Skip to content

The Xpress News

  • Home
  • धर्म अध्यात्म
  • Health
  • Blog
  • Toggle search form
  • इज्जतनगर मंडल रेल
    इज्जतनगर मंडल रेल प्रबंधक सुश्री रेखा यादव ने सेवानिवृत्त हुए रेलकर्मियों को सम्मानित किया Railway
  • शहीद कैप्टन आयुष यादव डिस्ट्रिक्ट फुटबॉल लीग
    Football league : हर्ष स्पोर्टिंग और कैंटोनमेंट क्लब ने जीते अपने मुकाबले Sports
  • गोमतीनगर-जयपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस
    गोमतीनगर-जयपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस कायमगंज स्टेशन पर रुकेगी, जानें समय Railway
  • India vs New Zealand practice
    India vs New Zealand practice : अभ्यास सत्र में लय में दिखे रोहित शर्मा और विराट कोहली Blog
  • Railway's appeal
    Railway’s appeal : कोहरे में रेलवे लाइन पर न बैठे और न ही मवेशियों को लाइन के पास जाने दें Railway
  • Ayodhya 30 December 2023
    Ayodhya 30 December 2023 : अयोध्या में विकास के नये युग का सूत्रपात Blog
  • Lohri-2026
    मकान की नींव में सर्प और कलश आखिर क्यों गाड़े जातें हैं? जानें पं. हृदय रंजन शर्मा जी धर्म अध्यात्म
  • Lohri-2026
    Lohri-2026 : आखिर क्यों मनाया जाता है लोहड़ी का त्यौहार, जानें पं हृदय रंजन शर्मा जी से धर्म अध्यात्म
Karva Chauth ka pauranik mahatve

Mohini Ekadashi 2024 : मोहिनी एकादशी के व्रत से मोह माया से मुक्ति और मोक्ष की होती है प्राप्ति

Posted on May 10, 2024 By Manish Srivastava No Comments on Mohini Ekadashi 2024 : मोहिनी एकादशी के व्रत से मोह माया से मुक्ति और मोक्ष की होती है प्राप्ति

अलीगढ़ : मोहिनी एकादशी 19 मई 2024 (Mohini Ekadashi 2024) रविवार विशेष, पौराणिक कथा पूजा विधि एवं व्रत के पारण के विषय में विस्तृत जानकारी दे रहे हैं प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य परम पूज्य गुरुदेव पंडितहृदय रंजन शर्मा अध्यक्ष श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भंडार पुरानी कोतवाली सर्राफा बाजार अलीगढ़ यूपी व्हाट्सएप नंबर-9756402981,7500048250 *

🌻एकादशी व्रत तिथि 19 मई 2024 रविवार को ही मोहिनी एकादशी का व्रत उपवास रखना उत्तम माना जाएगा

🌻पारण का समय (20 मई 2024) सोमवार प्रातः05:28 से 09:02 बजे तक
🌻एकादशी तिथि आरंभ (18 मई 2024) शनिवार दिवाकाल 11:22 बजे से
🌻एकादशी तिथि समाप्त रविवार (19 मई 2024) दोपहर 01:50 बजे तक




🔥 मोहिनी एकादशी का व्रत वैशाख शुक्ल एकादशी पर किया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार वैशाख मास को भी पुराणों में कार्तिक माह की तरह ही पावन बताया जाता है इसी कारण इस माह में पड़ने वाली एकादशी भी बहुत ही पुण्य फलदायी मानी जाती है। वैशाख शुक्ल एकादशी को मोहिनी एकादशी कहा जाता है। मान्यता है कि इस एकादशी के व्रत से व्रती मोह माया से ऊपर उठ जाता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। आगे जानिये वैशाख शुक्ल एकादशी को मोहिनी एकादशी क्यों कहा जाता है और इस एकादशी की व्रत कथा व पूजा विधि क्या है?

🔥 मोहिनी एकादशी नाम कैसे पड़ा?

