Skip to content

The Xpress News

  • Home
  • धर्म अध्यात्म
  • Health
  • Blog
  • Toggle search form
  • जय नारायण विद्या मंदिर
    जय नारायण विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में कथक नृत्य प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न Education
  • कार्तिक पूर्णिमा
    Hindu New Year : हिन्दूओं का नववर्ष 9 अप्रैल से आरंभ हो रहा है, जानें गुड़ी पड़वा का महत्व धर्म अध्यात्म
  • बागी विधायकों में से तीन को सपा ने किया बाहर SP expelled three of the rebel MLAs Politics
  • होली
    शास्त्रों के अनुसार किस-किस व्यक्ति को है श्राद्ध करने का अधिकार धर्म अध्यात्म
  • Durga Ashtami
    Navratri fasting method : नवरात्री व्रत के दौरान क्या करें क्या न करे, क्‍या मिलता है फल धर्म अध्यात्म
  • इनविटेशन वेटरंस डबल्स बैडमिंटन
    इनविटेशन वेटरंस डबल्स बैडमिंटन टूर्नामेंट मनीष कुमार खरवार व राजेंद्र रावत की जोड़ी ने जीता Sports
  • US Open
    US Open : सबालेंका, जोकोविच, अल्काराज यूएस ओपन के क्वार्टर फाइनल में Sports
  • यूपी स्टेट बेडमिंटन चैंपियनशिप
    यूपी स्टेट बेडमिंटन चैंपियनशिप में कानपुर के खिलाडियों की शानदार शुरुआत Sports

सावधानी बरतने से डेंगू से बचा जा सकता है, घबराने की जरूरत नहीं : डॉक्टर मधुलिका शुक्ला

Posted on October 7, 2024October 7, 2024 By Manish Srivastava No Comments on सावधानी बरतने से डेंगू से बचा जा सकता है, घबराने की जरूरत नहीं : डॉक्टर मधुलिका शुक्ला
  • सावधानी बरतने से डेंगू से बचा जा सकता है, घबराने की जरूरत नहीं : डॉक्टर मधुलिका शुक्ला
  • -सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि घर या आसपास कहीं भी पानी को इकट्ठा नहीं होने देना चाहिए
  • -संक्रमित मच्छर के काटने से तेज बुखार के साथ डेंगू होने का खतरा बढ़ सकता है
  • -चिकित्सीय परामर्श के साथ सही समय पर उचित जांच और इलाज से मिल जाती है बीमारी से पूरी तरह राहत

Kanpur: हर मौसम का हमारे शरीर पर विशेष प्रभाव पड़ता है। सर्दी, गर्मी और बरसात तीनों में ही मौसम के हिसाब से अपना ख्याल रखना पड़ता है ताकि हम किसी भी प्रकार की सीजनल बीमारी से बच सकें। हर वर्ष की तरह इस बार भी बरसात खत्म होते-होते डेंगू ने कानपुर सहित आसपास जिलों में भी लोगों को प्रभावित किया है। सभी जानते हैं कि यह बीमारी मादा मच्छर के काटने से तेजी से बढ़ती है।

इसीलिए कहा जाता है कि घर में और घर के आसपास कहीं भी पानी इकट्ठा नहीं होने देना चाहिए क्योंकि कई दिनों तक ठहरे हुए पानी में मच्छर अपने लार्वा छोड़ देते हैं जिससे इनकी संख्या और तेजी से बढ़ने लगती हैं।

इस बीमारी के विषय में विस्तृत जानकारी देते हुए कानपुर की मशहूर होम्योपैथिक डॉक्टर मधुलिका शुक्ला ने बताया कि क्लासिक डेंगू, बुखार या हड्डी तोड़ बुखार है। जब मरीज को तीन से चौदह दिनों तक तेज बुखार आता है तो इसका मतलब है कि संक्रमित मच्छर ने संबंधित व्यक्ति को काटा है। इसकी वजह से तेज बुखार आने के बाद सिरदर्द, रेट्रो-ऑर्बिटल दर्द और मायलगियास आदि के लक्षण दिखाई पड़ते हैं। आर्थ्राल्जिया, रक्तस्रावी अभिव्यक्तियां, दाने और श्वेत रक्त कोशिकाएं भी कम होने लगती हैं।

पीड़ित मरीज में एनोरेक्सिया और मतली जैसे तीव्र लक्षण दिखने लगते हैं। चिकित्सीय परामर्श के बाद सही समय पर उचित जांच के साथ ही नियमित इलाज कराने पर आसानी से इस बीमारी से राहत मिल जाती है। इसलिए बिल्कुल भी घबराने की जरूरत नहीं है।




