Skip to content

The Xpress News

  • Home
  • धर्म अध्यात्म
  • Health
  • Blog
  • Toggle search form
  • करवा चौथ का मुहूर्त
    घर में शिवलिंग स्थापित करने के विषय में सोच रहे हैं तो इन बातों का रखें विशेष ध्यान धर्म अध्यात्म
  • Devendra Nath Memorial Basketball Competition
    Basketball Competition : राजेंद्र बहादुर मिश्रा ने जीता 71वर्ष की आयु में प्रदेश बैडमिंटन का स्वर्ण Sports
  • Sports Week Ends
    Sports Week Ends : क्रीडा भारती खेल सप्ताह का खेल प्रशिक्षकों के सम्मान के साथ समापन Sports
  • सांसद खेल स्पर्धा
    सांसद खेल स्पर्धा में सुविज्ञा, प्रेक्षा और दक्ष ने जीते दोहरे खिताब Sports
  • Renewable Energy
    Renewable Energy : अब रिन्यूएबल एनर्जी से रौशन होगा प्रदेश UP Government News
  • Padma Shri Award 2024 : यूपी की 12 विभूतियों को मिलेगा पद्म श्री पुरस्कार Blog
  • BJP candidate first list : पीएम का वाराणसी से चुनाव लड़ना पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात : योगी आदित्यनाथ, देखें पूरी लिस्ट Lok Sabha Election 2024
  • डॉक्टर बदलने से नहीं उचित व नियमित इलाज से दूर होती है बीमारी : डॉक्टर मधुलिका शुक्ला Health
होली

100 साल बाद बना ऐसा दुर्लभ संयोग! 3 मार्च को नहीं, जानें क्यों 4 मार्च को खेली जाएगी होली

Posted on February 25, 2026February 25, 2026 By Manish Srivastava No Comments on 100 साल बाद बना ऐसा दुर्लभ संयोग! 3 मार्च को नहीं, जानें क्यों 4 मार्च को खेली जाएगी होली

होली 2026 की तारीखों का बड़ा कन्फ्यूजन –
आमतौर पर परंपरा यह है कि पूर्णिमा की रात होलिका दहन होता है और अगली सुबह प्रतिपदा तिथि में रंग खेला जाता है. लेकिन 2026 में ग्रहों की चाल ने इस क्रम को बदल दिया है –
🔸 होलिका दहन –

3 मार्च को प्रदोष काल मे शाम 06:46 से रात्रि 08:49 तक रहेगा।

बीच का दिन (विराम): 3 मार्च 2026 (मंगलवार – सूतक और ग्रहण काल)

रंगों की होली (धुलेंडी): 4 मार्च 2026 (बुधवार)

भद्रा का साया : क्यों रात 12:50 के बाद ही होगा होलिका दहन ?
शास्त्रों में स्पष्ट उल्लेख है ‘भद्रायां द्वे न कर्तव्ये श्रावणी फाल्गुनी तथा’ यानी भद्रा काल में रक्षाबंधन और होलिका दहन वर्जित है.

2 मार्च 2026 को शाम 05:55 बजे से पूर्णिमा तिथि शुरू होते ही ‘भद्रा’ का आगमन भी हो जाएगा. भद्रा को सूर्य देव की पुत्री और शनि देव की बहन माना गया है, जिनका स्वभाव अत्यंत उग्र है. श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भंडार वाले प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा जी के अनुसार, भद्रा का मुख काल बेहद अशुभ होता है. इसलिए, जब भद्रा का ‘पुच्छ’ (पूछ) भाग समाप्त होगा, तभी होलिका की अग्नि प्रज्वलित की जाएगी.




भद्रा समाप्ति का समय: रात 12:50 बजे (2 मार्च की देर रात)
होलिका दहन का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त: रात 12:50 AM से 02:02 AM के बीच (2 मार्च की देर रात)

2026 की होली को जो चीज़ सबसे ज्यादा ‘विशेष’ और ‘दुर्लभ’ बनाती है, वह है पूर्ण चंद्र ग्रहण। यह ग्रहण 3 मार्च 2026 को लगेगा.

