Skip to content

The Xpress News

  • Home
  • धर्म अध्यात्म
  • Health
  • Blog
  • Toggle search form
  • Karva Chauth ka pauranik mahatve
    Mahashivratri 2024 : शिवरात्रि पर करें इन 8 में से कोई 1 उपाय, दूर होंगी परेशानी, मिलेगा धन लाभ धर्म अध्यात्म
  • Wimbledon- 2025
    Wimbledon- 2025 : सबालेंका ने स्थानीय दावेदार राडुकानु को दी शिकस्त Sports
  • Lohri festival
    Shri Ganesh – Mahalakshmi worship : श्री गणेश -महालक्ष्मी पूजन का मुहूर्त, कैसे करें पूजा पाठ धर्म अध्यात्म
  • Shradh 2023
    Shradh 2023 : श्राद्ध में तर्पण से मिलता है पूर्वजों का आशीर्वाद, जानें अनुष्ठान, विशष स्थान, रखें एहतियात Blog
  • Kharmas
    Rakshabandhan :रक्षाबन्धन में राखी या रक्षासूत्र बांधने का जानें सर्वोत्तम मुहूर्त Blog
  • गणतंत्र दिवस
    गणतंत्र दिवस को भव्य तरीके से मनाने के लिए योगी सरकार ने शुरू की तैयारी Blog
  • कानपुर की श्रेयांशी रंजन और संयुक्ता रेड्डी ने सेमीफाइनल में बनाई जगह Sports
  • स्टेशनों के कायाकल्प
    प्रधानमंत्री ने प्रयागराज मंडल के 10 स्टेशनों के कायाकल्प के लिए किया शिलान्यास Railway
Karva Chauth ka pauranik mahatve

Karva Chauth ka pauranik mahatve : मां पार्वती ने सबसे पहले रखा था करवा चौथ का व्रत

Posted on October 9, 2025October 9, 2025 By Manish Srivastava No Comments on Karva Chauth ka pauranik mahatve : मां पार्वती ने सबसे पहले रखा था करवा चौथ का व्रत

Aligarh : करवा चौथ 10 अक्टूबर 2025 शुक्रवार को है। जानिए क्या है इसकी पौराणिक मान्यता (Karva Chauth ka pauranik mahatve) तो आइए आज आपको इस विषय पर विस्तृत जानकारी दे रहे हैं प्रसिद्ध (ज्योतिषाचार्य) गुरुदेव पंडित हृदय रंजन शर्मा (अध्यक्ष) श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भंडार पुरानी कोतवाली सराफा बाजार अलीगढ़।

💥कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ का व्रत रखा जाता है। करवा चौथ के दिन महिलाएं बिना जल और अन्न के दिनभर व्रत रखती हैं और शाम को चंद्रमा के पूजा के बाद पति के हाथों से पानी पीकर व्रत खोलती हैं। कहा जाता है कि करवा चौथ का व्रत प्राचीन काल से चला आ रहा है। इस व्रत की परंपरा देवताओं के समय से चली आ रही है। पौराणिक शास्त्रों के अनुसार करवा चौथ के व्रत पीछे कई मान्यताएं प्रचलित है




🍁जंगल में द्रौपदी ने पांडवों की रक्षा के लिए किया था : करवा चौथ का व्रतशास्त्रों के अनुसार, जब पांडव जंगल में तप और भ्रमण कर रहे थे। तब द्रौपदी उनके लिए काफी दुखी होने लगी थी। एक बार द्रौपदी ने भगवान कृष्ण से अपनी दुख बताया और पांडवों की रक्षा करने के लिए उपाय पूछा। तब भगवान श्रीकृष्ण ने द्रौपदी को करवा चौथ का व्रत रखने की राय दी जिसके बाद पांडवों की सकुशल वापसी संभव हो पाई थीमां पार्वती ने सबसे पहले रखा था यह व्रतशिवपुराण के अनुसार, सावित्री ने यमराज से अपने स्वामी के प्राणों की भीख मांगी थी कि उसके पति को वह नहीं ले जाएं। कहा जाता है कि तभी से सुहागनी महिलाएं इस व्रत का पालन करती हैं। शास्त्रों के अनुसार, सबसे पहले मां पार्वती ने यह व्रत भगवान शिव के लिए रखा था। इस व्रत के बाद ही उन्हें अखंड सौभाग्य प्राप्त किया था। इसी कारण करवा चौथ के दिन मां पार्वती की पूजा की जाती है।

