Skip to content

The Xpress News

  • Home
  • धर्म अध्यात्म
  • Health
  • Blog
  • Toggle search form
  • प्रयागराज की फिटनेस मॉडल चित्रांगदा पांडेय बनीं ‘गोल्डन गर्ल ‘ Sports
  • कर्क राशि
    वृषभ राशि वालों के लिए कैसा रहेगा नया साल, जाने डॉ. रोशनी टाक से धर्म अध्यात्म
  • फिटनेस मॉडल अहाना मिश्रा
    स्टार फिटनेस मॉडल अहाना मिश्रा को विशेष सम्मान Blog
  • Age limit for constable recruitment increased
    Age limit for constable recruitment increased : 22 से बढ़ाकर 25 साल हुई पुलिस आरक्षी भर्ती की आयु सीमा UP Government News
  • सांसद खेल स्पर्धा
    सांसद खेल स्पर्धा में खिलाड़ियों ने बैडमिंटन और टेबल टेनिस में दिखाया दम Sports
  • प्रीति अरोड़ा
    मां के संघर्ष और कड़ी मेहनत से मिस इंडिया बनीं प्रीति अरोड़ा Sports
  • श्रीकृष्ण छठी महोत्सव
    Sri Krishna Chhathi Festival : जय नारायण विद्या मंदिर में धूमधाम से मना श्रीकृष्ण छठी महोत्सव Education
  • World Cup-2023
    World Cup-2023 : दक्षिण अफ्रीका के कप्तान अचानक लौटे स्वदेश, फैंस कर रहे दुआएं Sports
शैलपुत्री

Ahoi Ashtami : इस बार 4 शुभ संयोग के साथ पड़ रही है अहोई अष्टमी

Posted on October 18, 2025October 18, 2025 By Manish Srivastava No Comments on Ahoi Ashtami : इस बार 4 शुभ संयोग के साथ पड़ रही है अहोई अष्टमी

अलीगढ़ :  अहोई अष्टमी व्रत (Ahoi Ashtami) 13 अक्टूबर 2025 दिन सोमवार को है। इस विषय में विस्तृत जानकारी दे रहे है. श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भंडार वाले प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य परम पूज्य गुरुदेव पंडित हृदय रंजन शर्मा जी।

🌻अहोई अष्टमी का व्रत अहोई आठे के नाम से भी जाना जाता है। यह व्रत कार्तिक कृष्णपक्ष मास की अष्टमी तिथि आद्रा/पुनर्वसु नक्षत्र परिधि योग बव करण के शुभ संयोग में मनाया जाएगा इस दिन संतानवती स्त्रियों के द्वारा किया जाता है। अहोई अष्टमी का पर्व मुख्य रुप से अपनी संतान की लम्बी आयु की कामना के लिये किया जाता है। इस पर्व के विषय में एक ध्यान देने योग्य बात यह है कि इस व्रत को उसी वार को किया जाता है। जिस वार की दिपावली हों।इस वर्ष यह संयोग 13 अक्टूबर 2025 सोमवार के दिन पड रहा है इस बार की अहोई अष्टमी व्रत पर चार शुभ संयोग बन रहे हैं अहोई अष्टमी के दिन रवि यो परिधि यो से वियोग और पुनर्वसु नक्षत्र रहेंगे रवि योग और पुनर्वसु नक्षत्र रहेंगे व्रत पर रवि योग सुबह 6:21 से बनेगा जो दोपहर 12:26 मिनट तक रहेगा वहीं परिधि योग भी सूर्योदय से लेकर सुबह 8:10 तक रहेगा उसके बाद शिवयोग शुरू होगा जो पूर्ण रात्रि तक रहेगा 14 अक्टूबर को सुबह 5:55 तक शिवयोग माना जाएगा इस दिन पुनर्वसु नक्षत्र दोपहर में 12:26 से प्रारंभ होगा जो पूरे दिन इस राशि में रहेगा




🏵अहोई अष्टमी व्रत विधि
💥अहोई व्रत के दिन व्रत करने वाली माताएं प्रात: उठकर स्नान करे, और पूजा पाठ करके अपनी संतान की दीर्घायु व सुखमय जीवन हेतू कामना करती है और माता अहोई से प्रार्थना करती है, कि हे माता मैं अपनी संतान की उन्नति, शुभता और आयु वृद्धि के लिये व्रत कर रही हूं, इस व्रत को पूरा करने की आप मुझे शक्ति दें यह कर कर व्रत का संकल्प लें एक मान्यता के अनुसार इस व्रत को करने से संतान की आयु में वृद्धि, स्वास्थय और सुख प्राप्त होता है. साथ ही माता पार्वती की पूजा भी इसके साथ-साथ की जाती है। क्योकि माता पार्वती भी संतान की रक्षा करने वाली माता कही गई है।उपवास करने वाली स्त्रियों को व्रत के दिन क्रोध करने से बचना चाहिए और उपवास के दिन मन में बुरा विचार लाने से व्रत के पुन्य फलों में कमी होती है। इसके साथ ही व्रत वाले दिन, दिन की अवधि में सोना नहीं चाहिए। अहोई माता की पूजा करने के लिये अहोई माता का चित्र गेरूवे रंग से मनाया जाता है। इस चित्र में माता, सेह और उसके सात पुत्रों को अंकित किया जाता है। संध्या काल में इन चित्रों की पूजा की जाती है

