Skip to content

The Xpress News

  • Home
  • धर्म अध्यात्म
  • Health
  • Blog
  • Toggle search form
  • Asian Games Cricket
    Asian Games Cricket : नेपाल ने क्रिकेट को दिग्गजों को कर दिया दंग, तोड़ दिए सब रिकाॅर्ड Sports
  • Famous songs of Karva Chauth
    करवाचौथ के प्रसिद्ध गीत, Famous songs of Karva Chauth धर्म अध्यात्म
  • महाराष्ट्र राज्य बॉडीबिल्डिंग एसोसिएशन ने प्रीति अरोड़ा को किया सम्मानित Sports
  • होली पर धन प्राप्ति के कुछ सरल घरेलू और आसान से उपाय धर्म अध्यात्म
  • Surya Namaskar Week
    Surya Namaskar Week : सूर्य नमस्कार सप्ताह के चौथे दिन उत्साह पहुंचा चरम पर, देखें वीडियो Sports
  • होली
    कोजागिरीव्रत (शरद पूर्णिमा) 28अक्टूबर को, चंद्रमा के प्रकाश में रखी खीर खाने से अनेक रोग दूर हो जाते हैं धर्म अध्यात्म
  • Navratri 2023
    Sharad Navratri 2023 : शरद नवरात्रि कब से कब तक है ,कौन-कौन से दिन किस देवीमॉ के स्वरूप की पूजा करनी होगी, पढ़ें पूरी जानकारी Blog
  • प्रथम उत्तर प्रदेश डेफ गेम के तहत बैडमिंटन व टेबल टेनिस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में गोरखपुर ओवरऑल चैंपियन Sports

Shri Ganesh Chaturthi : आखिर श्रीगणेश चतुर्थी 10 दिन ही क्यों होती है

Posted on September 3, 2025September 3, 2025 By Manish Srivastava No Comments on Shri Ganesh Chaturthi : आखिर श्रीगणेश चतुर्थी 10 दिन ही क्यों होती है

Shri Ganesh Chaturthi : आखिर श्रीगणेश चतुर्थी 10 दिन ही क्यों और श्री गणेश जी को दूर्वा यानी घास चढ़ाने का क्या महत्व है और वह क्यों चढ़ाई जाती है इन सभी विषयों पर विस्तृत जानकारी दे रहे हैं प्रसिद्ध (ज्योतिषाचार्य ) परमपूज्य गुरूदेव पंडित ह्रदय रंजन शर्मा (अध्यक्ष )श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भंडार पुरानी कोतवाली सर्राफा बाजार अलीगढ़

महाभारत काल के समय जब वेदव्यास जी महाभारत कथा को एक ग्रन्थ के रूप में प्रस्तुत करना चाहते थे तब उन्होंने देवताओं के सुझाव पर उस समय के सबसे तेज लिखने वाले व्यक्ति यानी श्री गणेश जी को चुना व्यास जी ने गणेश जी के सामने शर्त रखी थी कि आपको बिना रुके हुए जो मैं बोलूंगा उसे शीघ्र ही लिखना होगा शास्त्रों में बताया जाता है कि व्यास जी ने महाभारत कथा लगातार 10 दिनों तक कही थी जिसे श्री गणेश जी ने लगातार अक्षरांश लिखा थाकथा समाप्त होने के बाद जब व्यास जी ने आंखें खोली तो देखा कि गणेश जी का शरीर गर्मी से तप रहा है उन्होंने तुरंत गणेश जी को पास स्थितएक कुंड में ले गए तथा उनके शरीर को ठंडा कराया तभी से गणेश चतुर्थी 10 दिनों तक मनाने की मान्यताएं चली आ रही है तथा अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश जी की मूर्ति को शीतल किया जाता है इसी कारण आजकल गणेश जी के पंडालों को कहीं कहीं बर्फ से सजाया जाता है ताकि पंडाल के अंदर शीतलताबनी रहे




