Skip to content

The Xpress News

  • Home
  • धर्म अध्यात्म
  • Health
  • Blog
  • Toggle search form
  • डॉक्टर मधुलिका शुक्ला
    सुबह टहलना या दौड़ना सेहत के लिए फायदेमंद : डॉक्टर मधुलिका शुक्ला Health
  • स्मार्ट इंडिया हैकथान
    स्मार्ट इंडिया हैकथान में युवा प्रतिभाओं ने दिखाया दम Education
  • उत्तर प्रदेश की शान चंचल खटाना: संघर्ष, सफलता और प्रेरणा की गौरवशाली कहानी Blog
  • Voter Oath
    Voter Oath : बरेली मंडल के रेलवे कर्मियों ने ली मतदान की शपथ धर्म अध्यात्म
  • महाप्रबंधक उत्तर मध्य रेलवे
    महाप्रबंधक उत्तर मध्य रेलवे ने किया प्रयागराज-कानपुर खंड का विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण Blog
  • कानपुर के खिलाड़ियों का दबदबा : बरेली यूपी स्टेट रैंकिंग टेबल टेनिस में 2 स्वर्ण, 2 रजत और 3 कांस्य पदक Sports
  • कानपुर मंडल ने वाराणसी मंडल से ड्रा खेलकर क्‍वार्टर फाइनल में प्रवेश किया Sports
  • Durga Ashtami
    Karva Chauth ka pauranik mahatve : मां पार्वती ने सबसे पहले रखा था करवा चौथ का व्रत धर्म अध्यात्म
ब्रह्मचारिणी

Kaal Bhairav Ashtami 5th December : जानें भैरव जी कौन है, कैसे हुई उनकी उत्पत्ति, क्या है उनके पूजा-पाठ के नियम और मन्त्र

Posted on December 2, 2023 By Manish Srivastava No Comments on Kaal Bhairav Ashtami 5th December : जानें भैरव जी कौन है, कैसे हुई उनकी उत्पत्ति, क्या है उनके पूजा-पाठ के नियम और मन्त्र

Kaal Bhairav Ashtami 5th December : श्री काल भैरव अष्टमी 5 दिसम्बर-2023 दिन मंगलवार को है। भैरव “जी कौन है, कैसे हुई उनकी उत्पत्ति, क्या है उनके पूजा-पाठ के नियम, वह कौन से मन्त्र है जिन्हे करने से हमे मिलता है समस्त प्रकार के भयों से छुटकारा मुक्ति। तो आइए आज आपको इस विषय पर विस्तृत जानकारी दे रहे हैं प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य गुरुदेव पंडित ह्रदय रंजन शर्मा अध्यक्ष श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भंडार पुरानी कोतवाली सर्राफा बाजार अलीगढ़ यूपी WhatsApp नंबर-9756402981,8272809774

🌸मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष अष्टमी दिन मंगलवार पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र विष्कुम्भ योग बालव करण के शुभ संयोग में 5 दिसंबर 2023 को ही श्री महाकाल भैरव अष्टमी मान्य रहेगी
🌹भैरव का नाम सुनते ही मन मे भाय व्याप्त हो जाता है , जबकि ऐसा नहीं है .भैरव शिव के ही अंश हैं

🍁माँ सती के अंग जहां जहां गिरे थे वे सभी शक्ति पीठ हो गए , भगवान शिव ने प्रत्येक शक्ति पीठ की रक्षा हेतु एक भैरव नियुक्त किए हैं

🌷धर्म ग्रंथों के अनुसार भैरव भी भगवान शंकर के ही अवतार हैं। भगवान शंकर के इस अवतार से हमें अवगुणों को त्यागना सीखना चाहिए

🌺भैरव के बारे में प्रचलित है कि ये अति क्रोधी, तामसिक गुणों वाले तथा मदिरा का सेवन करने वाले हैं
⭐इस अवतार का मूल उद्देश्य है कि मनुष्य अपने सारे अवगुण जैसे- मदिरापान, तामसिक भोजन, क्रोधी स्वभाव आदि भैरव को समर्पित कर पूर्णत: धर्ममय आचरण करें

🎍भैरव अवतार से हमें यह भी शिक्षा मिलती है कि हर कार्य सोच-विचार कर करना ही ठीक रहता है। बिना विचारे काम करने से पद व प्रतिष्ठा धूमिल होती है