🔶सायंकाल की पूजा करने के बाद अहोई माता की कथा का श्रवण किया जाता है। इसके पश्चात सास-ससुर और घर में बडों के पैर छुकर आशिर्वाद लिया जाता है। तारे निकलने पर इस व्रत का समापन किया जाता है। तारों को करवे से अर्ध्य दिया जाता है। और तारों की आरती उतारी जाती है। इसके पश्चात संतान से जल ग्रहण कर, व्रत का समापन किया जाता है

🍁अहोई व्रत कथा *

🔷अहोई अष्टमी की व्रत कथा के अनुसार किसी नगर में एक साहूकार रहता था उसके सात लडके थें दीपावली आने में केवल सात दिन शेष थें, इसलिये घर की साफ -सफाई के कार्य घर में चल रहे थे, इसी कार्य के लियेसाहुकार की पत्नी घर की लीपा-पोती के लिये नदी के पास की खादान से मिट्टी लेने गई खदान में जिस जगह मिट्टी खोद रही थी, वहीं पर एक सेह की मांद थी स्त्री की कुदाल लगने से सेह के एक बच्चे की मृत्यु हो गई

⭐यह देख साहूकार की पत्नी को बहुत दु:ख हुआ शोकाकुल वह अपने घर लौट आई सेह के श्राप से कुछ दिन बाद उसके बडे बेटे का निधन हो गया फिर दूसरे बेटे की मृत्यु हो गई, और इसी प्रकार तीसरी संतान भी उसकी नहीं रही, एक वर्ष में उसकी सातों संतान मृत्यु को प्राप्त हो गई।अपनी सभी संतानों की मृत्यु के कारण वह स्त्री अत्यंत दु:खी रहने लगी एक दिन उसने रोते हुए अपनी दु:ख भरी कथा अपने आस- पडोस कि महिलाओं को बताई, कि उसने जान-बुझकर को पाप नहीं किया है अनजाने में उससे सेह के बच्चे की हत्या हो गई थी उसके बाद मेरे सातों बेटों की मृत्यु हो गई यह सुनकर पडोस की वृद्ध महिला ने उसे दिलासा दिया और कहा की तुमने जो पश्चाताप किया है उससे तुम्हारा आधा पाप नष्ट हो गया है।तुम माता अहोई अष्टमी के दिन माता भगवती की शरण लेकर सेह और सेह के बच्चों का चित्र बनाकर उनकी आराधना कर, क्षमा याचना करों, तुम्हारा कल्याण होगा। ईश्वर की कृपा से तुम्हारा पाप समाप्त हो जायेगा साहूकार की पत्नी ने वृद्ध महिला की बात मानकार कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि का व्रत कर माता अहोई की पूजा की, वह हर वर्ष नियमित रुप से ऎसा करने लगी, समय के साथ उसे सात पुत्रों की प्राप्ति हुई, तभी से अहोई व्रत की परम्परा प्रारम्भ हुई है




🌻अहोई माता की आरती

जय अहोई माता, जय अहोई माता!
तुमको निसदिन ध्यावत हर विष्णु विधाता। टेक।।
ब्राहमणी, रुद्राणी, कमला तू ही है जगमाता।
सूर्य-चंद्रमा ध्यावत नारद ऋषि गाता।। जय।।
माता रूप निरंजन सुख-सम्पत्ति दाता।।
जो कोई तुमको ध्यावत नित मंगल पाता।। जय।।
तू ही पाताल बसंती, तू ही है शुभदाता।
कर्म-प्रभाव प्रकाशक जगनिधि से त्राता।। जय।।
जिस घर थारो वासा वाहि में गुण आता।।
कर न सके सोई कर ले मन नहीं धड़काता।। जय।।
तुम बिन सुख न होवे न कोई पुत्र पाता।
खान-पान का वैभव तुम बिन नहीं आता।। जय।।
शुभ गुण सुंदर युक्ता क्षीर निधि जाता।
रतन चतुर्दश तोकू कोई नहीं पाता।। जय।।
श्री अहोई माँ की आरती जो कोई गाता। उर उमंग अति उपजे पाप उतर जाता।। जय।।

