Skip to content

The Xpress News

  • Home
  • धर्म अध्यात्म
  • Health
  • Blog
  • Toggle search form
  • UP News
    UP News : उत्तर प्रदेश के 12 शहीद सैनिकों के आश्रितों के लिए जारी हुआ नियुक्ति पत्र UP Government News
  • Free Homeopathy Health Camp
    Free Homeopathy Health Camp : 28 मार्च को बीएसवीएम एजुकेशन सेंटर में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर Health
  • महिला क्रिकेट में 10 हजार रन पूरे करने वाली दूसरी भारतीय बनीं स्मृति मांधा ना Sports
  • संजीव पाठक चेयरमैन, विवेक कोहली और अरुण बनर्जी बने उत्तर प्रदेश टेबल टेनिस संघ के नए अध्यक्ष एवं गीता टंडन बनीं वाइस प्रेसिडेंट Sports
  • गणतंत्र दिवस
    गणतंत्र दिवस को भव्य तरीके से मनाने के लिए योगी सरकार ने शुरू की तैयारी Blog
  • Dhanteras
    Dhanteras 2023 : धनतेरस पर ये उपाय किया तो बरसेगी मां लक्ष्मी की विशेष कृपा धर्म अध्यात्म
  • स्मार्ट मीटर को लेकर भ्रम में न आएं, OTP से सत्यापन कराएं General
  • T20 World Cup Final: भारत की हुंकार के सामने कीवी कर पाएंगे पलटवार Sports

Shri Ganesh Chaturthi : आखिर श्रीगणेश चतुर्थी 10 दिन ही क्यों होती है

Posted on September 3, 2025September 3, 2025 By Manish Srivastava No Comments on Shri Ganesh Chaturthi : आखिर श्रीगणेश चतुर्थी 10 दिन ही क्यों होती है

Shri Ganesh Chaturthi : आखिर श्रीगणेश चतुर्थी 10 दिन ही क्यों और श्री गणेश जी को दूर्वा यानी घास चढ़ाने का क्या महत्व है और वह क्यों चढ़ाई जाती है इन सभी विषयों पर विस्तृत जानकारी दे रहे हैं प्रसिद्ध (ज्योतिषाचार्य ) परमपूज्य गुरूदेव पंडित ह्रदय रंजन शर्मा (अध्यक्ष )श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भंडार पुरानी कोतवाली सर्राफा बाजार अलीगढ़

महाभारत काल के समय जब वेदव्यास जी महाभारत कथा को एक ग्रन्थ के रूप में प्रस्तुत करना चाहते थे तब उन्होंने देवताओं के सुझाव पर उस समय के सबसे तेज लिखने वाले व्यक्ति यानी श्री गणेश जी को चुना व्यास जी ने गणेश जी के सामने शर्त रखी थी कि आपको बिना रुके हुए जो मैं बोलूंगा उसे शीघ्र ही लिखना होगा शास्त्रों में बताया जाता है कि व्यास जी ने महाभारत कथा लगातार 10 दिनों तक कही थी जिसे श्री गणेश जी ने लगातार अक्षरांश लिखा थाकथा समाप्त होने के बाद जब व्यास जी ने आंखें खोली तो देखा कि गणेश जी का शरीर गर्मी से तप रहा है उन्होंने तुरंत गणेश जी को पास स्थितएक कुंड में ले गए तथा उनके शरीर को ठंडा कराया तभी से गणेश चतुर्थी 10 दिनों तक मनाने की मान्यताएं चली आ रही है तथा अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश जी की मूर्ति को शीतल किया जाता है इसी कारण आजकल गणेश जी के पंडालों को कहीं कहीं बर्फ से सजाया जाता है ताकि पंडाल के अंदर शीतलताबनी रहे




दूर्वा और गणपति

🏵दूर्वा यानि दूब यह एक तरह की घास होती है जो गणेश पूजन में प्रयोग होती है। एक मात्र गणेश ही ऐसे देव है जिनको यह चढ़ाई जाती है। दूर्वा गणेशजी को अतिशय प्रिय है। इक्कीस दूर्वा को इक्कठी कर एक गांठ बनाई जाती है तथा कुल 21 गांठ गणेशजी को मस्तक पर चढ़ाई जाती है। लेकिन आखिर क्यों दूर्वा की 21 गांठे गणेशजी को चढ़ाई जाती है इसके लिए पुराणों में एक कथा है
☘कथा के अनुसार प्राचीन काल में अनलासुर नाम का एक दैत्य था। इस दैत्य के कोप से स्वर्ग और धरती पर त्राही-त्राही मची हुई थी अनलासुर ऋषि-मुनियों और आम लोगों को जिंदा निगल जाता था। दैत्य से त्रस्त होकर देवराज इंद्र सहित सभी देवी-देवता और प्रमुख ऋषि-मुनि महादेव से प्रार्थना करने पहुंचे।