🌸शिव महापुराण में भैरव को भगवान शंकर का पूर्ण रूप बताया है

☘इनके अवतार की कथा इस प्रकार है
*🍁एक बार भगवान शंकर की माया से प्रभावित होकर ब्रह्मा व विष्णु स्वयं को श्रेष्ठ मानने लगे।
इस विषय में जब वेदों से पूछा गया तब उन्होंने शिव को सर्वश्रेष्ठ एवं परमतत्व कहा। किंतु ब्रह्मा व विष्णु ने उनकी बात का खंडन कर दिया। तभी वहां भगवान शंकर प्रकट हुए। उन्हें देखकर ब्रह्माजी ने कहा- चंद्रशेखर तुम मेरे पुत्र हो। अत: मेरी शरण में आओ। ब्रह्मा की ऐसी बात सुनकर भगवान शंकर को क्रोध आ गया। उनके क्रोध से वहां एक तेज-पुंज प्रकट हुआ और उसमें एक पुरुष दिखलाई पड़ा*

🔥भगवान शिव ने उस पुरुषाकृति से कहा
🍀काल की भांति शोभित होने के कारण तुम साक्षात कालराज हो। तुम से काल भी भयभीत रहेगा, अत: तुम कालभैरव भी हो।
मुक्तिपुरी काशी का आधिपत्य तुमको सर्वदा प्राप्त रहेगा।
उस नगरी के पापियों के शासक भी तुम ही होंगे। भगवान शंकर से इन वरों को प्राप्त कर कालभैरव ने अपनी अंगुली के नाखून से ब्रह्मा का एक सिर काट दिया*

🎈भगवान भैरवनाथ को प्रसन्न करने के उपाय

💥 रविवार, बुधवार या गुरुवार के दिन एक रोटी लें।
इस रोटी पर अपनी तर्जनी और मध्यमा अंगुली से तेल में डुबोकर लाइन खींचें।
यह रोटी किसी भी दो रंग वाले कुत्ते को खाने को दीजिए।
यदि कुत्ता यह रोटी खा लें तो समझिए आपको भैरव नाथ का आशीर्वाद मिल गया।
यदि कुत्ता रोटी सूंघ कर आगे बढ़ जाए तो इस क्रम को जारी रखें लेकिन सिर्फ हफ्ते के इन्हीं तीन दिनों में (रविवार, बुधवार या गुरुवार)।

यही तीन दिन भैरव नाथ के माने गए हैं।

💥 उड़द के पकौड़े शनिवार की रात को कड़वे तेल में बनाएं और रात भर उन्हें ढंककर रखें।
सुबह जल्दी उठकर प्रात: 6 से 7 के बीच बिना किसी से कुछ बोलें घर से निकले और रास्ते में मिलने वाले पहले कुत्ते को खिलाएं।
स्मरण रहे , पकौड़े डालने के बाद कुत्ते को पलट कर ना देखें।
यह प्रयोग सिर्फ रविवार के लिए हैं।

💥 शनिवार के दिन शहर के किसी भी ऐसे भैरव नाथ जी का मंदिर खोजें जिन्हें लोगों ने पूजना लगभग छोड़ दिया हो।
💥रविवार की सुबह सिंदूर, तेल, नारियल, पुए और जलेबी लेकर पहुंच जाएं।
💥मन लगाकर उनकी पूजन करें। बाद में 5 से लेकर 7 साल तक के बटुकों यानी लड़कों को चने-चिरौंजी का प्रसाद बांट दें।
साथ लाए जलेबी, नारियल, पुए आदि भी उन्हें बांटे।

🔥अपूज्य भैरव की पूजा से भैरवनाथ विशेष प्रसन्न होते हैं।

🔥 प्रति गुरुवार कुत्ते को गुड़ खिलाएं।

🔥 रेलवे स्टेशन पर जाकर किसी कोढ़ी, भिखारी को मदिरा की बोतल दान करें।

🔥 सवा किलो जलेबी बुधवार के दिन भैरव नाथ को चढ़ाएं और कुत्तों को खिलाएं।

🔥 शनिवार के दिन कड़वे तेल में पापड़, पकौड़े, पुए जैसे विविध पकवान तलें और रविवार को गरीब बस्ती में जाकर बांट दें।

🔥 रविवार या शुक्रवार को किसी भी भैरव मं‍दिर में गुलाब, चंदन और गुगल की खुशबूदार 33 अगरबत्ती जलाएं।