💥मान्यता है कि वैशाख शुक्ल एकादशी के दिन ही भगवान विष्णु ने मोहिनी का रूप धारण किया था। भगवान विष्णु ने सुमुद्र मंथन के दौरान प्राप्त हुए अमृत को देवताओं में वितरीत करने के लिये मोहिनी का रूप धारण किया था। कहा जाता है कि जब समुद्र मंथन हुआ तो अमृत प्राप्ति के बाद देवताओं व असुरों में आपाधापी मच गई थी। चूंकि ताकत के बल पर देवता असुरों को हरा नहीं सकते थे इसलिये चालाकि से भगवान विष्णु ने मोहिनी का रूप धारण कर असुरों को अपने मोहपाश में बांध लिया और सारे अमृत का पान देवताओं को करवा दिया जिससे देवताओं ने अमरत्व प्राप्त किया। वैशाख शुक्ल एकादशी के दिन चूंकि यह सारा घटनाक्रम हुआ इस कारण इस एकादशी को मोहिनी एकादशी कहा गया।

🔥 मोहिनी एकादशी व्रत कथा

💥मोहिनी एकादशी की व्रत कथा इस प्रकार है। कहते हैं किसी समय में भद्रावती नामक एक बहुत ही सुंदर नगर हुआ करता था जहां धृतिमान नामक राजा राज किया करते थे। राजा बहुत ही पुण्यात्मा थे। उनके राज में प्रजा भी धार्मिक कार्यक्रमों में बढ़ चढ़ कर भाग लेती। इसी नगर में धनपाल नाम का एक वैश्य भी रहता था। धनपाल भगवान विष्णु के परम भक्त और एक पुण्यकारी सेठ थे। भगवान विष्णु की कृपा से ही इनकी पांच संतान थी। इनके सबसे छोटे पुत्र का नाम था धृष्टबुद्धि। उसका यह नाम उसके धृष्टकर्मों के कारण ही पड़ा। बाकि चार पुत्र पिता की तरह बहुत ही नेक थे। लेकिन धृष्टबुद्धि ने कोई ऐसा पाप कर्म नहीं छोड़ा जो उसने न किया हो। तंग आकर पिता ने उसे बेदखल कर दिया। भाईयों ने भी ऐसे पापी भाई से नाता तोड़ लिया। जो धृष्टबुद्धि पिता व भाइयों की मेहनत पर ऐश करता था अब वह दर-दर की ठोकरें खाने लगा। ऐशो आराम तो दूर खाने के लाले पड़ गये। किसी पूर्वजन्म के पुण्यकर्म ही होंगे कि वह भटकते-भटकते कौण्डिल्य ऋषि के आश्रम में पंहुच गया। जाकर महर्षि के चरणों में गिर पड़ा। पश्चाताप की अग्नि में जलते हुए वह कुछ-कुछ पवित्र भी होने लगा था। महर्षि को अपनी पूरी व्यथा बताई और पश्चाताप का उपाय जानना चाहा। उस समय ऋषि मुनि शरणागत का मार्गदर्शन अवश्य किया करते और पातक को भी मोक्ष प्राप्ति के उपाय बता दिया करते। ऋषि ने कहा कि वैशाख शुक्ल की एकादशी बहुत ही पुण्य फलदायी होती है। इसका उपवास करो तुम्हें मुक्ति मिल जायेगी। धृष्टबुद्धि ने महर्षि की बताई विधिनुसार वैशाख शुक्ल एकादशी यानि मोहिनी एकादशी का उपवास किया। इसके बाद उसे पापकर्मों से छुटकारा मिला और मोक्ष की प्राप्ति हुई।




