Skip to content

The Xpress News

  • Home
  • धर्म अध्यात्म
  • Health
  • Blog
  • Toggle search form
  • अहाना क्लासिक बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप
    20 जनवरी को लखनऊ में ‘अहाना क्लासिक बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप’ Sports
  • Hariyali Teej
    Maghi Purnima fast 2024 : माघी पूर्णिमा में विशेष उपाय करने से शीघ्र ही प्रसन्न होती हैं मां लक्ष्मी धर्म अध्यात्म
  • ग्लूकोमा
    IMA Kanpur : ग्लूकोमा की सही समय पर पहचान, जांच और इलाज जरूरी Health
  • श्री तपोनिधि आनंद अखाड़े
    Maha Kumbh 2025 : नागा संन्यासियों के श्री तपोनिधि आनंद अखाड़े ने किया महाकुम्भ में प्रवेश Maha Kumbh-2025
  • Shri Hanuman Jayanti
    Shri Hanuman Jayanti : हनुमान जन्मोत्सव 12 अप्रैल को, जब हनुमान जी गए शिक्षा ग्रहण करने धर्म अध्यात्म
  • Hariyali Teej
    Hariyali Teej 2025 : हरियाली तीज 27 को, जानें इस त्योहार में क्या होता है खास धर्म अध्यात्म
  • Alankara Samaroh
    Alankara Samaroh : जय नारायण विद्या मन्दिर इंटर में प्रतिभा अलंकरण समारोह सम्पन्न धर्म अध्यात्म
  • बैडमिंटन एशिया सर्टिफाइड अंपायर
    कानपुर के रवि कुमार दीक्षित बने बैडमिंटन एशिया सर्टिफाइड अंपायर Sports
ब्रह्मचारिणी

भगवान श्रीकृष्ण की छठी पूजा 12 सितंबर को

Posted on September 10, 2023 By Manish Srivastava No Comments on भगवान श्रीकृष्ण की छठी पूजा 12 सितंबर को

भगवान श्रीकृष्ण की छठी पूजा 12 सितंबर 2023 दिन मंगलवार के विषय में विस्तृत जानकारी दे रहे हैं श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भंडार वाले प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य परम पूज्य पं.हृदयरंजन शर्मा व्हाट्सएप नंबर-9756402981,7500048250

🌻भगवान कृष्ण के जन्म के छठे दिन उनकी छठी मनाई जाने की भी परंपरा है। इस साल कृष्ण जी की छठी का पूजन 12 सितंबर दिन मंगलवार को मनाया जाएगा। जानिये कृष्ण छठी पूजन की विधि और इसकी पौराणिक मान्यता के बारे में।

♦️क्यों मनाते हैं छठी
〰️〰️〰️〰️〰️〰️
🌻श्री कृष्ण का जन्म कारगार में हुआ था और उन्हें वासुदेव ने रातों-रात की यशोदा के घर छोड़ दिया था. कंस को जब ये बात पता लगती है तो वे पूजना को श्री कृष्ण को मारने के लिए गोकुल यशोदा के पास भेजता है. और ये आदेश देता है कि गोकुल में जितने भी 6 दिन के बच्चे हैं उन्हें मार दिया जाए. पूतना के गोकुल पहुंचते ही यशोदा बालकृष्ण को छिपा देती हैं. श्री कृष्ण को पैदा हुए छह दिन हो गए थे, लेकिन उनकी छठी नहीं हो पाई थी. तब तक उनका नामकरण भी नहीं हो पाया था. इसके बाद यशोदा ने 364 दिन बाद सप्तमी को छठी पूजन किया और तभी से श्री कृष्ण की छठी मनाई जाने लगी. इतना ही नहीं, तभी से बच्चों की भी छठी की परंपरा शुरू हो गई।

♦️कृष्ण छठी पूजन विधि
〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️
🌻श्री कृष्ण छठी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें। इसके बाद लड्डू गोपाल को पंचामृत से स्नान कराएं।गोपाल सहस्तनाम से स्नान कराऐ। इसके लिए दूध, घी, शहद, शक्कर और गंगाजल से बने पंचामृत का प्रयोग करें। इसके बाद शंख में गंगाजल भरकर लड्डू गोपाल को फिर से स्नान कराएं।

🌻स्नान कराने के बाद भगवान को पीले रंग के वस्त्र पहनाएं और उनका श्रृंगार करें। इसके बाद लड्डू गोपाल को माखन-मिश्री भोग लगाएं।

