Skip to content

The Xpress News

  • Home
  • धर्म अध्यात्म
  • Health
  • Blog
  • Toggle search form
  • Kanpur Polytechnic
    Kanpur Polytechnic : पाॅलीटेक्निक छात्र नौकरी देने वाले बनें, न कि लेने वाले Education
  • Durga Navami
    Durga Navami : दुर्गा मां के नवे रूप सिद्धिदात्री या रामनवमी का जानें महत्व धर्म अध्यात्म
  • Rail Week Celebration
    Rail Week Celebration : पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर मंडल ने वर्ष 2022-23 में उत्कृष्ठ कार्य करने वाले रेलकर्मियों को सम्मानित किया Railway
  • आईएमए कानपुर के डॉक्टरों को चम्पतराय ने समझाया जन्मभूमि विवाद का इतिहास, देखें वीडियो धर्म अध्यात्म
  • आर्टिफिशियल प्लांट
    खूबियों वाले प्लांट के साथ स्कॉलरशिप गर्ल की शहर में दस्तक Blog
  • Preeti Ranjan
    जारी है जलवा प्रीति रंजन का मनोरंजन
  • Worship of Ravana
    Worship of Ravana : कानपुर में होती है रावण की पूजा, साल में सिर्फ दशहरा में खोला जाता है दशानन मंदिर धर्म अध्यात्म
  • Special Train
    Special Train : सूबेदारगंज-बांद्रा (ट.) सुपरफास्ट विशेष गाड़ी का संचालन 26 फरवरी से, जानें समय Railway
Veer Baal Divas

Veer Baal Divas : वीर बाल दिवस पर मुख्यमंत्री आवास में सीएम योगी ने किया श्रीगुरु ग्रंथ साहिब का स्वागत

Posted on December 26, 2023 By Manish Srivastava No Comments on Veer Baal Divas : वीर बाल दिवस पर मुख्यमंत्री आवास में सीएम योगी ने किया श्रीगुरु ग्रंथ साहिब का स्वागत
  • साहिबजादों के बलिदान की गाथा हर बच्चे और युवा को सुनाई जानी चाहिए : योगी आदित्यनाथ
  • सिर माथे पर गुरु ग्रंथ साहिब को धारण कर चले मुख्यमंत्री योगी, आवास में कराया आसीन
  • मुख्यमंत्री आवास में साहिबजादों के तेज, त्याग और बलिदान पर संकीर्तन का हुआ आयोजन
  • प्रदेशभर से आए सिख प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को सिरोपा भेंट करके किया सम्मानित
  • बोले सीएम – प्रदेश में मौजूद सिख गुरुओं से जुड़े प्रत्येक स्थल का होगा कायाकल्प
  • हर साल वीर बाल दिवस पर जिला और मंडलस्तर पर साहसी बालकों का किया जाएगा सम्मान

लखनऊ, 26 दिसंबर। वीर बाल दिवस (Veer Baal Divas) हमें सिख गुरुओं के बलिदान को याद दिलाता है। गुरु गोविंद सिंह के चारों पुत्र धर्म और देश की रक्षा के लिए हंसते-हंसते प्राणों की आहुति दे दी। यह इतिहास युवा पीढ़ी तक पहुंचानी होगी, ताकि वे अपने बलिदानियों की गौरवगाथा के बारे में जानें। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को सीएम आवास में आयोजित विशेष संकीर्तन कार्यक्रम के दौरान कही। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने आवास में गुरु ग्रंथ साहिब का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने गुरु ग्रंथ साहिब को सिर-माथे पर धारण कर उन्हे मुख्यमंत्री आवास में आसीन कराया। इस अवसर सीएम आवास में गुरुवाणी, अरदास एवं लंगर का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री योगी को प्रदेशभर से आए सिख प्रतिनिधियों की ओर से सिरोपा भेंट किया गया।

