Skip to content

The Xpress News

  • Home
  • धर्म अध्यात्म
  • Health
  • Blog
  • Toggle search form
  • कर्क राशि
    मिथुन राशि वालों के लिए कैसा होगा साल 2024, जानें डॉ रोशनी टाक से Blog
  • Ashtami Fast
    Ashtami Fast : अष्टमी के लिए कब रखेंगे व्रत जानें धर्म अध्यात्म
  • नवनीत कौर
    सफलता का दूसरा नाम है दिल्ली की एथलीट नवनीत कौर Health
  • टेबल टेनिस स्टेट चैंपियनशिप में कानपुर के खिलाड़ियों का जलवा Sports
  • ICC Sourav Ganguly
    ICC Sourav Ganguly : गांगुली को फिर आईसीसी पुरुष क्रिकेट समिति का अध्यक्ष चुना गया Sports
  • Asian Games Cricket
    Asian Games Cricket : नेपाल ने क्रिकेट को दिग्गजों को कर दिया दंग, तोड़ दिए सब रिकाॅर्ड Sports
  • Ayodhya
    Ayodhya : बच्चों से हालचाल लेना नहीं भूले सीएम योगी धर्म अध्यात्म
  • Station Festival
    Khajuraho Station Festival : खजूराहो रेलवे स्टेशन की स्थापना के समृद्ध इतिहास को याद किया गया Blog
Skandamata Fifth Day

Skandamata Fifth Day : पंचम स्कंदमाता. 23 मार्च 2026 दिन सोमवार

Posted on March 21, 2026March 22, 2026 By Manish Srivastava No Comments on Skandamata Fifth Day : पंचम स्कंदमाता. 23 मार्च 2026 दिन सोमवार

अलीगढ़ (Skandamata Fifth Day )। चैत्र शुक्लपक्ष ,पंचमी दिन सोमवार कृतिका नक्षत्र विष्कुम्भ योग और बव करण के शुभ संयोग मै 23 मार्च 2026 को देवी मॉदुर्गा जी के पांचवे स्वरुप स्कंदमाता की पूजा घर घर होगी तोआइए माता की पूजा पाठ और माता के विषय मै विस्तृत जानकारी दे रहे हैं प्रसिद्ध(ज्योतिषाचार्य )परमपूज्य गुरुदेव पंडित ह्रदय रंजन शर्मा (अध्यक्ष )श्री गुरु ज्योतिष संस्थान गुरु रत्न भंडार पुरानी कोतवाली सर्राफा बाजार अलीगढ़।

💥माता का चोला (पीले रंग का ), शुभ रंग (सफेद), भोग (केला दान करने से शरीर स्वच्छ और सुंदर बनता है)

🌺मां दुर्गा जी के पांचवे स्वरुप को स्कंदमाता के नाम से जाना जाता है। इनकी उपासना नवरात्र के पांचवे दिन की जाती है। भगवान स्कंद कुमार कार्तिकेय नाम से भी जाने जाते हैं। ये प्रसिद्ध देवासुर संग्राम मैं देवताओं के सेनापति भीबने थे देवी भगवती का पांचवा स्वरूप नारी शक्ति और मातृशक्ति का सजीव चरित्र है। स्कंद कुमार की माता होने के कारण इनका नाम स्कंदमाता पड़ा, वह गणेश जी की भी माता है गणेश जी मानस पुत्र हैं और कार्तिकेय जी गर्भ से उत्पन्न हुए तारकासुर को वरदान था कि वह शंकर जी के शुक्रसे उत्पन्न पुत्र द्वारा ही मृत्यु को प्राप्त हो सकता है। इसी कारण देवी पार्वती जी का शंकर जी से मंगल परिणय हुआ इससेही प्रभु कार्तिकेय पैदा हुए औरअसुर तारकासुर का वध हुआ कमल के आसन पर विराजमान होने के कारण पद्मासना देवी भी कहा जाता है।




मां स्कंदमाता की उपासना से बालरूप स्कंद भगवान कार्तिकेय की उपासना स्वयमेव हो जाती है। यह विशेषता केवल इन्हीं को प्राप्त है। अतः साधक को स्कंदमाता की उपासना की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए शंकर पार्वती के मांगलिक मिलन को सनातन धर्म संस्कृति मवें विवाह परंपरा का प्रारंभ माना गयाहै. कन्यादान, गर्भधारण इन सभी की उत्पत्ति शिव और पार्वती के प्रसंगों उपरांत हुई नवरात्र के पांचवे दिन का शास्त्रों में पुष्कल(बहुत)महत्व बताया गया है इस दिन साधक का मन विशुद्ध चक्र में स्थित होता है।

💥मोक्ष प्रदाता है मां स्कंदमाता-

🌸 पौराणिक मान्यता अनुसार देवी का यह रूप इच्छा, ज्ञान और क्रिया शक्ति का समागम है। जब ब्रह्मांड में व्याप्त शिव तत्व का मिलन त्रिशक्ति के साथ होता है तो स्कंद का जन्म होता है। नवरात्र के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की आराधना करने से भक्त अपने व्यवहारिक ज्ञान को कर्म में परिवर्तित करते हैं। प्राचीन मान्यताओं के अनुसार देवी का यह रूप इच्छाशक्ति ,ज्ञान शक्ति और क्रिया शक्ति का समागम है। जब ब्रह्मांड में व्याप्त शिव तत्व का मिलन त्रिशक्ति के साथ होता है तो प्रभु स्कंध का जन्म होता है स्कंदमाता ज्ञान और क्रिया के स्रोत आरंभ का प्रतीक मानी गई है। जातक को सही दिशा का ज्ञान न होने के कारण वह विफल हो जाता है। मां स्कंदमाता की आराधना करने वाले को भगवती जीवन में सही दिशा ज्ञान का उपयोग कर उचित कर्मों द्वारा सफलता सिद्धि प्रदान करती हैं। योगीजन इस दिन विशुद्ध चक्र में अपना मन एकाग्र करते हैं। यही चक्र प्राणियों मे स्कंदमाता का स्थान है स्कंदमाता का विग्रह चार भुजाओं वाला है यह अपनी गोद में भगवान स्कंद को बैठाए रखती हैं।

