Skip to content

The Xpress News

  • Home
  • धर्म अध्यात्म
  • Health
  • Blog
  • Toggle search form
  • पंतजलि निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर
    पंतजलि निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर में सैकड़ों लोगों ने कराया परीक्षण Health
  • भीषण गर्मी में अधिक से अधिक पानी पीना चाहिए : डॉ. मधुलिका शुक्ला Health
  • खिलाड़ियों को स्ट्रेचिंग अपनी दिनचर्या में जोड़ना चाहिए: डॉ शिव कुमार चौहान Sports
  • ब्रह्मचारिणी
    भगवान श्रीगणेश के जितने विचित्र इनके नाम हैं उतनी विचित्र इनसे जुड़ी कथाएं भी Blog
  • जय नारायण विद्या मंदिर
    जय नारायण विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में सांस्कृतिक वार्षिकोत्सव “अभ्युदय” का भव्य समारोह Education
  • जय नारायण विद्या मंदिर
    जय नारायण विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में कथक नृत्य प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न Education
  • UP board result
    UP board result : हाईस्कूल और इण्टरमीडिएट में सीतापुर के परीक्षार्थियों का रहा दबदबा Education
  • बैडमिंटन प्रतियोगिता
    रागेन्द्र स्वरूप स्पोर्ट्स अकेडमी में वर्ष की पहली बैडमिंटन प्रतियोगिता का रोमांच जारी Sports
ब्रह्मचारिणी

Shravan month special : शिव जी पर चढ़ाये गये प्रसाद को ग्रहण करने से मिट जाते हैं समस्त पाप

Posted on July 19, 2024July 19, 2024 By Manish Srivastava No Comments on Shravan month special : शिव जी पर चढ़ाये गये प्रसाद को ग्रहण करने से मिट जाते हैं समस्त पाप

अलीगढ़ : श्रावण मास विशेष-शिव पुराण के अनुसार शिव जी पर चढ़ाये गये प्रसाद को ग्रहण करने से व्यक्ति के समस्त पाप मिट जाते हैं, किंतु कुछ अन्य धार्मिक मान्यताओं में शिवलिंग पर चढ़ाया गया प्रसाद ग्रहणकरने से मना किया जाता है। ऐसे में अधिकांश भक्तों के मन में इसे लेकर एक संशय की स्थिति होती है कि इस प्रसाद को ग्रहण किया जाए या नहीं और अगर ग्रहण ना करें तो इसका क्या करें

💥शिवलिंग पर चढ़ा प्रसाद ग्रहण ना करने के पीछे की मान्यता
🌸पूजा में भगवान तथा देवों को चढ़ाया गया प्रसाद अत्यंत पवित्र, रोग-शोक नाशक तथाभाग्यवर्धक माना गया है, किंतु शिवलिंग पर चढ़ा प्रसाद ग्रहण करने से मना किया जाया है। यहां यह ध्यान रखना आवश्यक है कि केवल कुछ परिस्थितियों में ही इस प्रसाद को ग्रहण करना निषेध है, कुछ शिवलिंग पर चढ़ाया गया प्रसाद ग्रहणीय है
🌹इससे पहले कि इसके बारे में पूर्ण जानकारी प्राप्त करे, इस प्रसाद को ग्रहण करने से मना करने का कारण भी जानना अति आवश्यक है
🔥ऐसी मान्यता है कि भूत-प्रेतों का प्रधान माना जाने वाला गण ‘चण्डेश्वर’ भगवान शिव के मुख से ही प्रकट हुआ था, वह हमेशा शिवजी की आराधना में लीन रहता है और शिवलिंग पर चढ़ाया गया प्रसाद उसी के हिस्से में जाता है। इसलिए अगर कोई इस प्रसाद को खाता है, तो वह भूत-प्रेतों का अंश ग्रहण कर रहा होता है और यही वजह है कि शिव-लिंग पर चढ़ाया गया प्रसाद-नैवेद्य खाने से मना किया जाता है, किंतु कुछ खास शिवलिंग पर चढ़ाये गये प्रसाद को खाया जा सकता है




