Skip to content

The Xpress News

  • Home
  • धर्म अध्यात्म
  • Health
  • Blog
  • Toggle search form
  • महिला क्रिकेट में 10 हजार रन पूरे करने वाली दूसरी भारतीय बनीं स्मृति मांधा ना Sports
  • Chennai vs Punjab: प्रियांश के शतक से पंजाब ने सुपरकिंग्स को हराया Sports
  • PM Narendra Modi Bulandshahar Visit
    PM Narendra Modi Bulandshahar Visit : मोदी को चुनावी बिगुल फूंकने की जरूरत नहीं, मोदी विकास का बिगुल फूंकता है : प्रधानमंत्री Politics
  • Hartalika Teej fast
    Hartalika Teej fast : हरतालिका तीज पर कुछ कारगर और चमत्कारिक उपाय धर्म अध्यात्म
  • योनेक्स सनराइज उत्तर प्रदेश स्टेट सब जूनियर अंडर 15 और 17 बैडमिंटन चैंपियनशिप ग्रीन पार्क में 9 से Sports
  • कार्तिक पूर्णिमा
    कार्तिक पूर्णिमा का जानें शुभ मुहूर्त, Know the auspicious time of Kartik Purnima धर्म अध्यात्म
  • डॉक्टर मधुलिका शुक्ला
    स्वस्थ शरीर ही सबसे बड़ी पूंजी: डॉक्टर मधुलिका शुक्ला Health
  • होली
    विश्वकर्मा पूजा 17 सितंबर को धर्म अध्यात्म
लोहड़ी पर्व

Lohri Festival 2025 : कैसे मानते हैं लोहड़ी पर्व, क्या हैं गीत, कौन है दुल्ला भट्टी, जानें विस्तार से

Posted on January 13, 2025 By Manish Srivastava No Comments on Lohri Festival 2025 : कैसे मानते हैं लोहड़ी पर्व, क्या हैं गीत, कौन है दुल्ला भट्टी, जानें विस्तार से

अलीगढ़ : लोहड़ी पर्व विशेष 13 जनवरी 2025 दिन सोमवार के विषय में विस्तृत जानकारी दे रहे हैं श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भंडार वाले प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य परम पूज्य गुरुदेव पंडित हृदय रंजन शर्मा व्हाट्सएप नंबर-9756402981,7500048250

पौराणिक प्रचलित लोक कथा

लोहड़ी से संबद्ध परंपराओं एवं रीति-रिवाजों से ज्ञात होता है कि प्रागैतिहासिक गाथाएँ भी इससे जुड़ गई हैं। दक्ष प्रजापति की पुत्री सती के योगाग्नि-दहन की याद में ही यह अग्नि जलाई जाती है। लोहड़ी को दुल्ला भट्टी की एक कहानी से भी जोड़ा जाता हैं। दुल्ला भट्टी मुग़ल शासक अकबर के समय में पंजाब में रहता था। उसे पंजाब के नायक की उपाधि से सम्मानित किया गया था। उस समय संदल बार के जगह पर लड़कियों को ग़ुलामी के लिए बल पूर्वक अमीर लोगों को बेच जाता था जिसे दुल्ला भट्टी ने एक योजना के तहत लड़कियों को न केवल मुक्त ही करवाया बल्कि उनकी शादी भी हिन्दू लड़कों से करवाई और उनके शादी की सभी व्यवस्था भी करवाई। दुल्ला भट्टी एक विद्रोही था और जिसकी वंशावली भट्टी राजपूत थे। उसके पूर्वज पिंडी भट्टियों के शासक थे जो कि संदल बार में था। अब संदल बार पाकिस्तान में स्थित हैं। वह सभी पंजाबियों का नायक था




लोहड़ी पर अग्नि का पूजन

सूर्य ढलते ही खेतों में बड़े–बड़े अलाव जलाए जाते हैं। घरों के सामने भी इसी प्रकार का दृश्य होता है। लोग ऊँची उठती अग्नि शिखाओं के चारों ओर एकत्रित होकर, अलाव की परिक्रमा करते हैं तथा अग्नि को पके हुए चावल, मक्का के दाने तथा अन्य चबाने वाले भोज्य पदार्थ अर्पित करते हैं। ‘आदर आए, दलिदर जाए’ इस प्रकार के गीत व लोकगीत इस पर्व पर गाए जाते हैं। यह एक प्रकार से अग्नि को समर्पित प्रार्थना है। जिसमें अग्नि भगवान से प्रचुरता व समृद्धि की कामना की जाती है। परिक्रमा के बाद लोक मित्रों व सम्बन्धियों से मिलते हैं। शुभकामनाओं का आदान–प्रदान किया जाता है तथा आपस में भेंट बाँटी जाती है और प्रसाद वितरण भी होता है। प्रसाद में पाँच मुख्य वस्तुएँ होती हैं – तिल, गजक, गुड़, मूँगफली तथा मक्का के दाने। शीतऋतु के विशेष भोज्य पदार्थ अलाव के चारों ओर बैठकर खाए जाते हैं। इनमें सबसे महत्त्वपूर्ण व्यंजन है, मक्के की रोटी और सरसों का हरा साग

