Skip to content

The Xpress News

  • Home
  • धर्म अध्यात्म
  • Health
  • Blog
  • Toggle search form
  • ब्रह्मचारिणी
    Lohri-2024 : लोहड़ी की जानें पौराणिक व प्रचलित लोक कथा धर्म अध्यात्म
  • कर्क राशि
    मिथुन राशि वालों के लिए कैसा होगा साल 2024, जानें डॉ रोशनी टाक से Blog
  • UTS on Mobile app
    UTS on Mobile app : यूटीएस आँन मोबाइल ऐप के प्रति किया गया जागरूक Railway
  • Laxmi Narayan Serial
    Laxmi Narayan Serial : धार्मिक सीरियल में एक्टिंग करना चैलेंजिंग होता है : भावना रोकड़े मनोरंजन
  • Hariyali Teej
    Shitala Shashthi 2024 : शीतला षष्ठी व्रत से पुत्र और सौभाग्य की प्राप्ति होती है धर्म अध्यात्म
  • Bithoor to Kanpur Central Station
    Railway update : समस्तीपुर मंडल के मेहसी स्टेशन पर Railway
  • जय नारायण विद्या मंदिर
    जय नारायण विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में कथक नृत्य प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न Education
  • बैडमिंटन टूर्नामेंट
    प्रदेश का पहला जिला रैंकिंग बैडमिंटन टूर्नामेंट 26 से कानपुर में Sports
Durga Ashtami

Raksha Bandhan-2024 : रक्षा बंधन पर जानिए पौराणिक काल के 10 भाइयों की प्रसिद्ध बहनों के विषय में

Posted on August 9, 2024 By Manish Srivastava No Comments on Raksha Bandhan-2024 : रक्षा बंधन पर जानिए पौराणिक काल के 10 भाइयों की प्रसिद्ध बहनों के विषय में

अलीगढ़ (Raksha Bandhan-2024) : रक्षा बंधन पर जानिए पौराणिक काल के 10 भाइयों की प्रसिद्ध बहनो के विषय में। विस्तृत जानकारी दे रहे हैं श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भंडार वाले प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य परम पूज्य गुरुदेव पंडित हृदय रंजन शर्मा व्हाट्सएप नंबर-9756402981,7500048250

🍁आइए जानते हैं इतिहास प्रसिद्ध 10 प्रसिद्ध बहनों के नाम।

🏵️1. भगवान शिव की बहन : कहते हैं कि भगवान शिव की बहन असावरी देवी थीं। कहते हैं कि पार्वती अकेली रहती थीं तो उन्होंने एक बार शिव से कहा कि काश मेरी ननद होती तो अच्छा होता। तब शिव ने अपनी माया से अपनी एक बहन की उत्पत्ति की और पार्वती देवी से कहा ये रही आपकी ननद। इसके बाद के किस्से पुराणों में पढ़ें। उल्लेखनीय है कि पार्वती की सौतेली बहन देवी लक्ष्मी थीं जिनका विवाह श्रीहरि विष्णु से हुआ था। इसी तरह भगवान शिव की पुत्री अर्थात कार्तिकेय और गणेश की बहन ज्योति, अशोक सुंदरी और मनसा देवी की ख्‍याति है।

🏵️2. भगवान विष्णु की बहन : शाक्त परंपरा में तीन रहस्यों का वर्णन है- प्राधानिक, वैकृतिक और मुक्ति। इस प्रश्न का, इस रहस्य का वर्णन प्राधानिक रहस्य में है। इस रहस्य के अनुसार महालक्ष्मी के द्वारा विष्णु और सरस्वती की उत्पत्ति हुई अर्थात विष्णु और सरस्वती बहन और भाई हैं। इन सरस्वती का विवाह ब्रह्माजी से और ब्रह्माजी की जो दूसरी सरस्वती है, उनका विवाह विष्णुजी से हुआ था ऐसे उल्लेख मिलता है। इसके अलावा दक्षिण भारत की प्रचलित मान्यता के अनुसार मीनाक्षी देवी नामक एक देवी भगवान शिव की पत्नी पार्वती का अवतार और भगवान विष्णु की बहन थीं। मीनाक्षी देवी का मीनाक्षी अम्मन मंदिर दक्षिण भारत में है।




