Skip to content

The Xpress News

  • Home
  • धर्म अध्यात्म
  • Health
  • Blog
  • Toggle search form
  • Fitness Model
    Fitness Model : अपने टैलेंट से फिटनेस मॉडलिंग में दिखाया ‘करिश्मा ‘ Sports
  • जय नारायण विद्या मंदिर की बास्केटबॉल टीमें लखनऊ में बनी चैंपियन Sports
  • kdba.co.in
    kdba.co.in : बैडमिंटन एसोसिएशन की वेबसाइट हुई लॉन्च Sports
  • बैडमिंटन प्रतियोगिता 23 जनवरी से Sports
  • Railway update
    Railway update : हल्द्वानी में कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुये कई गाड़ियों को किया गया निरस्त Railway
  • Karva Chauth ka pauranik mahatve
    Phalgun Month : फाल्गुन माह का जानिए क्या है धार्मिक और पौराणिक महत्व धर्म अध्यात्म
  • TSH Stag Global 3rd यूपी स्टेट रैंकिंग टेबल टेनिस टूर्नामेंट 14 से Sports
  • Table Tennis Tournament
    Table Tennis Tournament : द चिंटल्स स्कूल कल्याणपुर का टेबल टेनिस टूर्नामेंट में रहा दबदबा Sports
lunar eclipse

Dashara: विजय दशमी की पूजा का मुहूर्त, अचूक मंत्र और महत्व

Posted on October 2, 2025October 2, 2025 By Manish Srivastava No Comments on Dashara: विजय दशमी की पूजा का मुहूर्त, अचूक मंत्र और महत्व

Aligarh : दशहरा (विजयदशमी,आयुध-पूजा)शमी पूजा,02/10/2025 दिन गुरुवार, के विषय में विस्तृत जानकारी दे रहे हैं गुरु रत्न भंडार वाले।
*🏵दशमी तिथि और श्रवण नक्षत्र का निर्धारण*
*🌻दशमी तिथि प्रारंभ 01 अक्टूबर 2025 बुधवार सायं 07:01 से*
*🌻दशमी तिथि का समापन 02अक्टूबर 2025 दिन गुरुवार सांय 07:10 बजे तक*
*🌻श्रवण नक्षत्र 02 अक्टूबर 2025 की सुबह 09:12 बजे से 02 अक्टूबर 2025की सुबह 09:33 मिनट तक रहेगा इसके बाद धनिष्ठा नक्षत्र प्रारंभ हो जाएगा*
*🍁 विश्व प्रसिद्ध चौघड़िया मुहूर्त अनुसार पूजा पाठ एवं शुभ कार्य हेतु शुभ समय कौन से हैं*




