Skip to content

The Xpress News

  • Home
  • धर्म अध्यात्म
  • Health
  • Blog
  • Toggle search form
  • बैडमिंटन टूर्नामेंट सीरीज
    प्रथम कॉस्को कानपुर रैंकिंग बैडमिंटन टूर्नामेंट सीरीज का भव्य आगाज Sports
  • Change of Dress : फुल पैंट शर्ट पहनकर आएंगे परिषदीय विद्यालयों के छात्र Education
  • Ayodhya Ram mandir
    Ayodhya Ram mandir : रामलला के दर्शन को एक जनवरी से चलेगी विशेष बस UP Government News
  • सराहनीय
    सराहनीय : ट्रेन में छूटे पर्स को रेलवेकर्मियों ने परिवार को वापस दिलाया Railway
  • Kapil Dev
    Kapil Dev की यादगार पारी, जब जिम्बाब्वे के खिलाफ जड़े थे 175 रन, देखें वीडियो Cricket World Cup
  • Ashtami Fast
    lunar eclipse : 07 सितंबर काे लगेगा संपूर्ण खग्रासचंद्र ग्रहण, भारत में चंद्र ग्रहण का समय धर्म अध्यात्म
  • तृतीय चंद्रघंटा
    Chaitranavratri Third Day : तृतीय चंद्रघंटा धर्म अध्यात्म
  • भावना रोकड़े की अदाकारी पर फिदा हैं लाखों फैन्स मनोरंजन
ब्रह्मचारिणी

भगवान श्रीगणेश के जितने विचित्र इनके नाम हैं उतनी विचित्र इनसे जुड़ी कथाएं भी

Posted on September 14, 2023September 16, 2023 By Manish Srivastava No Comments on भगवान श्रीगणेश के जितने विचित्र इनके नाम हैं उतनी विचित्र इनसे जुड़ी कथाएं भी

भगवान श्रीगणेश को विघ्नहर्ता, मंगलमूर्ति, लंबोदर, व्रकतुंड आदि कई विचित्र नामों से पुकारा जाता है। जितने विचित्र इनके नाम हैं उतनी विचित्र इनसे जुड़ी कथाएं भी हैं। अनेक धर्म ग्रंथों में भगवान श्रीगणेश की कथाओं का वर्णन मिलता है। इन कथाओं में भगवान श्रीगणेश से जुड़ी कई ऐसी बातें हैं जो बहुत कम लोग जानते हैं। आज हम आपको श्रीगणेश से जुड़ी कुछ ऐसी ही गुप्त व रोचक बातें बता रहे हैं प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य गुरुदेव पंडित हृदय रंजन शर्मा अध्यक्ष श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भंडार पुरानी कोतवाली सर्राफा बाजार अलीगढ़ यूपी व्हाट्सएप नंबर-9756402981,7500048250 *

🔥 शिवमहापुराण के अनुसार माता पार्वती को श्रीगणेश का निर्माण करने का विचार उनकी सखियां जया और विजया ने दिया था। जया-विजया ने पार्वती से कहा था कि नंदी आदि सभी गण सिर्फ महादेव की आज्ञा का ही पालन करते हैं। अत: आपको भी एक गण की रचना करनी चाहिए जो सिर्फ आपकी आज्ञा का पालन करे। इस प्रकार विचार आने पर माता पार्वती ने श्रीगणेश की रचना अपने शरीर के मैल से की

🔥 शिवमहापुराण के अनुसार श्रीगणेश के शरीर का रंग लाल और हरा है। श्रीगणेश को जो दूर्वा चढ़ाई जाती है वह जडऱहित, बारह अंगुल लंबी और तीन गांठों वाली होना चाहिए। ऐसी 101 या 121 दूर्वा से श्रीगणेश की पूजा करना चाहिए

🔥 ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार माता पार्वती ने पुत्र प्राप्ति के लिए पुण्यक नाम व्रत किया था, इसी व्रत के फलस्वरूप भगवान श्रीकृष्ण पुत्र रूप में माता पार्वती को प्राप्त हुए