🏵️3. बाली की बहन : जब भगवान वामन ने महाराज बली से तीन पग भूमि मांगकर उन्हें पाताललोक का राजा बना दिया तब राजा बली ने भी वर के रूप में भगवान से रात-दिन अपने सामने रहने का वचन भी ले लिया। भगवान को वामनावतार के बाद पुन: लक्ष्मी के पास जाना था लेकिन भगवान ये वचन देकर फंस गए और वे वहीं रसातल में बली की सेवा में रहने लगे। उधर, इस बात से माता लक्ष्मी चिंतित हो गई। ऐसे में नारदजी ने लक्ष्मीजी को एक उपाय बताया। तब लक्ष्मीजी ने राजा बली को राखी बांध अपना भाई बनाया और अपने पति को अपने साथ ले आईं। उस दिन श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि थी। तभी से यह रक्षा बंधन का त्योहार प्रचलन में हैं।

🏵️4. यमराज की बहन : भाई दूज को यम द्वितीया भी कहते हैं। मान्यता है कि इस दिन यमुना ने अपने भाई भगवान यमराज को अपने घर आमंत्रित करके उन्हें तिलक लगाकर अपने हाथ से स्वादिष्ट भोजन कराया था। जिससे यमराज बहुत प्रसन्न हुए थे और उन्होंने यमुना को मृत्यु के भय से मुक्त होकर अखंड सौभाग्यवती बने रहने का वरदान दिया था। कहते हैं कि इस दिन जो भाई-बहन इस रस्म को निभाकर यमुनाजी में स्नान करते हैं, उनको यमराजजी यमलोक की यातना नहीं देते हैं। इस दिन मृत्यु के देवता यमराज और उनकी बहन यमुना का पूजन किया जाता है।

🏵️5. भगवान राम की बहन : श्रीराम की दो बहनें भी थी एक शांता और दूसरी कुकबी। हम यहां आपको शांता के बारे में बताएंगे। दक्षिण भारत की रामायण के अनुसार राम की बहन का नाम शांता था, जो चारों भाइयों से बड़ी थीं। शांता राजा दशरथ और कौशल्या की पुत्री थीं, लेकिन पैदा होने के कुछ वर्षों बाद कुछ कारणों से राजा दशरथ ने शांता को अंगदेश के राजा रोमपद को दे दिया था। भगवान राम की बड़ी बहन का पालन-पोषण राजा रोमपद और उनकी पत्नी वर्षिणी ने किया, जो महारानी कौशल्या की बहन अर्थात राम की मौसी थीं। शांता के पति एक महान ऋषि ऋंग थे। राजा दशरथ और इनकी तीनों रानियां इस बात को लेकर चिंतित रहती थीं कि पुत्र नहीं होने पर उत्तराधिकारी कौन होगा। इनकी चिंता दूर करने के लिए ऋषि वशिष्ठ सलाह देते हैं कि आप अपने दामाद ऋंग ऋषि से पुत्रेष्ठि यज्ञ करवाएं। इससे पुत्र की प्राप्ति होगी। ऋंग ऋषि ने ही पुत्रेष्ठि यज्ञ किया था।

🏵️6. भगवान श्रीकृष्ण की बहन : कहा जाता है कि नरकासुर का वध करने के बाद भगवान श्रीकृष्ण अपनी बहन सुभद्रा से मिलने भाई दूज के दिन उनके घर पहुंचे थे। सुभद्रा ने उनका स्वागत करके अपने हाथों से उन्हें भोजन कराकर तिलक लगाया था। सुभद्रा के अलावा श्रीकृष्ण की और भी बहनें थी। पहली एकानंगा(यह यशोदा की पुत्री थीं), दूसरी योगमाया (देवकी के गर्भ से सती ने महामाया के रूप में इनके घर जन्म लिया, जो कंस के पटकने पर हाथ से छूट गई थी। कहते हैं, विन्ध्याचल में इसी देवी का निवास है। कहते हैं कि योगमाया ने श्रीकृष्ण का हर कदम पर साथ दिया था। इसके अलावा द्रौपदी को श्रीकृष्ण अपनी बहन मानते थे।




🌞7. सूर्य देव की बहन : भगवान सूर्य देव की बहन और ब्रह्मा की मानस पुत्री छठ मैया के नाम से प्रसिद्ध है। मां छठी को कात्यायनी नाम से भी जाना जाता है। नवरात्रि की षष्ठी तिथि को इन्हीं की पूजा की जाती है।

🏵️8. रावण की बहन : रावण की दो बहनें थी एक का नाम सूर्पनखा और दूसरी थी कुम्भिनी जो की मथुरा के राजा मधु राक्षस की पत्नी थी और राक्षस लवणासुर की मां थी।