यह ग्रहण भारत में चंद्रोदय से पूर्व ही प्रारंभ हो जाएगा यह चंद्र ग्रहण भारत के अधिकांश हिस्सों ग्रस्तोदित रूप में देखा जा सकेगा।

2024 और 2025 की होली पर भी ग्रहण लगे थे, लेकिन वे भारत में दिखाई नहीं दिए थे, इसलिए उनका धार्मिक प्रभाव शून्य था. मगर 2026 का चंद्र ग्रहण भारत में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा.

सूतक काल शुरू: 3 मार्च 2026 की सुबह से (ग्रहण से 9 घंटे पहले).
ग्रहण का समय: दोपहर 03:19 बजे से शाम 06:47 बजे तक.

🔸 क्यों नहीं खेलेंगे रंग ? ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा जी अनुसार, सूतक काल और ग्रहण के दौरान उत्सव मनाना, शोर मचाना, भोजन करना और रंगों से खेलना वर्जित है. यह समय साधना और ईश्वर भक्ति का होता है. यही कारण है कि 3 मार्च को पूरा देश ‘सूतक’ में रहेगा और रंग नहीं खेले जाएंगे.

🔹 100 साल बाद ऐसा दुर्लभ संयोग क्यो –
ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा का कहना है कि होली के दिन ‘पूर्ण चंद्र ग्रहण’ का भारत में दिखाई देना एक शताब्दी घटना जैसा है. जब चंद्रमा पृथ्वी की गहरी छाया से गुजरता है, तो वह तांबे जैसा लाल दिखने लगता है, जिसे ‘ब्लड मून’ कहते हैं. 2026 में होली की अग्नि के अगले ही दिन इस ‘लाल चाँद’ का दिखना आध्यात्मिक और वैज्ञानिक दोनों दृष्टि से एक बड़ी घटना है. साल 2026 के पहले चंद्र ग्रहण के समय, चंद्रमा सिंह राशि में केतु के साथ होंगे. ऐसे में सिंह राशि वालों पर इसका सीधा प्रभाव पड़ने वाला है. इससे पहले भारत देश मे ये दुर्लभ संयोग 100 साल पहले 08 मार्च 1926 मे होली पर चन्द्रग्रहण वाले दिन ही बना था।




सूतक और ग्रहण काल के दौरान क्या-क्या विशेष सावधानी बरतनी चाहिए 03 मार्च 2026 मंगलवार को प्रातः 6:20 से ग्रहण काल के सूतक प्रारंभ हो जाएंगे सूतकों में बाल वृद्ध रोगी आसक्त जनों को छोड़कर किसी अन्य को भोजन शयनादि नहीं करना चाहिए उदर (गर्भ) में जिन माताओ बहनों के गर्भस्थ शिशु पल रहे हैं उन्हें तीक्ष्ण धारदार चाकू छुरी कैंची आदि से फल सब्जी कपड़े इत्यादि को नहीं काटना चाहिए उन्हें अपने हाथ और पैरों के नाखूनों पर गेरू को लगाना चाहिए थोड़ा सा गिर मुंह में निगलले (खाना चाहिए) थोड़ा सा गेरू सिर के पल्लू पर या बालों में गेरू लगाना चाहिए ,व ग्रहण की सूतक से लेकर ग्रहण कल के दौरान अपने पति के किसी भी स्पर्श से दूर रहें उन्हें इस बीच ग्रहण जन्म दूषित समयको भगवान के भजन पूजन गुरु मंत्र आदि शुभ कार्य में लगाना चाहिए प्रातः 6:20 के बाद सभी मंदिरों के पट बंद रहेंगे जिससे देव दर्शन नहीं हो सकेंगे ग्रहण कल के बाद प्रत्येक व्यक्ति को स्नान आदि से निवृत्त होने के बाद अपने भगवान जी को स्नान कराये उन्हें भोग प्रसाद लगाये उसके बाद दान पुण्य करना अत्यंत शुभ माना जाता है

