Skip to content

The Xpress News

  • Home
  • धर्म अध्यात्म
  • Health
  • Blog
  • Toggle search form
  • Karva Chauth ka pauranik mahatve
    Importance of the month of Vaishakh : वैशाख में तीर्थ में स्नान करने, पितरों को तर्पण करने और जल का दान करने का है विशेष महत्व धर्म अध्यात्म
  • Lohri-2026
    मकान की नींव में सर्प और कलश आखिर क्यों गाड़े जातें हैं? जानें पं. हृदय रंजन शर्मा जी धर्म अध्यात्म
  • Lohri festival
    Mahashivratri – 2024 : भक्त यदि सच्ची श्रद्धा से सिर्फ एक लोटा पानी भी अर्पित करे तो भी भोलेनाथ हो जाते हैं प्रसन्न धर्म अध्यात्म
  • Dhanteras
    Dhanteras-2025 : धनतेरस का शुभ मुहूर्त, खरीदारी में रखे ये ध्‍यान धर्म अध्यात्म
  • Kartik Purnima
    Ram Navami : जानें हवन, यज्ञ, अनुष्ठान, दुर्गा सप्तशती का पाठ, कन्या लांगुर की संपूर्ण जानकारी धर्म अध्यात्म
  • Stag Global table tennis tournament स्टैग ग्लोबल- टीएसएच 4th यू पी स्टेट रैंकिंग टेबल टेनिस टूर्नामेंट 19 सितम्बर से Sports
  • UTS on Mobile app
    UTS on Mobile app : यूटीएस आँन मोबाइल ऐप के प्रति किया गया जागरूक Railway
  • Maha Kumbh 2025
    Maha Kumbh 2025 : श्रद्धालुओं के लिए रेलवे स्टेशन पर मिल रही मेडिकल ऑब्जर्वेशन रूम की सुविधा Maha Kumbh-2025
Indian Railways

Indian Railways : पांच साल की उम्र में महज 12 घंटे में कानपुर से दिल्ली जाकर लौटा, अनोखा रिकॉर्ड

Posted on December 20, 2023December 23, 2023 By Manish Srivastava No Comments on Indian Railways : पांच साल की उम्र में महज 12 घंटे में कानपुर से दिल्ली जाकर लौटा, अनोखा रिकॉर्ड

वाराणसी-नई दिल्ली नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन (Varanasi-New Delhi Vande Bharat Express) के सफर का मेरा अनोखा और सुखद अनुभव


दोस्तों पांच साल की उम्र में मैंने एक अनोखा रिकार्ड बना दिया है। महज 12 घंटे में कानपुर से नई दिल्ली जाकर वापस कानपुर आ गया। यह संभव हुआ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट की वजह से। 18 दिसंबर को जब वाराणसी से नई दिल्ली तक के लिए दूसरी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का उद्घाटन हुआ तो मैं भी विशेष पास से कानपुर से शाम 6ः00 बजे सवार हुआ। रात 11ः50 बजे दिल्ली पहुंच गया। दिल्ली में दूसरी स्पेशल ट्रेन तैयार थी। 50 मिनट के इंतजार के बाद वापसी हुई और सुबह 6ः00 बजे कानपुर लौट आया। थैंक्स भारतीय रेलवे। थैंक्स रेलवे वाले मेरे प्यार अंकल।


18 दिसंबर 2023 का दिन था। दोपहर 2ः30 बजे स्कूल से लौटा तो ठंड से कंपकंपा रहा था। जल्दी से स्कूल की ड्रेस बदली और नास्ता कर विस्तर में घुस गया। तभी रेलवे के एक बड़े अधिकारी और पापा के दोस्त का फोन आया वाराणसी ने नई दिल्ली के लिए नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने शुभारंभ किया है। ये ट्रेन शाम छह बजे कानपुर पहुंच जाएगी। उन्होंने कानपुर सेंट्रल स्टेशन में एक अधिकारी का नंबर दिया और पास कलेक्ट करने को कहा।

Indian Railways
Indian Railways

मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इसका कारण यह है रेलवे का सफर मुंझे बहुत अच्छा लगता है। जब सफर वंदे भारत एक्सप्रेस को हो वह भी जिसे प्रधानमंत्री ने स्वयं हरी झंडा दिखाकर रवाना किया हो, तो फिर मेरे विस्तर पर रहने का कोई कारण नहीं बनता। मैं जल्दी से उठा और मम्मी ने फटाफट तैयार कर दिया। पापा के साथ बाइक पर बैठकर कानपुर सेंट्रल स्टेशन पहुंच गया।