🏵️9. कंस की बहन : सब दुर्गुणों के बावजूद कंस अपनी छोटी बहन देवकी से अपार स्नेह रखता था और वह उसे सबसे ज्यादा चाहता था। यदि देवकी के विवाह के समय आकाशवाणी ना हुई होती, तो वह कभी अपनी बहन पर मर्मांतक अत्याचार नहीं कर सकता था। देवकी राजा उग्रसेन और रानी पद्मावती की पुत्री थीं।

🏵️10. दुर्योधन की बहन : कौरव यानी दुर्योधन ओर उसके 100 भाई, लेकिन कौरवों की 1 बहन भी थी, नाम था दुशाला। दुशाला का विवाह सिंध देश के राजा जयद्रथ के साथ हुआ था। जयद्रथ के पिता वृध्दक्षत्र थे। जयद्रथ ने द्रौपदी का हरण करने का प्रयास किया था जिसके चलते द्रौपदी ने उसका सिर मुंडवा कर उसे अपमानित किया था। इसी जयद्रथ के कारण अभिमन्यु को पांडव चक्रव्यूह से नहीं बचा सके थे। इसी तरह महाभारत में शकुनि की बहन गांधारी और धृष्टदुम्न की बहन द्रौपदी की प्रसिद्धि भी है।

🌞प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य परम पूज्य गुरुदेव पंडित हृदय रंजन शर्मा अध्यक्ष श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भंडार पुरानी कोतवाली सर्राफा बाजार अलीगढ़ यूपी व्हाट्सएप नंबर.9756402981,7500048250

धर्म अध्यात्म Tags:Raksha Bandhan-2024

Post navigation

Previous Post: Rakshabandhan : रक्षाबन्धन पर्व बनाने की परम्परा कैसे शुरु हुई, जानें इतिहास एवं पूजा विधि!
Next Post: Raksha Bandhan Muhurta : जानें रक्षा बंधन का शुभ मुहूर्त व विशेष उपाय

Related Posts

  • Makar Sankranti 2025
    Makar Sankranti 2025 : 58 दिन बाणों की शैया पर बिताने के बाद मकर संक्राति को भीष्म पितामह ने त्यागे थे प्राण धर्म अध्यात्म
  • Dhanteras
    Dhanteras 2023 : धनतेरस पर ये उपाय किया तो बरसेगी मां लक्ष्मी की विशेष कृपा धर्म अध्यात्म
  • Shradh 2023 : किस दिन किन पूर्वजों का करना चाहिए श्राद्ध, जानिए प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. ह्रदय रंजन शर्मा जी से धर्म अध्यात्म
  • मकर संक्रांति
    Makar Sankranti 2025 : मकर संक्रांति का राशियों पर पड़ेगा क्या प्रभाव, जानें पंडित हृदय रंजन शर्मा से धर्म अध्यात्म
  • Narak Chaturdashi 2023
    Narak Chaturdashi 2023 : नरक चतुर्दशी का जानें शुभ मुहूर्त, पौराणिक कथा शुभ नियम धर्म अध्यात्म
  • Skandamata Fifth Day
    Shravan month special : सोने के शिवलिंग पर अभिषेक करने से स्वर्ग की होती है प्राप्ति धर्म अध्यात्म

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Skandamata Fifth Day
    Chaitra Navratri 2026 : इस बार पूरे 09 दिन के ही होंगे चैत्रनवरात्र धर्म अध्यात्म
  • ब्रह्मचारिणी
    Kaal Bhairav Ashtami : भैरव बाबा के छोटे-छोटे मंत्र जो आपकी सभी मनोकामना करेंगे पूर्ण Blog
  • Pancham Skandamata
    Pancham Skandamata : पंचम स्कंदमाता.19 अक्टूबर 2023 दिन गुरुवार धर्म अध्यात्म
  • बेटी को निखारने में मां ‘यशोदा’ हिमानी की ‘भूमिका ‘ Education
  • पीसीएस जे उत्तीर्ण होने पर ब्रजेश पटेल को मिला जयनारायण रत्न अवॉर्ड Blog
  • कानपुर की श्रेयांशी रंजन और संयुक्ता रेड्डी ने सेमीफाइनल में बनाई जगह Sports
  • ब्रह्मचारिणी
    Shri Ganesh-lakshmi worship : माता लक्ष्मी को मनाने के लिए करें ये उपाय धर्म अध्यात्म
  • ब्रह्मचारिणी
    Sakat Chauth Katha : सकट चौथ की पूजा एवं कथा के विषय में पंडित हृदय रंजन शर्मा से धर्म अध्यात्म

Copyright © 2026 .

Powered by PressBook News WordPress theme