ग्रहण की समाप्ति और शुद्धिकरण के बाद, 4 मार्च 2026, बुधवार को रंगों का त्योहार (धूल, धुलैंडी,छरैडी) मनाया जाएगा.
प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य परम पूज्य गुरुदेव पंडित हृदय रंजन शर्मा अध्यक्ष श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भण्डार वाले पुरानी कोतवाली सर्राफा बाजार अलीगढ़ यूपी.9756402981,7500048250

धर्म अध्यात्म Tags:होली

Post navigation

Previous Post: जुगल देवी सरस्वती विद्या मंदिर में सप्तशक्ति संगम समागम समापन समारोह सम्पन्न
Next Post: होलिका परिक्रमा का मंत्र कौन सा है किस प्रकार से हमे होली की पूजा-पाठ करनी चाहिए

Related Posts

  • चाय बागान से निकल पहली बार बाहर आए कर्मयोगियों राम मंदिर देख हुए अभिभूत, देखें वीडियो धर्म अध्यात्म
  • Dhanteras
    Dhanteras 2023 : धनतेरस पर ये उपाय किया तो बरसेगी मां लक्ष्मी की विशेष कृपा धर्म अध्यात्म
  • कर्क राशि
    मीन राशि वालों के लिए कैसा होगा नया साल, जानें डॉ रोशनी टाक से धर्म अध्यात्म
  • Ganesh Chaturdashi ke shubh yog
    Ganesh chaturthi 2025 : इस बार चार शुभ योगों में मनाई जाएगी श्री गणेश चतुर्दशी, जानें शुभ मुहूर्त धर्म अध्यात्म
  • हरतालिका तीज व्रत (गौरी तृतीया व्रत) 26 अगस्त 2025 दिन मंगलवार को है, जानें चमत्कारी उपाय धर्म अध्यात्म
  • Durga Ashtami
    Karva Chauth ka pauranik mahatve : मां पार्वती ने सबसे पहले रखा था करवा चौथ का व्रत धर्म अध्यात्म

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • शैलपुत्री
    Kamada Ekadashi Vrat : पंडित हृदयरंजन शर्मा से जाने कामदा एकादशी व्रत का महत्व धर्म अध्यात्म
  • बो स्ट्रिंग स्टील गर्डर रेलवे ब्रिज
    अयोध्या में 10 करोड़ की लागत से 6 महीने में बनकर तैयार होगा ‘बो स्ट्रिंग स्टील गर्डर रेलवे ब्रिज’ UP Government News
  • मकर संक्रांति
    Makar Sankranti 2025 : मकर संक्रांति का राशियों पर पड़ेगा क्या प्रभाव, जानें पंडित हृदय रंजन शर्मा से धर्म अध्यात्म
  • फिटनेस मॉडल गरिमा बरनोलिया
    महत्वपूर्ण हेल्थ टिप्स फिटनेस मॉडल गरिमा बरनोलिया के संग Health
  • Durga Ashtami
    Durga Ashtami : दुर्गा अष्टमी में माता महागौरी की पूजा की जानें विधि व महत्व धर्म अध्यात्म
  • डॉक्टर मधुलिका शुक्ला
    सफलता का दूसरा नाम है डॉक्टर मधुलिका शुक्ला Health
  • यूएई के राष्ट्रपति
    एयरपोर्ट पहुंच मोदी ने की यूएई के राष्ट्रपति की मेजबानी General
  • Kanya Sumangala Yojana
    Kanya Sumangala Yojana : अप्रैल से कन्या सुमंगला योजना में मिलेंगे 25 हजार रुपये: सीएम योगी Politics

Copyright © 2026 .

Powered by PressBook News WordPress theme