🏵अहोई अष्टमी उघापन विधि
🌟जिस स्त्री का पुत्र न हो अथवा उसके पुत्र का विवाह हुआ हो, उसे उघापन अवश्य करना चाहिए इसके लिए, एक थाल मे सात जगह चार-चार पूरियां एवं हलवा रखना चाहिए इसके साथ ही पीत वर्ण की पोशाक-साडी, ब्लाउज एवं रूपये आदि रखकर श्रद्धा पूर्वक अपनी सास को उपहार स्वरूप देना चाहिए। उसकी सास को चाहिए की, वस्त्रादि को अपने पास रखकर शेष सामग्री हलवा-पूरी आदि को अपने पास-पडोस में वितरित कर दे।यदि कोई कन्या हो तो उसके यहां भेज दे

🌹अहोई अष्टमी पूजा महूर्त
🍁अहोई अष्टमी चन्द्रोदय व्यापिनी अष्टमी को मनायी जानी चाहिए, इसलिए 13 अक्टूबर, सोमवार को ही अहोई अष्टमी मनायी जाएगी
🌻अष्टमी तिथि आरम्भ 13 अक्टूबर की दोपहर 12:24 बजे से
🌷अष्टमी तिथि समाप्त 14 अक्टूबर मंगलवार की सुबह 11 बजकर 09 मिनट पर
🏵पूजा का शुभ समय सोमवार 13 अक्टूबर सायं – 5:00 से 06:30बजे तक विशेष मुहुर्त
🌸तारों को देखने का समय: 13 अक्टूबर को शाम 05:00से 06 बजकर 45 मिनट
🌺अहोई अष्टमी की रात चन्द्रोदय – सोमवार 13अक्टूबर की रात 11:23 पर होगा




💥प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य परमपूज्य गुरुदेव पंडितह्रदय रंजन शर्मा अध्यक्ष श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भंडार वाले पुरानी कोतवाली सर्राफा बाजार अलीगढ़ यूपी व्हाट्सएप नंबर-9756402981,7500048250

धर्म अध्यात्म Tags:Ahoi Ashtami

Post navigation

Previous Post: Choti Diwali-2025 : छोटी दीपावली को ऐसे करें काली पूजा, होगा चमत्‍कार, जानें शुभ मुहूर्त
Next Post: Dhanteras-2025 : धनतेरस का शुभ मुहूर्त, खरीदारी में रखे ये ध्‍यान

Related Posts

  • Ashtami Fast
    Vedic Raksha bandhan : जानें वैदिक रक्षा सूत्र बनाने की विधि, पांच वस्तुओं का महत्त्व व राखी मंत्र धर्म अध्यात्म
  • Shradh 2023 : किस दिन किन पूर्वजों का करना चाहिए श्राद्ध, जानिए प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. ह्रदय रंजन शर्मा जी से धर्म अध्यात्म
  • Durga Navami
    Makar Sankranti 2026 : मकर संक्रांति पर सभी 12 राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा धर्म अध्यात्म
  • Hariyali Teej
    गुरुपुष्य योग में किए गए हर कार्य का उत्तम फल होता है प्राप्त धर्म अध्यात्म
  • Hariyali Teej
    Shravan month special : भगवान शिव को अर्पित की जाने वाली हर चीज़ का फल होता है अलग धर्म अध्यात्म
  • Rakshabandhan : रक्षाबन्धन पर्व बनाने की परम्परा कैसे शुरु हुई, जानें इतिहास एवं पूजा विधि! धर्म अध्यात्म

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Health Tips
    Health Tips : फिट रहने के लिए अच्छी डाइट बेहद जरूरी : जानवी पांडव Health
  • उत्तर प्रदेश एथलेटिक एसोसिएशन की स्पेशल जनरल काउंसिल मीटिंग 2025 में खेल के विकास पर हुई चर्चा Sports
  • Badminton Competition
    Badminton Competition : आरल द्विवेदी ने पांच, आयुष कुमार, शार्दुल ने जीते चार खिताब Sports
  • Health Tips
    Health Tips : फिट रहने के लिए बैलेंस डाइट के साथ पर्याप्त नींद भी बहुत जरूरी : अहाना मिश्रा Health
  • PM Modi in Meera house
    PM Modi in Meera house : अयोध्या में मीरा के घर अचानक चाय पीने पहुंचे पीएम मोदी धर्म अध्यात्म
  • Dengue : त्योहार पर चुपके से डेंगू ने दी दस्तक : दीपिका शुक्ला Health
  • Special Olympics Competition
    Special Olympics Competition : स्पेशल ओलंपिक्स के दूसरे दिन खिलाड़ियों ने दिखाया दम, देखें वीडियो Sports
  • Panic button on vehicles
    Panic button on vehicles : यूपी में पैनिक बटन से सुरक्षित होगा बेटियों का सफर UP Government News

Copyright © 2026 .

Powered by PressBook News WordPress theme