🔥 ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार जब सभी देवता श्रीगणेश को आशीर्वाद दे रहे थे तब शनिदेव सिर नीचे किए हुए खड़े थे। पार्वती द्वारा पुछने पर शनिदेव ने कहा कि मेरे द्वारा देखने पर आपके पुत्र का अहित हो सकता है लेकिन जब माता पार्वती के कहने पर शनिदेव ने बालक को देखा तो उसका सिर धड़ से अलग हो गया

🔥 ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार जब शनि द्वारा देखने पर माता पार्वती के पुत्र का मस्तक कट गया तो भगवान श्रीहरि गरूड़ पर सवार होकर उत्तर दिशा की ओर गए और पुष्पभद्रा नदी के तट पर हथिनी के साथ सो रहे एक गजबालक का सिर काटकर ले आए। उस गजबालक का सिर श्रीहरि ने माता पार्वती के मस्तक विहिन पुत्र के धड़ पर रखकर उसे पुनर्जीवित कर दिया

🔥 ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार एक बार किसी कारणवश भगवान शिव ने क्रोध में आकर सूर्य पर त्रिशूल से प्रहार किया। इस प्रहार से सूर्यदेव चेतनाहीन हो गए। सूर्यदेव के पिता कश्यप ने जब यह देखा तो उन्होंने क्रोध में आकर शिवजी को श्राप दिया कि जिस प्रकार आज तुम्हारे त्रिशूल से मेरे पुत्र का शरीर नष्ट हुआ है, उसी प्रकार तुम्हारे पुत्र का मस्तक भी कट जाएगा। इसी श्राप के फलस्वरूप भगवान श्रीगणेश के मस्तक कटने की घटना हुई

🔥 ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार एक बार तुलसीदेवी गंगा तट से गुजर रही थी, उस समय वहां श्रीगणेश भी तप कर रहे थे। श्रीगणेश को देखकर तुलसी का मन उनकी ओर आकर्षित हो गया। तब तुलसी ने श्रीगणेश से कहा कि आप मेरे स्वामी हो जाइए लेकिन श्रीगणेश ने विवाह करने से इंकार कर दिया। क्रोधवश तुलसी ने श्रीगणेश को विवाह करने का श्राप दे दिया और श्रीगणेश ने तुलसी को वृक्ष बनने का

🔥 शिवमहापुराण के अनुसार श्रीगणेश का विवाह प्रजापति विश्वरूप की पुत्रियों सिद्धि और बुद्धि से हुआ है। श्रीगणेश के दो पुत्र हैं इनके नाम क्षेत्र तथा लाभ हैं

🔥 शिवमहापुराण के अनुसार जब भगवान शिव त्रिपुर का नाश करने जा रहे थे तब आकाशवाणी हुई कि जब तक आप श्रीगणेश का पूजन नहीं करेंगे तब तक तीनों पुरों का संहार नहीं कर सकेंगे। तब भगवान शिव ने भद्रकाली को बुलाकर गजानन का पूजन किया और युद्ध में विजय प्राप्त की

🔥 ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार एक बार परशुराम जब भगवान शिव के दर्शन करने कैलाश पहुंचे तो भगवान ध्यान में थे। तब श्रीगणेश ने परशुरामजी को भगवान शिव से मिलने नहीं दिया। इस बात से क्रोधित होकर परशुरामजी ने फरसे से श्रीगणेश पर वार कर दिया। वह फरसा स्वयं भगवान शिव ने परशुराम को दिया था। श्रीगणेश उस फरसे का वार खाली नहीं होने देना चाहते थे इसलिए उन्होंने उस फरसे का वार अपने दांत पर झेल लिया, जिसके कारण उनका एक दांत टूट गया। तभी से उन्हें एकदंत भी कहा जाता है