लोहड़ी की संध्या पर होली की तरह लकड़ियाँ एकत्रित करके जलायी जाती हैं और तिलों से अग्नि का पूजन किया जाता है। इस त्योहार पर बच्चों के द्वारा घर–घर जाकर लकड़ियाँ एकत्र करने का ढंग बड़ा ही रोचक है। बच्चों की टोलियाँ लोहड़ी गाती हैं, और घर–घर से लकड़ियाँ माँगी जाती हैं। वे एक गीत गाते हैं, जो कि बहुत प्रसिद्ध है

सुंदर मुंदरिये ! ………………हो
तेरा कौन बेचारा, ……………..हो
दुल्ला भट्टी वाला, ……………हो
दुल्ले घी व्याही, ………………हो
सेर शक्कर आई, ……………..हो
कुड़ी दे बाझे पाई, ……………..हो
कुड़ी दा लाल पटारा, ……………हो

यह गीत गाकर दुल्ला भट्टी की याद करते हैं

इस दिन सुबह से ही बच्चे घर–घर जाकर गीत गाते हैं तथा प्रत्येक घर से लोहड़ी माँगते हैं। यह कई रूपों में उन्हें प्रदान की जाती है। जैसे तिल, मूँगफली, गुड़, रेवड़ी व गजक। पंजाबी रॉबिन हुड दुल्ला भट्टी की प्रशंसा में गीत गाते हैं। दुल्ला भट्टी अमीरों को लूटकर, निर्धनों में धन बाँट देता था। एक बार उसने एक गाँव की निर्धन कन्या का विवाह स्वयं अपनी बहन के रूप में करवाया था

लोहड़ी का त्योहार नवविवाहितों के लिए खास होता है. नव विवाहित जोड़ा इस दिन अग्नि में आहुति देते हुए उसके चारों ओर घूमता है और अपनी सुखी वैवाहिक जीवन की प्राथना करता है. माना जाता है कि ऐसा करने से दांपत्य जीवन में कोई परेशानी नहीं आती

 

धर्म अध्यात्म Tags:लोहड़ी पर्व

Post navigation

Previous Post: Makar Sankranti 2025 : मकर संक्रांति का राशियों पर पड़ेगा क्या प्रभाव, जानें पंडित हृदय रंजन शर्मा से
Next Post: Cosco Kanpur Badminton Championship : मोहम्मद यूसुफ, अंशिका गुप्ता और आदित्री कटियार ने जीते बैडमिंटन के दोहरे खिताब

Related Posts

  • Sharad Purnima 2023
    Sharad Purnima 2023 : इस बार शरद पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण सूतक का साया—- धर्म अध्यात्म
  • Shraddha Paksha 2023 : श्राद्ध पक्ष पितृपक्ष 29 सितम्बर से, जानें क्यों महत्वपूर्ण है श्राद्ध कर्म धर्म अध्यात्म
  • Famous songs of Karva Chauth
    भगवान शिव जी को आखिर क्यों इतना प्रिय है बिल्वपत्र, क्या-क्या चढ़ाने से क्या मिलता है लाभ धर्म अध्यात्म
  • Yogi visit in Pune
    Yogi visit in Pune : भक्ति और शक्ति का मिलन होता है तो टूट जाती है गुलामी की दासता : योगी आदित्यनाथ धर्म अध्यात्म
  • होली
    Makar Sankranti 2024 : स्नान और दान करने पर क्या मिलता हैं फल, जानें पंडित हृदय रंजन शर्मा धर्म अध्यात्म
  • Pancham Skandamata
    Pancham Skandamata : पंचम स्कंदमाता.19 अक्टूबर 2023 दिन गुरुवार धर्म अध्यात्म

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Rail Coach Restaurant
    Rail Coach Restaurant : अब ट्रेन के डिब्बे में बैठकर रेस्टोरेंट के खाने का लीजिए मजा Railway
  • Kharmas
    Rakshabandhan :रक्षाबन्धन में राखी या रक्षासूत्र बांधने का जानें सर्वोत्तम मुहूर्त Blog
  • Vaibhav Suryavanshi "s Record
    Vaibhav Suryavanshi “s Record : वैभव सूर्यवंशी ने युवा वनडे में सबसे तेज शतक लगाने वाले वाले खिलाड़ी बने, भारत ने सीरीज पर कब्जा किया Sports
  • मल्टी टैलेंटेड हैं मेकअप गुरु प्रीति रंजन मनोरंजन
  • योगी आदित्यनाथ
    चौधरी चरण सिंह सच्चे अर्थों में लोकतंत्र के साधक : योगी आदित्यनाथ Blog
  • कबड्डी प्रतियोगिता में जालौन ने बाजी मारी, द्वितीय स्थान पर रहा बांदा Sports
  • नेशनल पावर लिफ्टिंग में कानपुर की “गोल्डन गर्ल” तनु शुक्ला ने जीते डबल गोल्ड मेडल Sports
  • Govardhan Puja : गोवर्धन की पूजा विधि, पूजा सामग्री और प्राचीन कथा Govardhan Puja worship method, worship material and ancient story Festival

Copyright © 2026 .

Powered by PressBook News WordPress theme