसन्न नहीं होता और उसका पतन निश्चित है.

🍁 सावन का महीना प्रेम और भक्ति का है…..प्रेम से भगवान शिव की आराधना करके प्रेम की कामना करिये.

🌞प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य परम पूज्य गुरुदेव पंडित हृदय रंजन शर्मा अध्यक्ष श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भण्डार वाले पुरानी कोतवाली सर्राफा बाजार अलीगढ़ यूपी व्हाट्सएप नंबर.9756402981,7500048250

धर्म अध्यात्म Tags:Shravan month special

Post navigation

Previous Post: Shravan month special : सोने के शिवलिंग पर अभिषेक करने से स्वर्ग की होती है प्राप्ति
Next Post: अच्छे इलाज की सही जानकारी देने में मीडिया का रोल अहम : डॉक्टर मधुलिका शुक्ला

Related Posts

  • Skandamata Fifth Day
    28 अप्रैल से सभी प्रकार के शुभ और मांगलिक कार्यों पर लगी सवा दो महीने तक रोक धर्म अध्यात्म
  • Shri Hanuman Jayanti
    Shri Hanuman Jayanti : हनुमान जन्मोत्सव 12 अप्रैल को, जब हनुमान जी गए शिक्षा ग्रहण करने धर्म अध्यात्म
  • रामोत्सव 2024
    रामोत्सव 2024 : अयोध्या में अब कंकड़-पत्थर भी सुनाएंगे प्रभु श्रीराम की गौरवगाथा धर्म अध्यात्म
  • करवा चौथ का मुहूर्त
    Durga Ashtami -2025 : दुर्गा अष्टमी को होगी माता महागौरी की पूजा, जानें पूजा विधि व मुहूर्त धर्म अध्यात्म
  • Durga Ashtami
    Navratri fasting method : नवरात्री व्रत के दौरान क्या करें क्या न करे, क्‍या मिलता है फल धर्म अध्यात्म
  • Ashtami Fast
    Dashara: विजय दशमी की पूजा का मुहूर्त, अचूक मंत्र और महत्व धर्म अध्यात्म

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • शहीद कैप्टन आयुष यादव डिस्ट्रिक्ट फुटबॉल लीग
    Football league : हर्ष स्पोर्टिंग और कैंटोनमेंट क्लब ने जीते अपने मुकाबले Sports
  • 20 से 30 मिनट दौड़ें या जॉगिंग करें : बिंदिया शर्मा Health
  • रेल यात्रा वृत्तांत पुरस्कार योजना–2026: यात्रियों की कहानियों को मिलेगा सम्मान Railway
  • ब्रह्मचारिणी
    Mahakal Bhairav Ashtami 2023 : भगवान शंकर का पूर्ण रूप है काल भैरव, जानें विस्तार से धर्म अध्यात्म
  • Ganesha and Lakshmi Pooja : आखिर क्यों की जाती है गणेश-लक्ष्‍मी की पूजा एक साथ धर्म अध्यात्म
  • World Health Day
    World Health Day : इंडियन मेडिकल एसोसिएशन विश्व स्वास्थ्य दिवस पर विशाल स्वास्थ शिविर आयोजित करेगा Health
  • Maha Kumbh-2025
    Maha Kumbh-2025 : अत्याधुनिक उपकरणों से हो रही ‘संगम’ की सुरक्षा और निगरानी Maha Kumbh-2025
  • आर्टिफिशियल प्लांट
    खूबियों वाले प्लांट के साथ स्कॉलरशिप गर्ल की शहर में दस्तक Blog

Copyright © 2026 .

Powered by PressBook News WordPress theme