🏵कौन-सा प्रसाद ग्रहण किया जा सकता है
🌟शिव पुराण (विद्येश्वरसंहिता)” के बाईसवें अध्याय में इसकी स्पष्ट जान-कारी मिलती है, जो इस प्रकार है
🌲“चण्डाधिकारो यत्रास्ति तद्भोक्तव्यं न मानवै:।
चण्डाधिकारो नो यत्र भोक्तव्यं तच्च भक्तित:।।”🌲

*🌻अर्थ जहां चण्ड का अधिकार हो, वहां शिवलिंग पर अर्पित प्रसाद मनुष्यों को ग्रहण नहीं करना चाहिए। किंतु जो चण्ड के अधिकार में नहीं है, शिव को अर्पित वह प्रसाद ग्रहण किया जा सकता हैशास्त्रीय मान्यताओं के अनुसार आप शिवलिंग का प्रसाद ग्रहण करें या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि शिवलिंग किस धातु या पदार्थ से बना हैसाधारण मिट्टी, पत्थर अथवा चीनी मिट्टी से बने शिवलिंग पर चढ़ाया गया भोग प्रसाद रूप में ग्रहण नहीं करना चाहिए। किंतु अगर शिवलिंग धातु, बाणलिंग (नर्मदा नदी के तट पर पाया जाने वाला एक पत्थर) से बना है अथवा पारद शिवलिंग पर चढ़ाया गया प्रसाद सर्वथा ग्रहणीय होता है। यह चंडेश्वर का अंश ना होकर महादेव के हिस्से में होता है और इसे ग्रहण करने से व्यक्ति ना केवल दोषमुक्त रहता है बल्कि उसके जीवन की बाधाएं भी नष्ट होती हैइसके अतिरिक्त अगर किसी शिवलिंग की शालिग्राम के साथ पूजा की जाती है, तो वह चाहे किसी भी पदार्थ से बना हो, उस पर अर्पित किया गया प्रसाद दोषमुक्त होता है और उसे ग्रहण किया जा सकता है। साथ ही शिवजी की साकार मूर्ति पर चढ़ाया गया प्रसाद भी पूर्ण रूप से ग्रहणीय होता है और व्यक्ति को शिव कृपा प्राप्त होती है
इसके अलावा “स्वयंभू लिंग” अर्थात भक्तों के कल्याण के लिए स्वयं प्रकट हुए सभी शिवलिंग तथा भगवान शिव को समर्पित सभी बारह ज्योर्तिलिंग*
♦सौराष्ट्र का सोमनाथ
♦2.श्रीशैल का मल्लिकार्जुन
♦3.उज्जैन का महाकाल
♦4.ओंकार का परमेश्वर
♦5.हिमालय का केदारनाथ
♦6.डाकिनी का भीमशंकर
♦7.वाराणसी का विश्वनाथ
♦8.गोमतीतट का त्र्यम्बकेश्वर
♦9.चिताभूमि का वैद्यनाथ
♦10.दारुकावन का नागेश्वर
♦11.सेतुबन्ध का रामेश्वर
♦12.शिवालय का घुश्मेश्वर) चण्ड के अधिकार से मुक्त माने गए हैं । यहां चढ़ाया प्रसाद ग्रहण करने व्यक्ति के समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं




🍁सिद्ध किए गए शिवलिंग :
♦शास्त्रों के अनुसार जिन शिवलिंगों की उपासना करते हुए किसी ने सिद्धियां प्राप्त की हों या जो सिद्ध भक्तों द्वारा प्रतिष्ठित किये गए हों (उदाहरण के लिए काशी में शुक्रेश्वर, वृद्धकालेश्वर, सोमेश्वर आदि शिवलिंग जो देवता अथवा सिद्ध महात्माओं द्वारा प्रतिष्ठित माने जाते हैं), उस पर चढ़ाया प्रसाद भी भगवान शिव की कृपा का पात्र बनाता है

💥इसके अतिरिक्त शिव-तंत्र की दीक्षा लेने वाले शिव भक्त सभी शिवलिंगों पर चढ़ा प्रसाद ग्रहण कर सकते हैं। उनके लिए भगवान शिव के हर स्वरूप पर चढ़ाया गया प्रसाद ‘महाप्रसाद’ समझा जाता है और ग्रहणीय है