*♦ विजय दशमी दशहरा पर शस्त्र पूजा किताब कॉपियों की पूजा के लिए अभिजीत मुहूर्त काल में दिवाकाल 10:40 से दोपहर 03:30 के बीच पूजा का सर्वोत्तम समय रहेगा इस समय संकल्प, शुभारंभ ,नूतन कार्य ,गुरु पूजन ,अस्त्र शस्त्र पूजन, शमी पूजन ,वाहन विवाह शादी की खरीदारी भूमि भवन हेतु किसी भी कार्य का शुभारंभ किसी भी विशेष कार्य हेतु अनुष्ठान पूजा पाठ गृह प्रवेश नए कार्य का शुभारंभ हेतु सर्वोत्तम समय कहां जाएगा इस समय विश्व प्रसिद्ध चौघड़िया मुहूर्त अनुसार चर ,लाभ ,अमृत के तीन विश्व प्रसिद्ध चौघड़िया मुहूर्त उपलब्ध होंगे जो किसी भी कार्य के लिए सर्वोत्तम कहे जाते हैं इसके बाद एक और शुभ मुहूर्त “विजय मुहूर्त” के नाम से दोपहर 12:10 से दोपहर 01:27 के बीच में है शुभ का चौघड़िया मुहूर्त उपलब्ध होगा जो किसी भी शुभ कार्य हेतु अत्यंत महत्वपूर्ण एवं लाभदायक कहा जाएगा*
*💥सर्व सिद्धि दायक विजय काल- दशहरे के दिन शाम को जब सूरज अस्त होने का समय और आकाश में तारे उदय होने का समय होता है वह है सर्व सिद्धि दायक विजय कहलाता है*
*🌺 दशहरे के दिन जपा जाने वाला विजयी अचूक कारगर मंत्र -दशहरे की शाम के समय प्रत्येक व्यक्ति को*
*♦(ॐ अपराजितायै नमः )*
*⭐मंत्र की 1,2,5,7 या 9 मालाओं का जाप करना चाहिए इससे किसी भी कार्य में विजय प्राप्त होती है मुकदमा जीत विवाह शादी एवं किसी भी कार्य में व्यक्ति की हार नहीं होती है यह अत्यंत अचूक मंत्र है*
*🔥अश्विन (क्वार) मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को विजय दशमी या दशहरे के नाम से मनाया जाता है। भगवान राम ने इसी दिन रावण का वध किया था। इसे असत्य पर सत्य की विजय के रूप में मनाया जाता है। इसीलिये इस दशमी को विजयादशमी के नाम से जाना जाता है। दशहरा वर्ष की तीन अत्यन्त शुभ तिथियों में से एक है, अन्य दो हैं चैत्र शुक्ल की एवं कार्तिक शुक्ल की प्रतिपदा*

*🌟इसी दिन लोग नया कार्य प्रारम्भ करते हैं, शस्त्र-पूजा की जाती है। प्राचीन काल में राजा लोग इस दिन विजय की प्रार्थना कर रण-यात्रा के लिए प्रस्थान करते थे। इस दिन जगह-जगह मेले लगते हैं। रामलीला का आयोजन होता है। रावण का विशाल पुतला बनाकर उसे जलाया जाता है। दशहरा अथवा विजयदशमी भगवान राम की विजय के रूप में मनाया जाए अथवा दुर्गा पूजा के रूप में, दोनों ही रूपों में यह शक्ति-पूजा का पर्व है, शस्त्र पूजन की तिथि है। हर्ष और उल्लास तथा विजय का पर्व है। भारतीय संस्कृति वीरता की पूजक है, शौर्य की उपासक है। व्यक्ति और समाज के रक्त में वीरता प्रकट हो इसलिए दशहरे का उत्सव रखा गया है। दशहरा का पर्व दस प्रकार के पापों- काम, क्रोध, लोभ, मोह मद, मत्सर, अहंकार, आलस्य, हिंसा और चोरी के परित्याग की सद्प्रेरणा प्रदान करता है*




*🌺दशहरे का महत्व*
*🌷भारत कृषि प्रधान देश है इसलिए जब किसान अपने खेत में सुनहरी फसल उगाकर अनाज रूपी संपत्ति घर लाता है तो उसके उल्लास और उमंग का पारावार नहीं रहता। इस प्रसन्नता के अवसर पर वह भगवान की कृपा को मानता है और उसे प्रकट करने के लिए वह उसका पूजन करता है। समस्त भारतवर्ष में यह पर्व विभिन्न प्रदेशों में विभिन्न प्रकार से मनाया जाता है। महाराष्ट्र में इस अवसर पर सिलंगण के नाम से सामाजिक महोत्सव के रूप में भी इसको मनाया जाता है। सायंकाल के समय पर सभी ग्रामीणजन सुंदर-सुंदर नव वस्त्रों से सुसज्जित होकर गाँव की सीमा पार कर शमी वृक्ष के पत्तों के रूप में ‘स्वर्ण’ लूटकर अपने ग्राम में वापस आते हैं। फिर उस स्वर्ण का परस्पर आदान-प्रदान किया जाता है*