🔥 पांच नींबू, पांच गुरुवार तक भैरव जी को चढ़ाएं।

🔥 सवा सौ ग्राम काले तिल, सवा सौ ग्राम काले उड़द, सवा 1 रुपए, सवा मीटर काले कपड़े में पोटली बनाकर भैरव नाथ के मंदिर में बुधवार के दिन चढ़ाएं।

🌲 भैरव आराधना के लिए इनमे से कोई भी मंत्र ले सकते हैं
⭐ऊँ श्री बम बम महाकाल भैरवाय नमः
– ⭐’ॐ कालभैरवाय नम:।’
-⭐ ॐ भयहरणं च भैरव:।’
– ⭐’ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरूकुरू बटुकाय ह्रीं।’
-⭐ ‘ॐ हं षं नं गं कं सं खं महाकाल भैरवाय नम:।’
-⭐ ‘ॐ भ्रां कालभैरवाय फट्‍।’

🌻उपरोक्त मंत्र जप आपके समस्त शत्रुओं का नाश करके उन्हें भी आपके मित्र बना देंगे। आपके द्वारा सच्चे मन से की गई भैरव आराधना और मंत्र जप से आप स्वयं को जीवन में संतुष्ट और शांति का अनुभव करेंगे
💐प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य परमपूज्य गुरुदेव पं. ह्रदय रंजन शर्मा अध्यक्ष श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरू रत्न भंडार पुरानी कोतवाली सर्राफा बाजार अलीगढ़ यूपी WhatsApp नंबर-9756402981,7500048250

Blog Tags:Kaal Bhairav Ashtami 5th December

Post navigation

Previous Post: Kaal Bhairav Ashtami : भैरव बाबा के छोटे-छोटे मंत्र जो आपकी सभी मनोकामना करेंगे पूर्ण
Next Post: मां के संघर्ष और कड़ी मेहनत से मिस इंडिया बनीं प्रीति अरोड़ा

Related Posts

  • Shri Ram Navami : श्री राम नवमी 17 अप्रैल को, ज्योतिषाचार्य पंडित हृदय रंजन शर्मा से जानें महत्त्व Blog
  • ब्रह्मचारिणी
    Shri Kaal Bhairav Ashtami : काल भैरव की पूजा से नहीं सताता भय Blog
  • राजस्व मामलों का प्राथमिकता के आधार पर तय समय में करें निस्तारण : योगी आदित्यनाथ Blog
  • Skandamata Fifth Day
    Shri Krishna Janmashtami : श्री कृष्ण जन्माष्टमी की व्रत विधि, जन्म मुहूर्त और आरती Blog
  • होली
    Basant Panchami 2024 : अगर बच्चा पढ़ाई में कमजोर है,  तो बसंत पंचमी के दिन करें यह घरेलू उपाय, जानें शुभ मुहूर्त Blog
  • Mahaakumbh-2025 : बदल रहा है महाकुंभ में जन-आस्था के सबसे बड़े आकर्षण अखाड़ों का स्वरूप Blog

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Arthritis : गठिया आज विश्व की बहुत तेज बढ़ती हुई बीमारी है : डॉ एके अग्रवाल Health
  • एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट में भारत ने कजाकिस्तान को 15-0 से रौंदा Sports
  • उप्र पुस्‍कालय संघ
    UPLA elections : एचबीटीयू के डा. विपिन पांडेय उप्र पुस्‍कालय संघ के सदस्‍य चुने गए   Education
  • शैलपुत्री
    Lohri-2026 : आखिर क्यों मनाया जाता है लोहड़ी का त्यौहार, जानें पं हृदय रंजन शर्मा जी से धर्म अध्यात्म
  • Ayodhya
    Ayodhya : अयोध्या की सड़कों पर मोदी का हुआ अभूतपूर्व स्वागत Blog
  • Durga Ashtami
    Phalgun Month : फाल्गुन माह का जानिए क्या है धार्मिक और पौराणिक महत्व धर्म अध्यात्म
  • करवा चौथ
    करवा चौथ के साथ ही त्योहारों की खुशियों का आगाज धर्म अध्यात्म
  • India vs England 2nd test match
    India vs England 2nd test match : रन मशीन’ गिल और तेज गेंदबाजों ने भारत को जीत के करीब पहुंचाया Sports

Copyright © 2026 .

Powered by PressBook News WordPress theme