अधिकांश तौर पर लगभग एक सप्ताह तक डेंगू रहता है, लेकिन कमजोरी, अस्वस्थता और एनोरेक्सिया कई हफ्तों तक बना रह सकता है। गंभीर डेंगू के चेतावनी संकेत आमतौर पर बुखार के चले जाने के 24 से 48 घंटे बाद दिखाई देते हैं। पेट और उदर में दर्द और बार-बार उल्टी होना। रक्त उल्टी होना या मल में रक्त आना।डेंगू संक्रमण के दौरान लीवर सबसे अधिक प्रभावित होता है।

बुखार आमतौर पर लगभग छह दिनों तक रहता है। डेंगू बुखार से पीड़ित अधिकांश लोग लगभग एक सप्ताह में ठीक हो जाते हैं। कभी-कभी, संक्रमण अधिक गंभीर होता है, और कभी-कभी यह घातक (मृत्यु का कारण) होता है।डेंगू का सबसे आम लक्षण बुखार के साथ निम्न में से कोई भी लक्षण है: दर्द और वेदना (आंखों में दर्द, आमतौर पर आंखों के पीछे, मांसपेशियों, जोड़ों या हड्डियों में दर्द) मतली, उल्टी और चकत्ते ।

डेंगू बुखार के उपचार की प्रमुख बातें

डेंगू संक्रमण के इलाज के लिए कोई विशिष्ट दवा नहीं है। अगर आपको लगता है कि आपको डेंगू बुखार हो सकता है, आपको आराम करना चाहिए, बहुत सारे तरल पदार्थ पीना चाहिए। यदि आपको पेशाब कम होना, शुष्क मुंह या होंठ, सुस्ती या भ्रम, ठंडे या चिपचिपे हाथ-पैर जैसे लक्षण हैं तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

अन्य महत्वपूर्ण तथ्य

-दर्द के लक्षणों से राहत।
-बुखार को नियंत्रित करना।
-मरीजों को एस्पिरिन और अन्य से बचने के लिए कहना
नॉनस्टेरॉइडल, सूजन-रोधी दवाएं क्योंकि इनसे रक्तस्राव का खतरा बढ़ सकता है।
-मरीजों को अधिक तरल पदार्थ पीने की याद दिलाना,
विशेषकर जब उनका बुखार बहुत अधिक हो।

Health

Post navigation

Previous Post: इलाज का बेहतरीन तरीका है डॉक्टर मधुलिका की सफलता का आधार
Next Post: Pathar Ghat : बिठूर का सबसे उत्तम स्मारक है पत्थर घाट

Related Posts

  • 20 से 30 मिनट दौड़ें या जॉगिंग करें : बिंदिया शर्मा Health
  • डॉक्टर मधुलिका
    डॉक्टर की एक स्माइल मरीज के लिए दवा से अधिक असरदार होती है : डॉ. मधुलिका शुक्ला Health
  • गहन संवाद मरीजों के लिए करता है संजीवनी का काम : डॉक्टर मधुलिका शुक्ला Health
  • अच्छी सेहत के लिए नियमित एक्सरसाइज जरूरी : ज्योति सिंह Health
  • Dental Care in Winter
    Dental Care in Winter : ठिठुरन वाली ठंड से रहे सावधान वरना गिरेंगे दांत Health
  • डॉक्टर मधुलिका शुक्ला
    होम्योपैथिक दवा से कोई साइड इफेक्ट नहीं होता : डॉ. मधुलिका शुक्ला Health

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट में भारत ने कजाकिस्तान को 15-0 से रौंदा Sports
  • Railway Sports
    Railway Sports : वालीबाल प्रतियोगिता में यंत्रालय की टीम ने परिचालन विभाग को 25-17 एवं 25-9 अंको से हराया Railway
  • एसएन सेन बीवीपीजी कॉलेज सभागार में संगोष्ठी आयोजित Education
  • Maha Kumbh 2025
    Maha Kumbh 2025 : तैयारी महापर्व की, युद्धस्तर पर चल रहा काम, Preparations for the grand festival, work going on at war level Maha Kumbh-2025
  • Heatstroke
    Heatstroke : आईएमए कानपुर के विशेष डॉक्‍टरों ने हीट स्ट्रोक से सतर्क कर बचाव के तरीके बताए Sports
  • IPL-2025 : लेंथ पर नियंत्रण और विविधतापूर्ण गेंदबाजी से खतरनाक बन जाता है दिग्वेश: वाटसन Sports
  • Skandamata Fifth Day
    मौनी अमावस्या रविवार 18 जनवरी, पंडित हृदय रंजन शर्मा से जानें महत्व धर्म अध्यात्म
  • Atal Bihari's birth anniversary
    Atal Bihari’s birth anniversary : अस्थिर सरकारों ने देश को किया खोखला, अटल जी ने दी स्थिर सरकार: सीएम योगी Politics

Copyright © 2026 .

Powered by PressBook News WordPress theme