Skip to content

The Xpress News

  • Home
  • धर्म अध्यात्म
  • Health
  • Blog
  • Toggle search form
  • प्रदेश की 25 करोड़ जनता की ओर से पीएम का काशी में अभिनंदन : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ Blog
  • स्वच्छता प्रहरियों ने स्वच्छ और भव्य महाकुंभ का किया जयघोष धर्म अध्यात्म
  • डॉक्टर मधुलिका शुक्ला
    स्वस्थ शरीर ही सबसे बड़ी पूंजी: डॉक्टर मधुलिका शुक्ला Health
  • कर्क राशि
    कर्क राशि वालों के लिए कैसा रहेगा नया साल, जानें डॉ रोशनी टाक से धर्म अध्यात्म
  • चंचल खटाना
    उत्तर प्रदेश की शान चंचल खटाना : संघर्ष, सफलता और प्रेरणा की गौरवशाली कहानी Motivation
  • Constable Recruitment Exam
    Summer Special Train : लालकुआं-हावड़ा-लालकुआं ग्रीष्मकालीन विशेष गाड़ी 25 से चलेगी, जानें समय Railway
  • वैष्णवी शर्मा
    किस्मत में लिखा था क्रिकेट बनना : स्पिनर वैष्णवी शर्मा Sports
  • Pancham Skandamata
    Pancham Skandamata : पंचम स्कंदमाता.19 अक्टूबर 2023 दिन गुरुवार धर्म अध्यात्म

गुरु पूर्णिमा 10 जुलाई को : कौन हो सकता है गुरु, जाने pt. हृदयरंज शर्मा जाने से

Posted on July 9, 2025 By Manish Srivastava No Comments on गुरु पूर्णिमा 10 जुलाई को : कौन हो सकता है गुरु, जाने pt. हृदयरंज शर्मा जाने से

गुरु पूर्णिमा 10 जुलाई को है। इस विषय में विस्तृत जानकारी दे रहे हैं श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भंडार वाले प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य परम पूज्य गुरुदेव

गुरु दीक्षा क्या है

दीक्षा शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के शब्द दक्ष से हुई है जिसका अर्थ है कुशल होना। समानार्थी अर्थ है – विस्तार। इसका दूसरा स्रोत दीक्ष शब्द है जिसका अर्थ है समर्पण अतः दीक्षा का सम्पूर्ण अर्थ हुआ – स्वयं का विस्तार। दीक्षा के द्वारा शिष्य में यह सामर्थ्य उत्पन्न होती है कि गुरु से प्राप्त ऊर्जा के द्वारा शिष्य के अंदर आतंरिक ज्योति प्रज्ज्वलित होती है , जिसके प्रकाश में वह अपने अस्तित्व् के उद्देश्य को देख पाने में सक्षम होता है। दीक्षा से अपूर्णता का नाश और आत्मा की शुद्धि होती है।

गुरु का ईश्वर से साक्षात सम्बन्ध होता है। ऐसा गुरु जब अपनी आध्यात्मिक/प्राणिक ऊर्जा का कुछ अंश एक समर्पित शिष्य को हस्तांतरित करता है तो यह प्रक्रिया गुरु दीक्षा कहलाती है। यह आध्यात्मिक यात्रा की सबसे प्रारम्भिक सीढ़ी है। गुरु दीक्षा के उपरांत शिष्य गुरु की आध्यात्मिक सत्ता का उत्तराधिकारी बन जाता है। गुरु दीक्षा एक ऐसी व्यवस्था है जिसमे गुरु और शिष्य के मध्य आत्मा के स्तर पर संबंद्ध बनता है जिससे गुरु और शिष्य दोनों के मध्य ऊर्जा का प्रवाह सहज होने लगता है। गुरु दीक्षा के उपरान्त गुरु और शिष्य दोनों का उत्तरदायित्व बढ़ जाता है। गुरु का उत्तरदायित्व समस्त बाधाओं को दूर करते हुए शिष्य को आध्यात्मिकता की चरम सीमा पर पहुचाना होता है। वहीं शिष्य का उत्तरदायित्व हर परिस्थिति में गुरु के द्वारा बताये गए नियमों का पालन करना होता है।

 