🔥 मोहिनी एकादशी व्रत महात्म्य एवं पूजा विधि

💥मोहिनी एकादशी का माहात्म्य बहुत अधिक माना जाता है। मान्यता है कि माता सीता के विरह से पीड़ित भगवान श्री राम ने, और महाभारत काल में युद्धिष्ठिर ने भी अपने दु:खों से छुटकारा पाने के लिये इस एकादशी का व्रत विधि विधान से किया था। एकादशी व्रत के लिये व्रती को दशमी तिथि से ही नियमों का पालन करना चाहिये। दशमी तिथि को एक समय ही सात्विक भोजन ग्रहण करना चाहिये। ब्रह्मचर्य का पूर्णत: पालन करना चाहिये। एकादशी से दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नानादि कर स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिये। इसके पश्चात लाल वस्त्र से सजाकर कलश स्थापना कर भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिये। दिन में व्रती को मोहिनी एकादशी की व्रत कथा का सुननी या पढ़नी चाहिये। रात्रि के समय श्री हरि का स्मरण करते हुए, भजन कीर्तन करते हुए जागरण करना चाहिये। द्वादशी के दिन एकादशी व्रत का पारण किया जाता है। सर्व प्रथम भगवान की पूजा कर किसी योग्य ब्राह्मण अथवा जरूरतमंद को भोजनादि करवाकर दान दक्षिणा देकर संतुष्ट करना चाहिये। इसके पश्चात ही स्वयं भोजन ग्रहण करना चाहिये

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें….

🏵 प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य परमपूज्य गुरुदेव पंडित हृदय रंजन शर्मा अध्यक्ष श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भंडार पुरानी कोतवाली सर्राफा बाजार अलीगढ़ यूपी व्हाट्सएप नंबर-9756402981,7500048250 *

धर्म अध्यात्म Tags:Mohini Ekadashi 2024

Post navigation

Previous Post: Akshay Trtiya : अक्षय तृतीया को शुभ कार्य करने हेतु पंचांग देखने की आवश्यकता नहीं पड़ती, जानें विस्तार से
Next Post: Narad Jayanti : ब्रह्माण्ड के प्रथम संवाददाता की महर्षि नारद जयन्ती 25 मई को

Related Posts

  • Shradh 2023 : किस दिन किन पूर्वजों का करना चाहिए श्राद्ध, जानिए प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. ह्रदय रंजन शर्मा जी से धर्म अध्यात्म
  • Kharmas
    शिव जी के किस विग्रह की पूजा से मिलता है क्या फल धर्म अध्यात्म
  • Hariyali Teej
    Shitala Shashthi 2024 : शीतला षष्ठी व्रत से पुत्र और सौभाग्य की प्राप्ति होती है धर्म अध्यात्म
  • Kartik Purnima
    Ram Navami : जानें हवन, यज्ञ, अनुष्ठान, दुर्गा सप्तशती का पाठ, कन्या लांगुर की संपूर्ण जानकारी धर्म अध्यात्म
  • Kharmas
    Rishi Panchami 28 August : ऋषि पंचमी का व्रत, कथा और पूजन विधि जानें धर्म अध्यात्म
  • Dhanteras
    Dhanteras-2025 : धनतेरस का शुभ मुहूर्त, खरीदारी में रखे ये ध्‍यान धर्म अध्यात्म

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • डॉ. मधुलिका शुक्ला
    विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने डॉ. मधुलिका शुक्ला को किया सम्मानित Blog
  • श्रीकृष्ण छठी महोत्सव
    Sri Krishna Chhathi Festival : जय नारायण विद्या मंदिर में धूमधाम से मना श्रीकृष्ण छठी महोत्सव Education
  • IRCTC
    आईआरसीटीसी से शून्य सुविधा शुल्क पर अपने हवाई टिकट बुक करें और कार्ड से लेनदेन पर छूट पाएं Blog
  • कोलकाता गंगा सागर पुरी यात्रा
    IRCTC : भारत गौरव पर्यटक ट्रेन द्वारा कोलकाता गंगा सागर पुरी यात्रा 4 दिसंबर से Railway
  • Famous songs of Karva Chauth
    भगवान शिव जी को आखिर क्यों इतना प्रिय है बिल्वपत्र, क्या-क्या चढ़ाने से क्या मिलता है लाभ धर्म अध्यात्म
  • गीताप्रेस
    Ramlala ki Pran Pratishtha : अतिथियों को मिलेगा गीताप्रेस के ‘अयोध्या दर्शन’ का प्रसाद Blog
  • Railway Update : फर्रुखाबाद-कानपुर अनवरगंज के मध्य ये ट्रेन रहेगी 15 को रहेगी निरस्त Railway
  • दि चिन्टल्स स्कूल में KSS टेबल टेनिस टूर्नामेंट का भव्य समापन Sports

Copyright © 2026 .

Powered by PressBook News WordPress theme