🔥 महाभारत का लेखन श्रीगणेश ने किया है ये बात तो सभी जानते हैं लेकिन महाभारत लिखने से पहले उन्होंने महर्षि वेदव्यास के सामने एक शर्त रखी थी इसके बारे में कम ही लोग जानते हैं। शर्त इस प्रकार थी कि श्रीगणेश ने महर्षि वेदव्यास से कहा था कि यदि लिखते समय मेरी लेखनी क्षणभर के लिए भी न रूके तो मैं इस ग्रंथ का लेखक बन सकता हूं

🔥 तब महर्षि वेदव्यास जी ये शर्त मान ली और श्रीगणेश से कहा कि मैं जो भी बोलूं आप उसे बिना समझे मत लिखना। तब वेदव्यास जी बीच-बीच में कुछ ऐसे श्लोक बोलते कि उन्हें समझने में श्रीगणेश को थोड़ा समय लगता। इस बीच महर्षि वेदव्यास अन्य काम कर लेते थे

🔥 गणेश पुराण के अनुसार छन्दशास्त्र में 8 गण होते हैं- मगण, नगण, भगण, यगण, जगण, रगण, सगण, तगण। इनके अधिष्ठाता देवता होने के कारण भी इन्हें गणेश की संज्ञा दी गई है। अक्षरों को गण भी कहा जाता है। इनके ईश होने के कारण इन्हें गणेश कहा जाता है, इसलिए वे विद्या-बुद्धि के दाता भी कहे गए हैं
🏵प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य परमपूज्य गुरुदेव पंडित हृदय रंजन शर्मा अध्यक्ष श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भंडार पुरानी कोतवाली सर्राफा बाजार अलीगढ़ यूपी व्हाट्सएप नंबर-9756402981,8272809774 *

Blog Tags:Ganesh Chaturthi-2023

Post navigation

Previous Post: Ganesh Chaturthi-2023 : गणेशजी को दूर्वा और मोदक चढ़ाने का महत्व क्यों
Next Post: क्या भगवान श्रीगणेश साक्षात् श्रीकृष्ण का ही स्वरूप है, आइए जानें

Related Posts

  • होली
    Ganesh Chaturthi-2023 : गणेशजी को दूर्वा और मोदक चढ़ाने का महत्व क्यों Blog
  • IRCTC
    आईआरसीटीसी से शून्य सुविधा शुल्क पर अपने हवाई टिकट बुक करें और कार्ड से लेनदेन पर छूट पाएं Blog
  • Padma Shri Award 2024 : यूपी की 12 विभूतियों को मिलेगा पद्म श्री पुरस्कार Blog
  • पीसीएस जे उत्तीर्ण होने पर ब्रजेश पटेल को मिला जयनारायण रत्न अवॉर्ड Blog
  • होली
    Mauni Amavasya : मौनी अमावस्या का जानें महत्व, व्रत नियम, उपाय, कथा और मुहूर्त Blog
  • Ayodhya
    Ayodhya : अयोध्या की सड़कों पर मोदी का हुआ अभूतपूर्व स्वागत Blog

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Ram Navami : जानें हवन, यज्ञ, अनुष्ठान, दुर्गा सप्तशती का पाठ, कन्या लांगुर की संपूर्ण जानकारी धर्म अध्यात्म
  • Hariyali Teej
    Shravan month special : भगवान शिव को अर्पित की जाने वाली हर चीज़ का फल होता है अलग धर्म अध्यात्म
  • IPL 2026 special story: ई रिक्शा चलाने वाला बना आईपीएल में नेट बॉलर Sports
  • Ashtami Fast
    Holi ka Shubh Muhort :होली की स्थापना एवं पूजन का शुभ मुहूर्त धर्म अध्यात्म
  • जन आकांक्षाओं को पूरा करेगा पुनर्विकसित डालीगंज स्टेशन Railway
  • 2nd कॉस्को बैडमिंटन चैंपियनशिप 10 जनवरी से Sports
  • एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट में भारत ने कजाकिस्तान को 15-0 से रौंदा Sports
  • बेटी को निखारने में मां ‘यशोदा’ हिमानी की ‘भूमिका ‘ Education

Copyright © 2026 .

Powered by PressBook News WordPress theme