गुरु दीक्षा कौन दे सकता है

गुरु शब्द का अर्थ है जो अन्धकार से प्रकाश की ओर ले जाये। एक सम्पूर्ण जागृत गुरु, जो की सहस्त्र्सार चक्र में स्थित हो वही दीक्षा देने का अधिकारी होता है। ऐसे गुरु की पहचान उनके व्यवहार से होती है। ऐसे गुरु सबके लिए करुणामय होते है। उनका ज्ञान अभूतपूर्व होता है। जागृत गुरु अहंकार, काम, क्रोध, लोभ और मोह से दूर रहते है। वह शिष्य की किसी भी समस्या और परिस्थिति का समाधान निकालने में सक्षम होते है। ऐसे गुरु का ध्यान अत्यंत उच्च कोटि का होता है।गुरु को प्रकृति और ईश्वर के नियमों का ज्ञान होने के कारण उनमें अज्ञानता के भंवर से निकलने की क्षमता होती है। वह शिष्य को धीरे धीरे ज्ञान देकर, कर्मों की गति सही करवाकर और सामर्थ्य की वृद्धि करवाकर अज्ञान के इस भंवर से निकाल कर इश्वर से सम्बन्ध स्थापित करवा देते है।

 

धर्म अध्यात्म

Post navigation

Previous Post: कानपुर में पहली बार खिलाड़ियों की माताओं को मिलेगा विशिष्ट सम्मान
Next Post: Jijamata felicitation ceremony : कुलदीप यादव, कोच कपिल पांडे व कुश चतुर्वेदी की माता को किया आमंत्रित

Related Posts

  • Makar Sankranti 2025
    Makar Sankranti 2025 : 58 दिन बाणों की शैया पर बिताने के बाद मकर संक्राति को भीष्म पितामह ने त्यागे थे प्राण धर्म अध्यात्म
  • शैलपुत्री
    Nautapa-2025 : भीषण गर्मी के लिए हो जाए तैयार, नौतपा 25 मई से धर्म अध्यात्म
  • Navratri 2023
    Navratri 2023 : माँ दुर्गा से जुड़े कुछ बेहद रोचक व भक्तिपूर्ण प्रेरक प्रसंगों की जानकारी धर्म अध्यात्म
  • Ashtami Fast
    Ashtami Fast : अष्टमी के लिए कब रखेंगे व्रत जानें धर्म अध्यात्म
  • करवा चौथ का मुहूर्त
    Mahashivratri-2024 : इस महाशिवरात्रि पर अपनी राशि अनुसार करें शिवजी का पूजन धर्म अध्यात्म
  • Durga Ashtami
    Karva Chauth ka pauranik mahatve : मां पार्वती ने सबसे पहले रखा था करवा चौथ का व्रत धर्म अध्यात्म

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • मकर संक्रांति
    Diwali : श्री गणेश महालक्ष्मी पूजन दिन और रात के शुभ लग्न मुहूर्त, पूजा, विधि, Shri Ganesh Mahalakshmi Puja auspicious time of day and night worship method Festival
  • UTS on Mobile app
    UTS on Mobile app : यूटीएस आँन मोबाइल ऐप के प्रति किया गया जागरूक Railway
  • Badminton Competition
    Badminton Competition : अंतर विद्यालय बैडमिंटन प्रतियोगिता में जय नारायण विद्या मंदिर बना चैंपियन Sports
  • Shri Hanuman Jayanti
    Hanuman ji worship on Chhoti Diwali : छोटी दिपावली पर हनुमान जी की पूजा का जानें महत्व धर्म अध्यात्म
  • लिफ्ट/एस्कलेटर की सुरक्षा
    लिफ्ट/एस्कलेटर की सुरक्षा-संरक्षा सुनिश्चित करने प्रदेश में लागू होगा कानून: मुख्यमंत्री UP Government News
  • अयोध्या
    अयोध्या में रोज दो लाख से ज्यादा लोग कर रहे दर्शन, एक तिनका भी नहीं हिला : मुख्यमंत्री UP Government News
  • कार्तिक पूर्णिमा
    Shri Krishna Janmastami : कृष्ण के चरण कमल का स्मरण मात्र से जीवन में होता जादुई असर धर्म अध्यात्म
  • रजनीत कौर गरचा
    मल्टी टैलेंटेड एथलीट हैं पंजाब की रजनीत कौर गरचा Sports

Copyright © 2026 .

Powered by PressBook News WordPress theme