*🏵विजय पर्व के रूप में दशहरा*
*🍁दशहरे का उत्सव शक्ति और शक्ति का समन्वय बताने वाला उत्सव है। नवरात्रि के नौ दिन जगदम्बा की उपासना करके शक्तिशाली बना हुआ मनुष्य विजय प्राप्ति के लिए तत्पर रहता है। इस दृष्टि से दशहरे अर्थात विजय के लिए प्रस्थान का उत्सव का उत्सव आवश्यक भी है*

*🌸भारतीय संस्कृति सदा से ही वीरता व शौर्य की समर्थक रही है। प्रत्येक व्यक्ति और समाज के रुधिर में वीरता का प्रादुर्भाव हो कारण से ही दशहरे का उत्सव मनाया जाता है। यदि कभी युद्ध अनिवार्य ही हो तब शत्रु के आक्रमण की प्रतीक्षा ना कर उस पर हमला कर उसका पराभव करना ही कुशल राजनीति है। भगवान राम के समय से यह दिन विजय प्रस्थान का प्रतीक निश्चित है। भगवान राम ने रावण से युद्ध हेतु इसी दिन प्रस्थान किया था। मराठा रत्न शिवाजी ने भी औरंगजेब के विरुद्ध इसी दिन प्रस्थान करके हिन्दू धर्म का रक्षण किया था। भारतीय इतिहास में अनेक उदाहरण हैं जब हिन्दू राजा इस दिन विजय-प्रस्थान करते थे*

*💥इस पर्व को भगवती के ‘विजया’ नाम पर भी ‘विजयादशमी’ कहते हैं। इस दिन भगवान रामचंद्र चौदह वर्ष का वनवास भोगकर तथा रावण का वध कर अयोध्या पहुँचे थे। इसलिए भी इस पर्व को ‘विजयादशमी’ कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि आश्विन शुक्ल दशमी को तारा उदय होने के समय ‘विजय’ नामक मुहूर्त होता है। यह काल सर्वकार्य सिद्धिदायक होता है। इसलिए भी इसे विजयादशमी कहते हैं*

*🌺ऐसा माना गया है कि शत्रु पर विजय पाने के लिए इसी समय प्रस्थान करना चाहिए। इस दिन श्रवण नक्षत्र का योग और भी अधिक शुभ माना गया है। युद्ध करने का प्रसंग न होने पर भी इस काल में राजाओं (महत्त्वपूर्ण पदों पर पदासीन लोग) को सीमा का उल्लंघन करना चाहिए। दुर्योधन ने पांडवों को जुए में पराजित करके बारह वर्ष के वनवास के साथ तेरहवें वर्ष में अज्ञातवास की शर्त दी थी। तेरहवें वर्ष यदि उनका पता लग जाता तो उन्हें पुनः बारह वर्ष का वनवास भोगना पड़ता। इसी अज्ञातवास में अर्जुन ने अपना धनुष एक शमी वृक्ष पर रखा था तथा स्वयं वृहन्नला वेश में राजा विराट के यहँ नौकरी कर ली थी। जब गोरक्षा के लिए विराट के पुत्र धृष्टद्युम्न ने अर्जुन को अपने साथ लिया, तब अर्जुन ने शमी वृक्ष पर से अपने हथियार उठाकर शत्रुओं पर विजय प्राप्त की थी। विजयादशमी के दिन भगवान रामचंद्रजी के लंका पर चढ़ाई करने के लिए प्रस्थान करते समय शमी वृक्ष ने भगवान की विजय का उद्घोष किया था।विजयकाल में शमी पूजन इसीलिए होता है*

*🌻दशहरे पर करने के कुछ विशेष उपाय*
*💥दशहरे के दिन नीलकंठ पक्षी का दर्शन बहुत ही शुभ होता है। माना जाता है कि इस दिन यह पक्षी दिखे तो आने वाला साल खुशहाल होता है*
*💥 दशहरा के दिन शमी के वृक्ष की पूजा करें। अगर संभव हो तो इस दिन अपने घर में शमी के पेड़ लगाएं और नियमित दीप दिखाएं। मान्यता है कि दशहरा के दिन कुबेर ने राजा रघु को स्वर्ण मुद्राएं देने के लिए शमी के पत्तों को सोने का बना दिया था। तभी से शमी को सोना देने वाला पेड़ माना जाता है*