♦प्रसाद जिसे आप ग्रहण न कर सकें
🔥भगवान को अर्पित किया गया प्रसाद हर रूप में आदरणीय होता है, इसलिए जब इसे ग्रहण ना करने की बात आती है तो मन में संशय होना भी आवश्यक है कि आखिर इसका क्या करें। क्या इसे किसी अन्य को देना चाहिए या फेंकना चहिए? वस्तुत: यह दोनों ही गलत माना जाता है। फेंकना भी जहां प्रसाद का अपमान कर भगवान के कोप का भाजन बनाता है, ग्रहण ना किया जा सकने वाला प्रसाद किसी और को देना भी पाप का भागीदार बनाता है। इसलिए इस प्रसाद को या किसी भी प्रसाद को जिसे आप खा नहीं सकते, उसे किसी नदी, तालाब या बहते जल के स्रोत में प्रवाहित कर देना चाहिए या कुत्ते ,गऊ माता को खिला देना चाहिए




💐प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य परम पूज्य गुरुदेव पंडित हृदय रंजन शर्मा अध्यक्ष श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भंडार पुरानी कोतवाली सर्राफा बाजार अलीगढ़ यूपी व्हाट्सएप नंबर-9756402981,7500048250

धर्म अध्यात्म Tags:Shravan month special

Post navigation

Previous Post: Shravan month special : भगवान शिव को अर्पित की जाने वाली हर चीज़ का फल होता है अलग
Next Post: Shravan month special : सोने के शिवलिंग पर अभिषेक करने से स्वर्ग की होती है प्राप्ति

Related Posts

  • Relation of Shiva and Shravan : भगवान शिव को आखिर इतना क्यों पसंद है श्रावण मास धर्म अध्यात्म
  • Hartalika Teej
    Hartalika Teej 2024 : हरतालिका तीज की व्रत विधि, मंत्र, मुहूत और पूजन सामग्री धर्म अध्यात्म
  • कार्तिक पूर्णिमा
    Hindu New Year : हिन्दूओं का नववर्ष 9 अप्रैल से आरंभ हो रहा है, जानें गुड़ी पड़वा का महत्व धर्म अध्यात्म
  • होली
    Guru Nanak Ji Prakash Parv : जानें गुरु नानक देव जी से जुडी कथा और शिक्षायें धर्म अध्यात्म
  • Hariyali Teej
    Maghi Purnima fast 2024 : माघी पूर्णिमा में विशेष उपाय करने से शीघ्र ही प्रसन्न होती हैं मां लक्ष्मी धर्म अध्यात्म
  • Kharmas
    Rishi Panchami 28 August : ऋषि पंचमी का व्रत, कथा और पूजन विधि जानें धर्म अध्यात्म

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • पावर लिफ्टिंग की नेशनल चैंपियनशिप
    मानसिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ियों के लिए पावर लिफ्टिंग की नेशनल चैंपियनशिप 26 फरवरी से Sports
  • Hartalika Teej
    महाशिवरात्रि पर शुभ योग, जानें चारों प्रहर का मुहूर्त, होगी भोलेनाथ की कृपा धर्म अध्यात्म
  • Durga Navami
    Makar Sankranti 2026 : मकर संक्रांति पर सभी 12 राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा धर्म अध्यात्म
  • ओम बिरला
    सदन जितना अधिक चलेगा, लोकतंत्र उतना ही होगा मजबूत- ओम बिरला General
  • महाराष्ट्र राज्य बॉडीबिल्डिंग एसोसिएशन ने प्रीति अरोड़ा को किया सम्मानित Sports
  • शैलपुत्री
    Dhanteras 2024 : सोना-चांदी के साथ में इन चीजों को खरीदना न भूलें, Do not forget to buy these things along with gold and silver Festival
  • रजनीत कौर गरचा
    मल्टी टैलेंटेड एथलीट हैं पंजाब की रजनीत कौर गरचा Sports
  • Skandamata Fifth Day
    28 अप्रैल से सभी प्रकार के शुभ और मांगलिक कार्यों पर लगी सवा दो महीने तक रोक धर्म अध्यात्म

Copyright © 2026 .

Powered by PressBook News WordPress theme