सेंट्रल स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 1 पर पहुंचकर बहुत रोमांचित था। यहां वंदे भारत एक्सप्रेस के स्वागत के लिए कार्यक्रम चल रहा था। स्कूली बच्चे सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश कर रहे थे। मैं स्टेशन की पहली मंजिल पर पहुंचा और वहां पर एक अधिकारी ने मुस्कराकर मेरा स्वागत किया। सोफे पर बैठाया और कुछ फार्मेटी के साथ पास लाकर दिया।

Indian Railways
Indian Railways

मैं स्टेशन पर उतर कर आया तो कानपुर के मेयर प्रमिला पांडेय जी संबोधित कर रही थीं। इसी बीच ढोल नगाड़ों की आवाज तेज हो गई। नई चमचमाती हुई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन स्टेशन पर प्रवेश करने लगी। उसके साथ सेल्फी लेने वालों की होड़ लग गई। मैंने भी कुछ सेल्फी ली और सी-8 बोगी में प्रवेश कर गया। जहां फूल देकर मेरा स्वागत किया गया। मैं विंडो वाली चेयर पर बैठ गया। चूंकि ट्रेन के अंदर बहुत लिमिटेड लोग थे, इसलिए कहीं पर भी बैठूं ये मेरी मर्जी पर निर्भर थी।

अंदर सबकुछ हवाई जहाज जैसा लग रहा था। तभी एनाउंसमेंट होता है कि आॅटोमेटिक दरवाजे बंद होने वाले हैं। कृपया अपनी सीट पर बैंठ जाएं। अपनी सीट पर मुंझे बहुत आंनद आ रहा था। सीट को पीछे करने की सुविधा थी ताकि पीठ को आराम दे सकूं। ट्रेन के चलने पर फिर टीटी अंकल आए और स्वागत की मुद्रा में मुस्कराते हुए इंट्री की।

कुछ देर में वेंडर अंकल आए और पानी की बोतल दी। वहां सबकुछ रोमांचित कर रहा था। मैंने सोचा आराम से बैठने से पहले वाशरूम हो आता हूं। वाशरूम में बिल्कुल 5 स्टार होटल जैसा लग रहा था। जहां आधुनिक नल के साथ हैंडवाश करने और हैंडरिंस करने की सुविधा थी।

Indian Railways
Indian Railways

वाशरूम से वापस आया तो वेंडर अंकल ने फिर सीट पर आकर काॅफी दी। काॅफी पीकर मैंने कुछ फोटो खींची और ट्रेन की सुविधाओं का अवलोकन करने लगा। लगभग एक घंटे के सफर के बाद फिर वेंडर अंकल आए और उन्होंने खाने की पैक्ड ट्रे दी। जिसमें मक्खन लगी रोटी, रामभोग चावल, पनीर की सब्जी, सूखी सब्जी, अचार, पापड, सलाद और एक रसगुल्ला भी था।

रास्ते में वंदे भारत एक्सप्रेस ने इटावा, टूंडला और अलीगढ़ में स्टापेज लिया। ट्रेन रुकने से पहले एनांउसमेंट के माध्यम से जानकारी दी जा रही थी कि कौन सा स्टेशन आने वाला है। स्टेशन पर प्रवेश करने से पहले ही ढोल-नगाड़ों की आवाज आने लगती। ट्रेन का खूब स्वागत हो रहा था।

Indian Railways
Indian Railways

काफी इंज्वाय करते हुए मैं रात 11ः50 बजे दिल्ली पहुंच गया। यहां प्लेटफार्म नंबर -2 पर राजधानी जैसी एक विशेष ट्रेन पहले से तैयार थी। जहां कई टीटी अंकल पहले से खड़े थे। मैंने उनसे पूछा क्या वंदे भारत एक्सप्रेस के मेहमानों को वापस छोड़ने के लिए यही ट्रेन है। उन्होंने कहां हां- पूरी ट्रेन आपकी ही है। जहां मन आए बैठ जाओ। मैंने अंदर बैग रखा और कुछ देर के लिए स्टेशन पर आ गया।