दाहिनी ओर की ऊपर वाली भुजा से धनुष बाण धारी छहमुख वाले (षडानन) बाल रूप स्कंद को पकड़े रहती हैं। जबकि बाईं ओर की ऊपर वाली भुजा आशीर्वाद और बर प्रदाता मुद्रा में रखती हैं नीचे वाली दोनों भुजाओं में माता कमल पुष्प रखती हैं इनका वर्ण पूर्ण पूरी तरह निर्मल कांति वाला सफेद है यह कमल आसन पर विराजती हैं वाहन के रूप में इन्होंने सिह को अपनाया है कमल आसन वाली स्कंदमाता को “पद्मासना” भी कहा जाता है। यह वात्सल्य विग्रह है अतः कोई शस्त्र ये धारण नहीं करती इनकी कांति का अलौकिक प्रभामंडल इनके उपासक को भी मिलता है इनकी उपासना से साधक को परम शन्ति और सुख मिलता है उसकी सभी इच्छाएं पूर्ण होजाती और वह विशुद्ध चैतन्य स्वरूप की ओर बढ़ता है जातक की कोई लौकिक कामना शेष नहीं रहती है।




♦पौराणिक मंत्र ♦

🌲”या देवी सर्वभूतेषु मातृरुपेण संस्थिता! “नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यैनमो नमः”

🍁 प्रसिद्द (ज्योतिषाचार्य) परमपूज्य गुरुदेव पंडित हृदय रंजन शर्मा (अध्यक्ष )श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भंडार पुरानी कोतवाली सर्राफा बाजार अलीगढ़ यूपी WhatsApp नंबर-9756402981,7500048250

धर्म अध्यात्म Tags:Skandamata Fifth Day

Post navigation

Previous Post: Kushmanda Devi 4 : मां दुर्गा के चौथे स्वरुप का नाम कूष्मांडा है, जानें महिमा
Next Post: Ashtami Fast : अष्टमी के लिए कब रखेंगे व्रत जानें

Related Posts

  • होली
    100 साल बाद बना ऐसा दुर्लभ संयोग! 3 मार्च को नहीं, जानें क्यों 4 मार्च को खेली जाएगी होली धर्म अध्यात्म
  • Durga Ashtami
    Mohini Ekadashi 2024 : मोहिनी एकादशी के व्रत से मोह माया से मुक्ति और मोक्ष की होती है प्राप्ति धर्म अध्यात्म
  • Ayodhya
    Sri Ramlala Darshan : श्रद्धालुओं को हो रहे श्रीरामलला के सुगम दर्शन धर्म अध्यात्म
  • Hartalika Teej
    Ganga Dussehra 2024 : हिन्दू धर्म मे माँ गंगा के पृथ्वी पर अवतरण दिवस के रूप में मनाया जाता है गंगा दशहरा धर्म अध्यात्म
  • रामोत्सव 2024
    रामोत्सव 2024 : अयोध्या में अब कंकड़-पत्थर भी सुनाएंगे प्रभु श्रीराम की गौरवगाथा धर्म अध्यात्म
  • हरतालिका तीज व्रत (गौरी तृतीया व्रत) 26 अगस्त 2025 दिन मंगलवार को है, जानें चमत्कारी उपाय धर्म अध्यात्म

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Famous songs of Karva Chauth
    Magh Gupta Navratri : माघ गुप्त नवरात्रि 10 से 18 फरवरी तक, जानें पूजा विधि कथा व मुहूर्त धर्म अध्यात्म
  • जयनारायण विद्या मंदिर में भावभीनी विदाई समारोह, मधुर स्मृतियों एवं स्वर्णिम सपनों से सजा विदाई समारोह–2026 Education
  • Rail Week Celebration
    Rail Week Celebration : पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर मंडल ने वर्ष 2022-23 में उत्कृष्ठ कार्य करने वाले रेलकर्मियों को सम्मानित किया Railway
  • जयनारायण में हुआ टेबल टेनिस खिलाड़ी सुविज्ञा का सम्मान Sports
  • Ashtami Fast
    Shri Hanuman Janmotsav : बजरंगबली के किस उपाय से मिलता है क्या लाभ, जानें विस्तार से धर्म अध्यात्म
  • Kharmas
    Ram Navami 2025 : सुखद संयोग में 06 अप्रैल को मनाई जाएगी रामनवमी धर्म अध्यात्म
  • स्मार्ट मीटर को लेकर भ्रम में न आएं, OTP से सत्यापन कराएं General
  • मोदी जी की राह रोकने को दंगाबाज और दगाबाज लगा रहे बैरियर : सीएम योगी Blog

Copyright © 2026 .

Powered by PressBook News WordPress theme