चार हुए तो क्या हुआ, जीवित हुए हजार
कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक मंडल और जनपद स्तर पर वीर बालकों का सम्मान किया जाना चाहिए। साथ ही प्रदेश में सिख गुरुओं से संबंधित सभी स्थलों को चिह्नित करते हुए उनके विकास के लिए कार्य किये जाएंगे। सीएम योगी ने गुरु गोविंद सिंह जी को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने अपने चार-चार पुत्र देश और धर्म की रक्षा करते हुए बलिदान कर दिए। जब गुरु गोविंद सिंह जी से पूछा गया कि आपके चार पुत्र शहीद हुए, उस समय उनके मुख से यही निकला था कि चार हुए तो क्या हुआ, जीवित हुए हजार। ऐसे कार्यक्रम उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का अवसर हैं। उसी क्रम में मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित कार्यक्रम में सिख गुरुओं को नमन करने का आज अवसर है।

अधर्म के सामने नहीं झुके साहिबजादे
उन्होंने कहा कि मां गुजरी के सानिध्य में जो संस्कार साहिबजादों को मिले उसी का परिणाम है कि वे अधर्म के सामने नहीं झुके। धर्म और देश के लिए लड़ते-लड़ते अपने प्राणों की आहूति दी। हर युवा और बच्चे को आज का दिन नई प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने लखनऊ के सिखों को धन्यवाद देते हुए कहा कि सभी ने 2020 से लगातार इस बात को उठाया कि भारत के इतिहास में सर्वोच्च बलिदान देने वाले साहिबजादों को आखिर क्यों विस्मृत कर दिया गया। जिन साहिबजादों के बलिदान दिवस को बाल दिवस के रूप में मनाना चाहिए, उसकी जगह किसी और घटना को बाल दिवस से जोड़ दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और प्रेरणा से दोनों साहिबजादों बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह के बलिदान दिवस को आज पूरा देश वीर बाल दिवस के रूप में मना रहा है।

दुनिया में नहीं मिलता ऐसा उदाहरण
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिख गुरुओं का बलिदान व्यक्तिगत या परिवार के लिए नहीं था, बल्कि उनका बलिदान देश और धर्म के लिए था। गुरु नानक भक्ति में रमे हुए एक संत थे। भक्ति का जागरण करते थे, निर्भीकता उनका गुण था। बाबर को चुनौती देने का कार्य उन्होंने उस कालखंड में किया था। सिख गुरुओं ने कभी चैन से बैठकर अपने स्वयं के लिए नहीं सोचा। देश के अलग अलग क्षेत्रों में गुरुओं द्वारा कई परंपराएं शुरू की गईं। कहीं लंगर की परंपरा शुरू हुई तो कहीं सरोवरों के माध्यम से नई प्रेरणा प्रदान की गई। गुरु अर्जन देव ने जहांगीर के अत्याचारों का डटकर मुकाबला किया। तो कश्मीरी पंडितों पर होने वाले वाले अत्याचारों के खिलाफ गुरु तेग बहादुर ने स्वयं को बलिदान कर दिया। दुनिया में अंदर हमें ऐसा अद्भुत इतिहास कहीं नहीं देखने को मिलता है कि गुरु गोविंद सिंह जो एक बलिदानी पिता के पुत्र हैं और अपने चार पुत्रों को भी उन्होंने देश और धर्म के लिए बलिदान कर दिया।

मुगलों के घर कोई दिया जलाने वाला नहीं बचा
सीएम योगी ने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब हमें परिश्रम और पुरुषार्थ के साथ देश और धर्म के लिए अपना सबकुछ न्यौछावर करने की प्रेरणा देता है। आज पूरा देश वीर बाल दिवस के अवसर पर जुड़ रहा है। मगर मुगलों के घर कोई दिया जलाने वाला नहीं बचा है है। हमारे स्कूली बच्चों के सामने साहिबजादों का इतिहास आना ही चाहिए। उन्होंने कहा कि ये सौभाग्य की बात है कि इस अवसर पर हर साल मुख्यमंत्री आवास में गुरुवाणी पाठ का आयोजन हो जाता है, साथ ही प्रदेशभर से आए सिख बंधुओं के साथ संवाद हो जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर एक शिष्य सिख है, जो भी गुरु परंपरा से जुड़ा है वो एक सिख है। हमें आने वाली पीढ़ि तक साहिबजादों के पौरुष, परिश्रम और विपरीत परिस्थितियों में भी मार्ग से विचलित ना होने की गाथा पहुंचाना होगा। ये हर भारतवासी का दायित्व होना चाहिए।

इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह चौधरी, प्रदेश सरकार में मंत्री सूर्य प्रताप शाही, स्वतंत्र देव सिंह, जितिन प्रसाद, पूर्व डिप्टी सीएम और राज्यसभा सांसद डॉ दिनेश शर्मा, सरदार बदलेव सिंह ओलख, सरदार परविंदर सिंह, डॉ महेन्द्र सिंह, डॉ नीरज बोहरा, पंकज सिंह, मुकेश शर्मा, डॉ हरि सिंह ढिल्लो, भाजपा महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, सरदार गुरविंदर सिंह छाबड़ा, गुरुनाम सिंह, डॉ गुरुमीत सिंह, राजेन्द्र सिंह बग्गा, पूर्व महापौर संयुक्ता भाटिया सहित प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए सिख समाज के लोग मौजूद रहे।

Blog Tags:Veer Baal Divas, वीर बाल दिवस

Post navigation

Previous Post: रामोत्सव 2024 : अयोध्या में अब कंकड़-पत्थर भी सुनाएंगे प्रभु श्रीराम की गौरवगाथा
Next Post: Khajuraho Station Festival : खजूराहो रेलवे स्टेशन की स्थापना के समृद्ध इतिहास को याद किया गया

Related Posts

  • होली
    Basant Panchami 2024 : अगर बच्चा पढ़ाई में कमजोर है,  तो बसंत पंचमी के दिन करें यह घरेलू उपाय, जानें शुभ मुहूर्त Blog
  • Kanpur Badminton
    Kanpur Badminton : राईजिंग प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब इशिता व विहान ने जीता Blog
  • MLAs had darshan of Shri Ram
    MLAs had darshan of Shri Ram : प्रभु श्रीराम की भक्ति में डूबे विधायक, दर्शनों के लिए सीएम योगी का जताया आभार Blog
  • Kannauj Railway Station
    कन्नौज रेलवे स्टेशन आधुनिक सुख-सुविधाओं से युक्त किया जायेगा Blog
  • Fitness model
    Fitness model : सफलता का दूसरा नाम है बरनाली शर्मा Blog
  • बिधनू बीआरसी में शिक्षक
    दिव्यंगता को ताकत में बदलने का हुनर सीख रहे बिधनू बीआरसी में शिक्षक Blog

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Ahoi Ashtami 2023 : ब्रज के राधाकुंड में डुबकी लगाने से भर जाती है निसंतानों की गोद धर्म अध्यात्म
  • होली
    100 साल बाद बना ऐसा दुर्लभ संयोग! 3 मार्च को नहीं, जानें क्यों 4 मार्च को खेली जाएगी होली धर्म अध्यात्म
  • प्रथम उत्तर प्रदेश डेफ गेम के तहत बैडमिंटन व टेबल टेनिस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में गोरखपुर ओवरऑल चैंपियन Sports
  • Shri Krishna Janmashtami
    Shri Krishna Janmashtami : ग्वाल वालों ने मिलकर फोड़ी मटकी धर्म अध्यात्म
  • Success Girl
    Success Girl : राजस्थान में युवा पीढ़ी के लिए मिसाल हैं बिजनेस गर्ल रतन चौहान Motivation
  • शैलपुत्री
    Lohri-2026 : आखिर क्यों मनाया जाता है लोहड़ी का त्यौहार, जानें पं हृदय रंजन शर्मा जी से धर्म अध्यात्म
  • Railway update
    Railway update : हल्द्वानी में कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुये कई गाड़ियों को किया गया निरस्त Railway
  • तिलक को रिटायर्ड आउट करना रणनीतिक फैसला था: जयवर्धने Sports

Copyright © 2026 .

Powered by PressBook News WordPress theme