श्री राम ने बताया था करवा चौथ का महत्वइस दिन चांद की पूजा करने के बारे में लंका कांड में एक कथा है जब श्री राम समु्द्र पार करके लंका पहुंचे तो उन्होंने चांद पर पड़ने वाली छाया के बारे में बताया कि विष और चंद्रमा दोनों ही समुद्र मंथन से निकले थे जिसके कारण चंद्रमा विष को अपना छोटा भाई मानते हैं। इसी वजह से चंद्रमा ने विष को अपने ह्रदय में स्थान दे रखा है। इसी वजह से करवा चौथ के दिन महिलाएं चांद की पूजा करती हैं और पति से दूर नहीं रहने की कामना करती हैंजीत के लिए सभी देवताओं की पत्नियों ने एक साथ रखा था करवा चौथ व्रतशास्त्रों के अनुसार एक बार देवताओं और राक्षसों के बीच युद्ध हुआ जिसमें धीरे-धीरे देवताओं की हार होने लगी।

हार को जीत में बदलने के लिए सभी देवता ब्रह्राजी के पास गए। तब ब्रह्राजी ने विजय होने के लिए उपाय बताया। ब्रह्राजी ने कहा कि इस संकट से बचने के लिए सभी देवताओं की पत्नियों को अपने-अपने पतियों के लिए करवा चौथ व्रत रखना चाहिए और सच्चे मन से उनकी विजय के लिए प्रार्थना करनी चाहिए। कार्तिक माह की चतुर्थी के दिन सभी देवताओं की पत्नियों ने करवा चौथ का व्रत रखा और अपने पतियों की विजय के लिए प्रार्थना की। इसके बाद युद्ध में देवताओं की जीत हुई। तब से करवा चौथ के व्रत रखने की परंपरा की शुरुआत हुई थी




अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें::::

🏵 प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य परमपूज्य गुरुदेव पंडित ह्रदय रंजन शर्मा (अध्यक्ष) श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भंडार पुरानी कोतवाली सर्राफा बाजार अलीगढ़ यूपी व्हाट्सएप नंबर-9756402981,7500048250

धर्म अध्यात्म Tags:Karva Chauth ka pauranik mahatve, Mythological belief of Karva Chauth

Post navigation

Previous Post: करवाचौथ के प्रसिद्ध गीत, Famous songs of Karva Chauth
Next Post: करवा चौथ का मुहूर्त व महत्‍व और पूजन विधि : Importance and auspicious time of Karva Chauth

Related Posts

  • lunar eclipse
    Dashara: विजय दशमी की पूजा का मुहूर्त, अचूक मंत्र और महत्व धर्म अध्यात्म
  • रामोत्सव 2024
    रामोत्सव 2024 : अयोध्या में अब कंकड़-पत्थर भी सुनाएंगे प्रभु श्रीराम की गौरवगाथा धर्म अध्यात्म
  • करवा चौथ
    करवा चौथ के साथ ही त्योहारों की खुशियों का आगाज धर्म अध्यात्म
  • Shravan month special
    Dhanteras 2023 : धनतेरस के दिन लक्ष्मी जी के साथ धनवंतरि और कुबेर की भी पूजा की जानी चाहिए धर्म अध्यात्म
  • Hartalika Teej
    Shri Krishna Janmashtami : श्री कृष्ण जन्माष्टमी व्रत करने से मिलेंगे 5 विशेष शुभ आशीर्वाद धर्म अध्यात्म
  • मकर संक्रांति
    Makar Sankranti 2025 : मकर संक्रांति का राशियों पर पड़ेगा क्या प्रभाव, जानें पंडित हृदय रंजन शर्मा से धर्म अध्यात्म

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Development Projects Launch
    Development Projects Launch : 2024 में 2014 और 2019 से भी बड़े बहुमत के साथ बनेगी मोदी सरकारः सीएम योगी UP Government News
  • Dhanteras
    श्रीगणेश उत्सव 19 से 28 सितम्बर तक, अपनी राशि अनुसार करें आराधना धर्म अध्यात्म
  • फिटनेस मॉडलिंग को नई “दिशा” दे रही हैं अहाना मिश्रा Sports
  • संजय टंडन बने अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में निर्णायक Sports
  • National Sports Day: रस्साकसी प्रतियोगिता में जमकर हुई जोरआजमाइश Sports
  • श्रीकृष्ण छठी महोत्सव
    Sri Krishna Chhathi Festival : जय नारायण विद्या मंदिर में धूमधाम से मना श्रीकृष्ण छठी महोत्सव Education
  • Badminton Competition
    Badminton Competition : जय नारायण के शटलर एक बार फिर राष्ट्रीय बैडमिंटन में Sports
  • द्वितीय कॉस्को कानपुर डिस्ट्रिक्ट बैडमिंटन चैंपियनशिप का उद्घाटन Sports

Copyright © 2026 .

Powered by PressBook News WordPress theme