*💥रावण दहन के बाद बची हुई लकड़ियां मिल जाए तो उसे घर में लाकर कहीं सुरक्षित रख दें। इससे नकारात्मक शक्‍तियों का घर में प्रवेश नहीं होता है*
*💥दशहरे के दिन लाल रंग के नए कपड़े या रुमाल से मां दुर्गा के चरणों को पोंछ कर इन्‍हें तिजोरी या अलमारी में रख दें। इससे घर में बरकत बनी रहती है*
*🏵प्रसिद्ध (ज्योतिषाचार्य)परमपूज्य गुरूदेव पंडित ह्रदय रंजन शर्मा (अध्यक्ष )श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भंडार पुरानी कोतवाली सराफा बाजार अलीगढ़ यूपी व्हाट्सएप नंबर-9756502981,7500048250*

धर्म अध्यात्म Tags:Dashara, Vijay dashmi

Post navigation

Previous Post: जय नारायण विद्या मंदिर की छात्रा सुविज्ञा कुशवाहा ने टेबल टेनिस में फिर रचा इतिहास, हुआ राष्ट्रीय चयन
Next Post: करवाचौथ के प्रसिद्ध गीत, Famous songs of Karva Chauth

Related Posts

  • lunar eclipse
    कूर्म अवतार : इसी दिन भगवान विष्णु ने लिया था कछुए का अवतार, की थी समुद्र मंथन में सहायता धर्म अध्यात्म
  • Dhanteras
    विश्वकर्मा पूजा 17 सितंबर को धर्म अध्यात्म
  • Hartalika Teej
    Chaitra Navratri Shailputri : माँ दुर्गा के प्रथम स्वरूप श्री शैलपुत्री जी का जानें महत्व एवं पूजा विधि धर्म अध्यात्म
  • कर्क राशि
    वृषभ राशि वालों के लिए कैसा रहेगा नया साल, जाने डॉ. रोशनी टाक से धर्म अध्यात्म
  • करवा चौथ का मुहूर्त
    Mahashivratri-2024 : इस महाशिवरात्रि पर अपनी राशि अनुसार करें शिवजी का पूजन धर्म अध्यात्म
  • Kartik Purnima
    Ram Navami : जानें हवन, यज्ञ, अनुष्ठान, दुर्गा सप्तशती का पाठ, कन्या लांगुर की संपूर्ण जानकारी धर्म अध्यात्म

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • दमदार प्रदर्शन करके लखनऊ के खिलाड़ियों ने बाजी मारी Sports
  • Shravan month special
    बलदेव छठ गुरुवार, 21 सितंबर को धर्म अध्यात्म
  • साढ़े चार हजार विद्यार्थियों को मिलेगा स्मार्टफोन व टैबलेट का उपहार Blog
  • कानपुर बैडमिंटन एसोसिएशन का हुआ पंजीकरण, अब नए नाम से करेगी कार्य Sports
  • हैंडबॉल प्रतियोगिता के साथ खेल सप्ताह का विधिवत उद्घाटन Sports
  • Chocolate Cyst : होम्योपैथिक उपचार से चॉकलेट सिस्ट को आसानी से खत्म किया जा सकता है : डॉक्टर मधुलिका शुक्ला Health
  • क्षेत्रीय बैडमिंटन प्रतियोगिता में जयनारायण विद्या मंदिर टीम बनी चैंपियन Sports
  • Hartalika Teej
    Ganga Dussehra 2024 : हिन्दू धर्म मे माँ गंगा के पृथ्वी पर अवतरण दिवस के रूप में मनाया जाता है गंगा दशहरा धर्म अध्यात्म

Copyright © 2026 .

Powered by PressBook News WordPress theme