Indian Railways
Indian Railways

यहां चिप्स खाने के साथ एक कप काफी पी। फिर आराम से अपनी सीट पर बैठ गया। तभी रेवले के एक अंकल आए और उन्होंने झक सफेद रंग के दो चद्दर और एक काले रंग का कंबल दिया। कुछ देर तक मैं पहले ऊपर से नीचे तीनों बर्थ पर उछल-कूद करता रहा। फिर बीच वाली बर्थ में लेट गया। हल्की नीले रंग की लाइट जल रही थी। जो आंखों को शीतलता पहुंचा रही थी।

Indian Railways
Indian Railways

लेटे-लेटे कब नींद आ गई पता ही नहीं चला। सुबह साढ़े पांच बजे के करीब नींद खुली तो एक अंकल कह रहे थे पनकी आ गया है। जल्द कानपुर स्टेशन आने वाला है। मैं उठा अपना बिखरा सारा सामान समेटकर बैग में डाला और उतरने के लिए तैयार हो गया। गाड़ी कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर रुकी तो बाहर निकला। बाहर बहुत ठंडी हवा चल रही थी। मैं फिर कांपने लगा, तो अहसास हुआ ट्रेन के अंदर मैं कितने आराम में था।

थैंक्स प्रधानमंत्री मोदी जी, थैंक्स भारतीय रेलवे, थैंक्स रेलवे के अधिकारी अंकल जी

–अयांश श्रीवास्तव , Kanpur (Class 1)

Indian Railways
Indian Railways

https://youtu.be/r_JnV065vCo?si=6m1qrs50hP98tvJS

Blog Tags:Indian Railways News, Kanpur Railway news, Varanasi-New Delhi Vande Bharat Express

Post navigation

Previous Post: Kashi Tamil Sangamam Special Special Train : काशी तमिल संगमम के अवसर पर चलेगी विशेष गाड़ी, जानें पूरा शेड्यूल
Next Post: Railway update : बनारस-नई दिल्ली- बनारस वन्दे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के प्रारंभिक/गंतव्य स्टेशन मे परिवर्तन

Related Posts

  • सारस
    यूपी में साल दर साल बढ़ रहा राज्य पक्षी सारस का कुनबा Blog
  • Shravan month special
    Shri Kaal Bhairav Ashtami : काल भैरव की पूजा से नहीं सताता भय Blog
  • डीजीपी
    जल, थल और नभ तीनों स्तर पर होगी श्रद्धालुओं की सुरक्षा : डीजीपी Blog
  • आर्टिफिशियल प्लांट
    खूबियों वाले प्लांट के साथ स्कॉलरशिप गर्ल की शहर में दस्तक Blog
  • डॉक्टर मधुलिका शुक्ला
    विज्ञापन सिर्फ संपर्क का जरिया, सुगम व उत्तम इलाज से जगता है लोगों में विश्वास : डॉक्टर मधुलिका शुक्ला Blog
  • करवा चौथ का मुहूर्त
    Vishwakarma Puja : विश्वकर्मा पूजा 17 सितंबर को है, जानें पूजा का महत्‍व Blog

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Priyansh Arya : मैंने अपना स्वाभाविक खेल खेला : प्रियांश आर्य Sports
  • जय नारायण विद्या मंदिर में उल्लासपूर्वक मनाया गया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस Sports
  • Worship of Ravana
    Worship of Ravana : कानपुर में होती है रावण की पूजा, साल में सिर्फ दशहरा में खोला जाता है दशानन मंदिर धर्म अध्यात्म
  • Raja Bhaiya’s wife Bhanavi fear : राजा भैया की पत्नी भानवी की कौन लेना चाहता है जान Crime
  • करवा चौथ
    करवा चौथ के साथ ही त्योहारों की खुशियों का आगाज धर्म अध्यात्म
  • क्रीड़ा केंद्र
    Inauguration : सरस्वती विद्या मंदिर दामोदर नगर में अटल क्रीड़ा केंद्र का उद्घाटन Sports
  • वृद्धजनों के हुनर से सजा मंच, रामलीला का भावपूर्ण हुआ मंचन UP Government News
  • Shri Ganesh Chaturthi : आखिर श्रीगणेश चतुर्थी 10 दिन ही क्यों होती है धर्म अध्यात्म

Copyright © 2026 .

Powered by PressBook News WordPress theme