🌻भोग लगाने के बाद भगवान का नामकरण करें। माधव, लड्डू गोपाल, ठाकुर जी, कान्हा, कन्हैया, कृष्णा इनमें से जो भी नाम आपको अच्छा लगे वो चुन लें और भगवन को इसी नाम से पुकारें।

🌻इसके बाद भगवान के चरणों में अपने घर की चाबी सौंप दें और भगवान श्री कृष्ण से प्रार्थना करें कि वे सदैव आपके परिवार पर अपनी कृपा बनाए रखें और सबका पालन-पोषण करें।

🌻इसके बाद लड्डू गोपाल की कथा पढ़ें और इस दिन अपने घर में कढ़ी-चावल अवश्य बनाएं।

♦️लड्डू गोपालजी की कथा
〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️
🌻एक पौराणिक कथा के अनुसार भगवन श्री कृष्ण के एक परम् भक्त थे जिनका नाम था कुंभनदास। उनका एक बेटा था रघुनंदन। कुंभनदास के पार भगवान श्री कृष्ण का एक चित्र था जिसमें वह बासुंरी बजा रहे थे। कुंभनदास हमेशा भगवान श्री कृष्ण की पूजा-आराधना में लीन रहा करते थे। वे कभी भी अपने प्रभु को छोड़कर कहीं छोड़कर नहीं जाते थे। एक बार कुंभनदास को वृंदावन से भागवत कथा के लिए बुलावा आया। पहले तो कुंभनदास ने जाने से मना कर दिया परंतु लोगों के आग्रह करने पर वे भागवत में जाने के लिए तैयार हो गए। उन्होंने सोचा कि पहले वे भगवान श्री कृष्ण की पूजा करेंगे और फिर भागवत कथा करके अपने घर वापस लौट आएंगे। इस तरह से उनका पूजा का नियम भी नहीं टूटेगा।

🌻भागवत में जाने से पहले कुम्भनदास ने अपने पुत्र को समझाया कि उन्होंने ठाकुर जी के लिए प्रसाद तैयार किया है और वह ठाकुर जी को भोग लगा दे। कुंभनदास के बेटे ने भोग की थाली ठाकुर जी के सामने रख दी और उनसे प्रार्थना की कि आकर भोग लगा लें। रघुनंदन को लगा कि ठाकुर जी आएंगे और अपने हाथों से भोजन ग्रहण करेंगे। रघुनंदन ने कई बार भगवान श्री कृष्ण से आकर खाने के लिए कहा लेकिन भोजन को उसी प्रकार से देखकर वह दुखी हो गया और रोने लगा। उसने रोते -रोते भगवान श्री कृष्ण से आकर भोग लगाने की विनती की। उसकी पुकार सुनकर ठाकुर जी एक बालक के रूप में आए और भोजन करने के लिए बैठ गए।

🌻जब कुम्भदास वृंदावन से भागवत करके लौटे तो उन्होंने अपने पुत्र से प्रसाद के बारे में पूछा। पिता के पूछने पर रघुनंदन ने बताया कि ठाकुर जी ने सारा भोजन खा लिया है। कुंभनदास ने सोचा की अभी रघुनंदन नादान है। उसने सारा प्रसाद खा लिया होगा और डांट के डर से झूठ बोल रहा है। कुंभनदास रोज भागवत के लिए जाते और शाम तक सारा प्रसाद खत्म हो जाता था। कुंभनदास को लगा कि अब रघुनंदन उनसे रोज झूठ बोलने लगा है। लेकिन वह ऐसा क्यों कर रहा है यह जानने के लिए कुंभनदास ने एक योजयना बनाई। उन्होंने भोग के लड्डू बनाकर एक थाली में रख दिए और दूर छिपकर देखने लगे। रोज की तरह उस दिन भी रघुनंदन ने ठाकुर जी को आवाज दी और भोग लगाने का आग्रह किया। हर दिन की तरह ही ठाकुर जी एक बालक के भेष में आए और लड्डू खाने लगे। कुंभनदास दूर से इस घटना को देख रहे थे। भगवान को भोग लगाते देख वह तुरंत वहां आए और ठाकुर जी के चरणों में गिर गए। उस समय ठाकुर जी के एक हाथ में लड्डू था और दूसरे हाथ का लड्डू जाने ही वाला था। लेकिन ठाकुर जी उस समय वहीं पर जमकर रह गए । तभी से लड्डू गोपाल के इस रूप पूजा की जाने लगी। छठी के दिन इस कथा का पाठ करने से भगवान कृष्ण प्रसन्न होते हैं और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं।

