- दशावतार की दिव्य झांकियों, शास्त्र प्रदर्शन आतिशबाजी और रंगीन सजावट ने बांध ली हजारों श्रद्धालुओं की निगाहें
Kanpur : श्री रामनवमी पर रावतपुर गांव स्थित श्री राम लला मंदिर में आयोजित भव्य महोत्सव का 27 मार्च को शोभायात्रा के साथ समापन हो गया। शाम से शुरू हुई विराट शोभायात्रा के बाद रात्रि में आतिशबाजी, भक्ति संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे क्षेत्र को उत्सवमय बना दिया। हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ में जय श्री राम के जयघोष गूंजते रहे, जो देर रात तक जारी रहा।
शोभायात्रा और भक्ति का अनोखा संगम
शाम को निकली शोभायात्रा में भगवान राम, सीता माता, लक्ष्मण और हनुमान जी की भव्य प्रतिमाओं को सज्जित रथों पर विराजमान किया गया। यात्रा रावतपुर के मुख्य बाजारों और गलियों से गुजरती हुई मंदिर पहुंची, जहां भजन-कीर्तन और ढोल-नगाड़ों की थाप ने माहौल को भक्तिमय और ऊर्जामय कर दिया। स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत ब्रह्म नाद के स्वर ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

आतिशबाजी ने रोशन किया पूरा आकाश
महोत्सव में देर रात तक चली रंग-बिरंगी आतिशबाजी ने सभी को आकर्षित किया। आकाश में फूलों की वर्षा, स्टारबर्स्ट और झिलमिलाती चक्रवर्ती आतिशबाजियों ने पूरे रावतपुर को दिव्य प्रकाश से नहला दिया। बच्चे-बूढ़े सभी मंत्रमुग्ध होकर इस दृश्य को देखते रहे, जिसने आयोजन की भव्यता को कई गुना बढ़ा दिया।साथ ही भव्य आरती का आयोजन हजारों श्रद्धालुओ के समक्ष हुआ।
बाजारों में भव्य सजावट का नजारा
रामनवमी के अवसर पर रावतपुर के सभी बाजारों, गलियों और चैराहों को फूलों, फलों, भगवा ध्वजों, रोशनी की गुच्छों और तोरण द्वारों से सजाया गया। मंदिर मार्ग पर विशेष आकर्षक रंगोली और फूलों की मालाओं ने क्षेत्र को एक पौराणिक उत्सव स्थल में बदल दिया। विभिन्न मोहल्लों चौराहों से ध्वज एकत्रित हुए और विराट शोभायात्रा में परिवर्तत हो गये
सामाजिक एकता का प्रतीक बना आयोजन
यह महोत्सव केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता का भी प्रतीक साबित हुआ। विभिन्न जातियों, समुदायों और आयु वर्गों के लोग एक साथ जुटे, जो एकता और भाईचारे का संदेश देता है। ग्रामीणों ने बताया कि ऐसे आयोजन क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा का प्रसार करते हैं और सामुदायिक बंधन को मजबूत बनाते हैं।
समिति के पदाधिकारियों की सराहनीय भूमिका
महोत्सव का सफल संचालन श्री राम लला मंदिर समिति के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के अथक प्रयासों से संभव हुआ। समिति के संस्थापक अवध बिहारी मिश्रा,अध्यक्ष डॉ. उमेश पालिवाल ,महामंत्री विनय ,कोषाध्यक्ष ओम मिश्रा ,उपाध्यक्ष राकेश कुमार वर्मा, सचिव अजय तिवारी, संयोजक पंकज गुप्ता , गगन बाजपेई और कार्यकारिणी सदस्य राजेश सिंह, अनिल यादव, संजय मिश्रा, रवि शर्मा, दीपक पांडेय और नेहा श्रीवास्तव ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।
समापन पर समिति ने सभी क्षेत्रवासियों, दानदाताओं, कलाकारों और सुरक्षा बलों का आभार व्यक्त किया।गिरिजाशंकर दीक्षित,पं. वीरेन्द्र नारायण सिंह,आलोक पांडेय संयोजक:अनिल गुप्त (अन्नू),नितेश मिश्रासह संयोजक:छोटू अवस्थी,राजा गुप्ता,आदित्य द्विवेदी

स्वामी अरुणपुरी चेतन्य जी महाराज,स्वामी उदितानंद जी महाराज,महंत अरुण भारती जी महाराज,गुरु करौली शंकर महाराज,महंत राम गोविंद दास जी महाराज,महंत कृपाशंकर जी,महंत जितेन्द्र दास जी,महंत आशुतोष गिरी जी,महंत ईश्वर गिरी जी,अन्य प्रमुख सदस्य सुरेन्द्र नाथ शिवहरे (कपिला),राजेन्द्र जालान,महेन्द्र अग्रवाल (केमिकल),तिलकराज गर्ग,राकेश अग्रवाल,अरुण खेमका,ओम प्रकाश डालमिया कैलाश अग्रवाल,रमेश चंद्र गुप्ता,विकास जायसवाल,गुलशन धूपर,डॉ. आनंद सिंह,राजेश त्रिपाठी,बृज प्रसाद दीक्षित,वीरेंद्र जीत सिंह,कीर्ति कुमार गर्ग का भी महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ।