सभी ने शिवजी से प्रार्थना की कि वे अनलासुर के आतंक का नाश करें। शिवजी ने सभी देवी-देवताओं और ऋषि-मुनियों की प्रार्थना सुनकर कहा कि अनलासुर का अंत केवल श्रीगणेश ही कर सकते हैं जब श्रीगणेश ने अनलासुर को निगला तो उनके पेट में बहुत जलन होने लगी। कई प्रकार के उपाय करने के बाद भी गणेशजी के पेट की जलन शांत नहीं हो रही थी। तब कश्यप ऋषि ने दूर्वा की 21 गांठ बनाकर श्रीगणेश को खाने को दी। जब गणेशजी ने दूर्वा ग्रहण की तो उनके पेट की जलन शांत हो गई। तभी से श्रीगणेश को दूर्वा चढ़ाने की परंपरा प्रारंभ हुई

🌟प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य परम पूज्य गुरुदेव पंडित हृदय रंजन शर्मा अध्यक्ष श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भंडार पुरानी कोतवाली सर्राफा बाजार अलीगढ़ यूपी व्हाट्सएप नंबर-9756402981,8272809774

धर्म अध्यात्म

Post navigation

Previous Post: US Open : सबालेंका, जोकोविच, अल्काराज यूएस ओपन के क्वार्टर फाइनल में
Next Post: Pitr Paksh 2025 : माता-पिता की मृत्यु तिथि ज्ञात न हो तो इस दिन करें पितृ पक्ष, जानें पूरी तिथियां

Related Posts

  • Durga Ashtami
    Navratri fasting method : नवरात्री व्रत के दौरान क्या करें क्या न करे, क्‍या मिलता है फल धर्म अध्यात्म
  • Ganesha and Lakshmi Pooja : आखिर क्यों की जाती है गणेश-लक्ष्‍मी की पूजा एक साथ धर्म अध्यात्म
  • Ashtami Fast
    Dashara: विजय दशमी की पूजा का मुहूर्त, अचूक मंत्र और महत्व धर्म अध्यात्म
  • ब्रह्मचारिणी
    Dhanteras 2023 : धनतेरस के दिन लक्ष्मी जी के साथ धनवंतरि और कुबेर की भी पूजा की जानी चाहिए धर्म अध्यात्म
  • Ram Navami : जानें हवन, यज्ञ, अनुष्ठान, दुर्गा सप्तशती का पाठ, कन्या लांगुर की संपूर्ण जानकारी धर्म अध्यात्म
  • करवा चौथ का मुहूर्त
    घर में शिवलिंग स्थापित करने के विषय में सोच रहे हैं तो इन बातों का रखें विशेष ध्यान धर्म अध्यात्म

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Ahoi Ashtami 2023 : अहोई अष्टमी व्रत से संतान की होती है लम्बी आयु, पढ़ें संपूर्ण जानकारी धर्म अध्यात्म
  • आर्टिफिशियल प्लांट
    खूबियों वाले प्लांट के साथ स्कॉलरशिप गर्ल की शहर में दस्तक Blog
  • Shri Krishna Janmashtami
    Shri Krishna Janmashtami : ग्वाल वालों ने मिलकर फोड़ी मटकी धर्म अध्यात्म
  • ग्रेटर नोएडा में कमर्शियल प्लॉट
    Yogi government’s big decision : गोण्डा में देश का सबसे बड़ा कन्या पूजन “शक्ति वंदन” होगा UP Government News
  • Ganga Express Way
    Ganga Express Way : उप्र को साल के अंत तक मिलेगी भारत के दूसरे सबसे लंबे एक्सप्रेस-वे की सौगात UP Government News
  • Constable Recruitment Exam
    Constable Recruitment Exam : अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए रेलवे ने किए व्यापक इंतजाम Railway
  • Ashtami Fast
    Chaitra Navratri : घट स्थापना, कलश स्थापना का मुहूर्त एवं विधि, तिथियाँ, पूजन की सामग्री जानें धर्म अध्यात्म
  • होम्योपैथिक दवा से त्वचा रोग ठीक होने पर दाग भी नहीं पड़ते : डॉ. मधुलिका शुक्ला Health

Copyright © 2026 .

Powered by PressBook News WordPress theme