Skip to content

The Xpress News

  • Home
  • धर्म अध्यात्म
  • Health
  • Blog
  • Toggle search form
  • Diwali 2023
    Diwali 2023 : दीपावली पर्व का जानें ऐतिहासिक, पौराणिक एवं वैज्ञानिक महत्व धर्म अध्यात्म
  • TSH Stag Global 3rd यूपी स्टेट रैंकिंग टेबल टेनिस टूर्नामेंट 14 से Sports
  • कोलकाता और चेन्नई के मैच में धोनी के रंग में रंग सकता है ईडन गार्डन्स Sports
  • कार्तिक पूर्णिमा
    द्वितीय ब्रह्मचारिणी 10 अप्रैल, जानें पूजा विधि धर्म अध्यात्म
  • एथलीट अहाना मिश्रा
    नवाबी शहर लखनऊ की शान हैं स्टार एथलीट अहाना मिश्रा Motivation
  • Shri Hanuman Jayanti
    Shri Hanuman Jayanti : हनुमान जन्मोत्सव 12 अप्रैल को, जब हनुमान जी गए शिक्षा ग्रहण करने धर्म अध्यात्म
  • सांसद खेल स्पर्धा
    सांसद खेल स्पर्धा में खिलाड़ियों ने बैडमिंटन और टेबल टेनिस में दिखाया दम Sports
  • डॉ. मधुलिका शुक्ला
    विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने डॉ. मधुलिका शुक्ला को किया सम्मानित Blog
ब्रह्मचारिणी

Sakat Chauth Puja 2024 : सकट चौथ की पूजन, मुहूर्त, व्रत कथा व पूजा विधि जानें पंडित हृदय रंजन शर्मा से

Posted on January 23, 2024January 23, 2024 By Manish Srivastava No Comments on Sakat Chauth Puja 2024 : सकट चौथ की पूजन, मुहूर्त, व्रत कथा व पूजा विधि जानें पंडित हृदय रंजन शर्मा से

सकट चौथ 29 जनवरी 2024 को है। सकट चौथ के पूजन, मुहूर्त, व्रत कथा व पूजा विधि के विषय में विस्तृत जानकारी दे रहे हैं प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य गुरुदेव पंडित हृदय रंजन शर्मा, अध्यक्ष श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भंडार पुरानी कोतवाली सराफा बाजार अलीगढ़ यूपी।

🏵 सकट चौथ तारीख:- 29 जनवरी 2024 वार:- सोमवार चतुर्थी तिथि की शुरुआत:-सुबह 06:11 बजे से
🏵चतुर्थी तिथि समाप्त:-30 जनवरी 2024 सुबह 08:55 दिन मंगलवार

🔥 संकष्टी चतुर्थी, सकट चौथ व्रत साल 2024 में 29 जनवरी दिन सोमवार को पड़ रहा है। 2024 में संकष्टी चतुर्थी, सकट चौथ व्रत के पर्व पर महिलाएं अपने परिवार की सुख और समृद्धि के लिए निर्जल व्रत रखती है और गणेश जी की बड़े ही धूमधाम से पूजा करती है। जिससे उनके परिवार पर कभी भी किसी तरह की कोई समस्याएं न आए। सकट चौथ को गणेश चतुर्थी, तिलकूट चतुर्थी , संकटा चौथ, तिलकुट चौथ के नाम से जाना जाता हैं। सकट चौथ पर चंद्रोदय का समय 29 जनवरी दिन सोमवार को रात्रि 9.27 मिनट पर शुभ मुहूर्त हैं




🏵 पुत्र की सफलता के लिए सभी महिलाएं रखती हैं सकट चौथ व्रत

🏵 सभी महिलाएं अपने पुत्र की सफलता के लिए सकट चौथ व्रत को निर्जला रखती हैं। सभी व्रत रखने वाली महिलाएं शाम को गणेश पूजा और चंद्रमा को अर्घ्य देकर ही प्रसाद के साथ खाना खाती हैं। महाभारत काल में श्रीकृष्ण की सलाह पर पांडु पुत्र धर्मराज युधिष्ठिर ने सबसे पहले सकट चौथ व्रत को ही रखा था। तब से लेकर अब तक सभी महिलाएं अपने पुत्र की सफलता के लिए सकट चौथ व्रत रखती हैं

🔥 संकट चौथ पर गणेश की ऐसे करें पूजा

♦ गणेश की पूजा करते समय आपका मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए
♦ गणेश की पीठ के दर्शन भूलकर भी न करें
♦ गणेश जी को दुर्वा, पुष्प, रोली, फल सहित मोदक व पंचामृत को पूजन में अवश्य शामिल करें
♦ गणपति का विधिवत रूप से स्नान करके उनकी पूजा करें
♦ सकट चौथ के दिन गणेश को तिल के लड्डू चढ़ाने का भी विशेष महत्व माना जाता है
♦ गणेश की पूजा के समय संकष्टी चतुर्थी व्रत की कथा अवश्य सुनें, एवं गणपति की आरती करें
♦ॐ गणेशाय नम: अथवा ॐ गं गणपतए नम:, मंत्र का जाप बहुत ही शुभ माना जाता है




