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सावधानी बरतने से डेंगू से बचा जा सकता है, घबराने की जरूरत नहीं : डॉक्टर मधुलिका शुक्ला

Posted on October 7, 2024October 7, 2024 By Manish Srivastava No Comments on सावधानी बरतने से डेंगू से बचा जा सकता है, घबराने की जरूरत नहीं : डॉक्टर मधुलिका शुक्ला
  • सावधानी बरतने से डेंगू से बचा जा सकता है, घबराने की जरूरत नहीं : डॉक्टर मधुलिका शुक्ला
  • -सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि घर या आसपास कहीं भी पानी को इकट्ठा नहीं होने देना चाहिए
  • -संक्रमित मच्छर के काटने से तेज बुखार के साथ डेंगू होने का खतरा बढ़ सकता है
  • -चिकित्सीय परामर्श के साथ सही समय पर उचित जांच और इलाज से मिल जाती है बीमारी से पूरी तरह राहत

Kanpur: हर मौसम का हमारे शरीर पर विशेष प्रभाव पड़ता है। सर्दी, गर्मी और बरसात तीनों में ही मौसम के हिसाब से अपना ख्याल रखना पड़ता है ताकि हम किसी भी प्रकार की सीजनल बीमारी से बच सकें। हर वर्ष की तरह इस बार भी बरसात खत्म होते-होते डेंगू ने कानपुर सहित आसपास जिलों में भी लोगों को प्रभावित किया है। सभी जानते हैं कि यह बीमारी मादा मच्छर के काटने से तेजी से बढ़ती है।

इसीलिए कहा जाता है कि घर में और घर के आसपास कहीं भी पानी इकट्ठा नहीं होने देना चाहिए क्योंकि कई दिनों तक ठहरे हुए पानी में मच्छर अपने लार्वा छोड़ देते हैं जिससे इनकी संख्या और तेजी से बढ़ने लगती हैं।

इस बीमारी के विषय में विस्तृत जानकारी देते हुए कानपुर की मशहूर होम्योपैथिक डॉक्टर मधुलिका शुक्ला ने बताया कि क्लासिक डेंगू, बुखार या हड्डी तोड़ बुखार है। जब मरीज को तीन से चौदह दिनों तक तेज बुखार आता है तो इसका मतलब है कि संक्रमित मच्छर ने संबंधित व्यक्ति को काटा है। इसकी वजह से तेज बुखार आने के बाद सिरदर्द, रेट्रो-ऑर्बिटल दर्द और मायलगियास आदि के लक्षण दिखाई पड़ते हैं। आर्थ्राल्जिया, रक्तस्रावी अभिव्यक्तियां, दाने और श्वेत रक्त कोशिकाएं भी कम होने लगती हैं।

पीड़ित मरीज में एनोरेक्सिया और मतली जैसे तीव्र लक्षण दिखने लगते हैं। चिकित्सीय परामर्श के बाद सही समय पर उचित जांच के साथ ही नियमित इलाज कराने पर आसानी से इस बीमारी से राहत मिल जाती है। इसलिए बिल्कुल भी घबराने की जरूरत नहीं है।




अधिकांश तौर पर लगभग एक सप्ताह तक डेंगू रहता है, लेकिन कमजोरी, अस्वस्थता और एनोरेक्सिया कई हफ्तों तक बना रह सकता है। गंभीर डेंगू के चेतावनी संकेत आमतौर पर बुखार के चले जाने के 24 से 48 घंटे बाद दिखाई देते हैं। पेट और उदर में दर्द और बार-बार उल्टी होना। रक्त उल्टी होना या मल में रक्त आना।डेंगू संक्रमण के दौरान लीवर सबसे अधिक प्रभावित होता है।

बुखार आमतौर पर लगभग छह दिनों तक रहता है। डेंगू बुखार से पीड़ित अधिकांश लोग लगभग एक सप्ताह में ठीक हो जाते हैं। कभी-कभी, संक्रमण अधिक गंभीर होता है, और कभी-कभी यह घातक (मृत्यु का कारण) होता है।डेंगू का सबसे आम लक्षण बुखार के साथ निम्न में से कोई भी लक्षण है: दर्द और वेदना (आंखों में दर्द, आमतौर पर आंखों के पीछे, मांसपेशियों, जोड़ों या हड्डियों में दर्द) मतली, उल्टी और चकत्ते ।

डेंगू बुखार के उपचार की प्रमुख बातें

डेंगू संक्रमण के इलाज के लिए कोई विशिष्ट दवा नहीं है। अगर आपको लगता है कि आपको डेंगू बुखार हो सकता है, आपको आराम करना चाहिए, बहुत सारे तरल पदार्थ पीना चाहिए। यदि आपको पेशाब कम होना, शुष्क मुंह या होंठ, सुस्ती या भ्रम, ठंडे या चिपचिपे हाथ-पैर जैसे लक्षण हैं तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

अन्य महत्वपूर्ण तथ्य

-दर्द के लक्षणों से राहत।
-बुखार को नियंत्रित करना।
-मरीजों को एस्पिरिन और अन्य से बचने के लिए कहना
नॉनस्टेरॉइडल, सूजन-रोधी दवाएं क्योंकि इनसे रक्तस्राव का खतरा बढ़ सकता है।
-मरीजों को अधिक तरल पदार्थ पीने की याद दिलाना,
विशेषकर जब उनका बुखार बहुत अधिक हो।

Health

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