♦️बाल कृष्ण जी की आरती
〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️
आरती बाल कृष्ण की कीजै,
अपना जन्म सफल कर लीजै ॥

श्री यशोदा का परम दुलारा,
बाबा के अँखियन का तारा ।
गोपियन के प्राणन से प्यारा,
इन पर प्राण न्योछावर कीजै ॥
॥आरती बाल कृष्ण की कीजै…॥

बलदाऊ के छोटे भैया,
कनुआ कहि कहि बोले मैया ।
परम मुदित मन लेत बलैया,
अपना सरबस इनको दीजै ॥
॥आरती बाल कृष्ण की कीजै…॥

श्री राधावर कृष्ण कन्हैया,
ब्रज जन को नवनीत खवैया ।
देखत ही मन लेत चुरैया,
यह छवि नैनन में भरि लीजै ॥
॥आरती बाल कृष्ण की कीजै…॥

तोतली बोलन मधुर सुहावै,
सखन संग खेलत सुख पावै ।
सोई सुक्ति जो इनको ध्यावे,
अब इनको अपना करि लीजै ॥
॥आरती बाल कृष्ण की कीजै…॥

आरती बाल कृष्ण की कीजै,
अपना जन्म सफल कर लीजै ॥

🌞प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य परम पूज्य गुरुदेव पं.हृदय रंजन शर्मा अध्यक्ष श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भण्डार वाले पुरानी कोतवाली सराफा बाजार अलीगढ़ यूपी व्हाट्सएप नंबर-9756402981,7500048250

धर्म अध्यात्म

Post navigation

Previous Post: हरतालिका तीज व्रत (गौरी तृतीया व्रत)विशेष 18 सितंबर 2023 दिन सोमवार
Next Post: बलदेव छठ गुरुवार, 21 सितंबर को

Related Posts

  • कर्क राशि
    कर्क राशि वालों के लिए कैसा रहेगा नया साल, जानें डॉ रोशनी टाक से धर्म अध्यात्म
  • शैलपुत्री
    Sri Hanuman Jayanti: श्री हनुमान जन्मोत्सव की पूजा विधि जानें पंडित हृदय रंजन शर्मा जी से धर्म अध्यात्म
  • होली
    Kaal Bhairav Ashtami-23 : काल भैरव की इस तरह आराधना से दूर होंगे आपके सारे कष्ट धर्म अध्यात्म
  • Hartalika Teej
    महाशिवरात्रि पर शुभ योग, जानें चारों प्रहर का मुहूर्त, होगी भोलेनाथ की कृपा धर्म अध्यात्म
  • Skandamata Fifth Day
    Shravan month special : सोने के शिवलिंग पर अभिषेक करने से स्वर्ग की होती है प्राप्ति धर्म अध्यात्म
  • Ashtami Fast
    कूर्म अवतार : इसी दिन भगवान विष्णु ने लिया था कछुए का अवतार, की थी समुद्र मंथन में सहायता धर्म अध्यात्म

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • India open : इंडिया ओपन में अंपायर की भूमिका में दिखेंगे रवि दीक्षित Sports
  • टेबल टेनिस स्टेट चैंपियनशिप में कानपुर के खिलाड़ियों का जलवा Sports
  • जय नारायण के अभिषेक राष्ट्रीय तीरंदाजी में Sports
  • स्टैग ग्लोबल कानपुर जिला टेबल टेनिस टूर्नामेंट का भव्य शुभारंभ, मनिष्का और वेदांश ने जीते खिताब, देखें वीडियो Sports
  • TSH Stag Global UP State Third Ranking Table Tennis Tournament : वेटरन खिलाडियों ने भी दिखाया अपना दम Sports
  • Hariyali Teej
    Hariyali Teej 2025 : हरियाली तीज 27 को, जानें इस त्योहार में क्या होता है खास धर्म अध्यात्म
  • स्वच्छता प्रहरियों ने स्वच्छ और भव्य महाकुंभ का किया जयघोष धर्म अध्यात्म
  • प्रीति अरोड़ा
    मां के संघर्ष और कड़ी मेहनत से मिस इंडिया बनीं प्रीति अरोड़ा Sports

Copyright © 2026 .

Powered by PressBook News WordPress theme