दूर्वा और गणपति

🏵दूर्वा यानि दूब यह एक तरह की घास होती है जो गणेश पूजन में प्रयोग होती है। एक मात्र गणेश ही ऐसे देव है जिनको यह चढ़ाई जाती है। दूर्वा गणेशजी को अतिशय प्रिय है। इक्कीस दूर्वा को इक्कठी कर एक गांठ बनाई जाती है तथा कुल 21 गांठ गणेशजी को मस्तक पर चढ़ाई जाती है। लेकिन आखिर क्यों दूर्वा की 21 गांठे गणेशजी को चढ़ाई जाती है इसके लिए पुराणों में एक कथा है
☘कथा के अनुसार प्राचीन काल में अनलासुर नाम का एक दैत्य था। इस दैत्य के कोप से स्वर्ग और धरती पर त्राही-त्राही मची हुई थी अनलासुर ऋषि-मुनियों और आम लोगों को जिंदा निगल जाता था। दैत्य से त्रस्त होकर देवराज इंद्र सहित सभी देवी-देवता और प्रमुख ऋषि-मुनि महादेव से प्रार्थना करने पहुंचे।

सभी ने शिवजी से प्रार्थना की कि वे अनलासुर के आतंक का नाश करें। शिवजी ने सभी देवी-देवताओं और ऋषि-मुनियों की प्रार्थना सुनकर कहा कि अनलासुर का अंत केवल श्रीगणेश ही कर सकते हैं जब श्रीगणेश ने अनलासुर को निगला तो उनके पेट में बहुत जलन होने लगी। कई प्रकार के उपाय करने के बाद भी गणेशजी के पेट की जलन शांत नहीं हो रही थी। तब कश्यप ऋषि ने दूर्वा की 21 गांठ बनाकर श्रीगणेश को खाने को दी। जब गणेशजी ने दूर्वा ग्रहण की तो उनके पेट की जलन शांत हो गई। तभी से श्रीगणेश को दूर्वा चढ़ाने की परंपरा प्रारंभ हुई

🌟प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य परम पूज्य गुरुदेव पंडित हृदय रंजन शर्मा अध्यक्ष श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भंडार पुरानी कोतवाली सर्राफा बाजार अलीगढ़ यूपी व्हाट्सएप नंबर-9756402981,8272809774

धर्म अध्यात्म

Post navigation

Previous Post: US Open : सबालेंका, जोकोविच, अल्काराज यूएस ओपन के क्वार्टर फाइनल में
Next Post: Pitr Paksh 2025 : माता-पिता की मृत्यु तिथि ज्ञात न हो तो इस दिन करें पितृ पक्ष, जानें पूरी तिथियां

Related Posts

  • तृतीय चंद्रघंटा
    Chaitranavratri Third Day : तृतीय चंद्रघंटा धर्म अध्यात्म
  • Hariyali Teej
    Shri Hanuman Janmotsav : श्री हनुमान जन्मोत्सव 23 अप्रैल को, जानें मुहूर्त और सावधानियां धर्म अध्यात्म
  • Durga Ashtami
    Karva Chauth ka pauranik mahatve : मां पार्वती ने सबसे पहले रखा था करवा चौथ का व्रत धर्म अध्यात्म
  • कार्तिक पूर्णिमा
    shri krishna janmashtami : इन उपायों से मिलेगी सभी रोगों से मुक्ति, घर में आएगी समृद्धि धर्म अध्यात्म
  • Ashtami Fast
    Vedic Raksha bandhan : जानें वैदिक रक्षा सूत्र बनाने की विधि, पांच वस्तुओं का महत्त्व व राखी मंत्र धर्म अध्यात्म
  • करवा चौथ का मुहूर्त
    Mahashivratri-2024 : इस महाशिवरात्रि पर अपनी राशि अनुसार करें शिवजी का पूजन धर्म अध्यात्म

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • बेटी को निखारने में मां ‘यशोदा’ हिमानी की ‘भूमिका ‘ Education
  • जय नारायण विद्या मंदिर
    जय नारायण विद्या मंदिर में जूनियर कक्षाओं का भव्य पुरस्कार वितरण समारोह Education
  • Badminton Competition
    Badminton Competition : जय नारायण के शटलर एक बार फिर राष्ट्रीय बैडमिंटन में Sports
  • Asia Cup India vs UAE :भारत ने यूएई को नौ विकेट से हराया Sports
  • डीपीएस कल्याणपुर
    डीपीएस कल्याणपुर के शार्दुल खत्री एवं कंदर्प खत्री का चयन यूपी टीम में Sports
  • लखनवी अंदाज में “चार चांद”लगा देती है साड़ी : अहाना मिश्रा मनोरंजन
  • Narak Chaturdashi 2023
    Narak Chaturdashi 2023 : नरक चतुर्दशी का जानें शुभ मुहूर्त, पौराणिक कथा शुभ नियम धर्म अध्यात्म
  • संजय टंडन बने अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में निर्णायक Sports

Copyright © 2026 .

Powered by PressBook News WordPress theme