🔥 संकट चौथ की यह है पौराणिक व्रत कथा

🔥 माघ महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी संकष्टी गणेश चतुर्थी, तिलकूट चतुर्थी, संकटा चौथ, तिलकुट चौथ व्रत को लेकर एक कथा भी प्रचलित है। कहा जाता है कि सत्यवादी राजा हरिशचंद्र के राज में एक ब्राम्हण व उसकी पत्नी भी रहते थे। एक समय उनका एक पुत्र की प्राप्ति हुई और कुछ समय बाद वे मृत्यु को प्राप्त हो गए। ब्राम्हणी दुखी लेकिन पुत्र के जीवन को संवारना ही उसका लक्ष्य था। अतः वह गणपति का चौथ का व्रत रखते हुए उसकी परवरिश करने लगी। एक दिन एक कुम्हार ने बच्चे की बलि अपनी कन्या के विवाह के उद्देश्य से धन के लिए दे दी। इसके बाद वह कष्टों में घिर गया जबकि बच्चा खेलता हुआ मिला। यह वृत्तांत जब राजा हरिशचंद्र को सुनाया गया तो वह उसने व्रत की महिमा बताई

🏵 तिल चौथ’ सकट चौथ पर चंद्रोदय का समय 29 जनवरी दिन सोमवार को रात्रि 09:27 बजे पर शुभ मुहूर्त हैं। सबसे पहले सभी महिलाएं गणेश की मूर्ति को पंचामृत से स्नान कराने के बाद फल, लाल फूल, अक्षत, रोली, मौली अर्पित करें और फ़िर तिल से बनी वस्तुओं अथवा तिल-गुड़ से बने लड्डुओं का भोग लगाकर गणेश की पूजा की जाती है। सकट चौथ पर 108 बार गणेश मंत्र – ‘ॐ गणेशाय नमः’ का जाप करें, अपने हर दुःख को भगवान गणेश से कहे। इससे आप पर आने वाली हर समस्या का समाधान हो जाएगा और जो भी परेशानियां आएंगी उससे भी मुक्ति मिल जाएगी।




🏵 प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य गुरुदेव पंडित हृदय रंजन शर्मा अध्यक्ष श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भंडार पुरानी कोतवाली सर्राफा बाजार अलीगढ़ यूपी व्हाट्सएप नंबर-9756402981,7500048250 *


https://youtu.be/-XX2LFJvEFU

धर्म अध्यात्म

Post navigation

Previous Post: सपनों की उड़ान भरने को तैयार “परी”
Next Post: Sakat Chauth Katha : सकट चौथ की पूजा एवं कथा के विषय में पंडित हृदय रंजन शर्मा से

Related Posts

  • ब्रह्मचारिणी
    Pitru Paksh 2023 : तर्पण के लिए सर्वोत्तम तिथियॉ हैं 3, 7 और 14 अक्टूबर : पं. ह्रदयरंजन शर्मा धर्म अध्यात्म
  • Kharmas
    Kharmas 16 December : खरमास 16 दिसंबर से 14 जनवरी तक रहेगा, क्‍यों निषेध रहते हैं मांगलि‍क कार्य, जानें पं हृदय रंजन शर्मा जी से धर्म अध्यात्म
  • Ganpati Immersion : श्री गणपति विसर्जन 28 सितंबर को, जानें शुभ मुहूर्त और बिदाई पूजन के नियम धर्म अध्यात्म
  • Durga Ashtami
    Karva Chauth ka pauranik mahatve : मां पार्वती ने सबसे पहले रखा था करवा चौथ का व्रत धर्म अध्यात्म
  • कार्तिक पूर्णिमा
    द्वितीय ब्रह्मचारिणी 10 अप्रैल, जानें पूजा विधि धर्म अध्यात्म
  • Ayodhya Greenfield Township
    Ayodhya Greenfield Township : 25 हजार श्रद्धालुओं के रुकने के लिए तैयार हो रही टेंट सिटी धर्म अध्यात्म

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • सूर्य नमस्कार सप्ताह
    रथ सप्तमी के अवसर पर क्रीड़ा भारती आयोजित करेगा सूर्य नमस्कार सप्ताह Sports
  • Durga Navami
    Shri Ram Navami : जानें श्री राम नवमी की पूजा विधि, व्रत कथा और व्रत का फल धर्म अध्यात्म
  • स्वच्छता प्रहरियों ने स्वच्छ और भव्य महाकुंभ का किया जयघोष धर्म अध्यात्म
  • बैडमिंटन प्रतियोगिता 23 जनवरी से Sports
  • Kharmas
    Diwali 2025 : श्री गणेश महालक्ष्मी की पूजन विधि व शुभ मुहूर्त Blog
  • UP board result
    UP board result : हाईस्कूल और इण्टरमीडिएट में सीतापुर के परीक्षार्थियों का रहा दबदबा Education
  • TSH Stag Global UP State Third Ranking Table Tennis Tournament : वेटरन खिलाडियों ने भी दिखाया अपना दम Sports
  • होली
    Mauni Amavasya : मौनी अमावस्या का जानें महत्व, व्रत नियम, उपाय, कथा और मुहूर्त Blog

Copyright © 2026 .

Powered by PressBook News WordPress theme