Skip to content

The Xpress News

  • Home
  • धर्म अध्यात्म
  • Health
  • Blog
  • Toggle search form
  • Hartalika Teej
    महाशिवरात्रि पर शुभ योग, जानें चारों प्रहर का मुहूर्त, होगी भोलेनाथ की कृपा धर्म अध्यात्म
  • बागी विधायकों में से तीन को सपा ने किया बाहर SP expelled three of the rebel MLAs Politics
  • सीनियर एथलेटिक्स टीम का चयन 20 जुलाई को Sports
  • ब्रह्मचारिणी
    Living Daughter Fast : जीवित पुत्रिका व्रत 06 अक्टूबर को, जानें क्यों रखा जाता है ये व्रत धर्म अध्यात्म
  • जुगल देवी सरस्वती शिशु वाटिका
    जुगल देवी सरस्वती शिशु वाटिका में बैडमिंटन एवं शतरंज प्रतियोगिता का सफल आयोजन Sports
  • लोहड़ी पर्व
    Bhai Dooj : आखिर क्यों मनाया जाता है भाई दूज, जानें शुभ मुहूर्त, कथा Why is Bhai Dooj celebrated, know the auspicious time and story Festival
  • Constable Recruitment Exam
    Holi Special Trains : होली पर सफर करने से पहले जान लें इन होली स्पेशल गाड़ियों के बारे में Blog
  • BJP candidate first list : पीएम का वाराणसी से चुनाव लड़ना पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात : योगी आदित्यनाथ, देखें पूरी लिस्ट Lok Sabha Election 2024

Ahoi Ashtami 2023 : ब्रज के राधाकुंड में डुबकी लगाने से भर जाती है निसंतानों की गोद

Posted on November 1, 2023November 1, 2023 By Manish Srivastava No Comments on Ahoi Ashtami 2023 : ब्रज के राधाकुंड में डुबकी लगाने से भर जाती है निसंतानों की गोद

अलीगढ़ : अहोई अष्टमी (Ahoi Ashtami) 05 नबम्वर 2023 को है। ब्रज के राधाकुंड (Radhakund) में डुबकी लगाने से निसंतानों की गोद भर जाती है। तो आईये आज आपको इस विषय पर विस्तृत जानकारी दे रहे हैं श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भंडार वाले प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य परम पूज्य गुरुदेव पं. हृदय रंजन शर्मा व्हाट्सएप नंबर.9756402981, 7500048250*




गोवर्धन (मथुरा)-
सुहागिन को संतान का सुख कंगन से बने कुंड से मिलता है। ये कोई साधारण कंगन नहीं, बल्कि ब्रजभूमि की महारानी राधारानी के कंगन से बना है। राधाकुंड अरिष्टासुर की नगरी अरीठ वन थी। अरिष्टासुर बलवान व तेज दहाड़ वाला राक्षस था। उसकी दहाड़ से आसपास के नगरों में गर्भवती के गर्भ गिर जाते थे। गाय चराने के दौरान अरिष्टासुर ने बछड़े का रूप रखकर भगवान कृष्ण को मारने की कोशिश की। कान्हा के हाथों बछड़े का वध करने से उन्हें गोहत्या का पाप लग गया। प्रायश्चित के लिए श्रीकृष्ण ने बांसुरी से कुंड बनवाया और तीर्थों का जल यहां एकत्रित किया। इसी तरह राधारानी ने भी अपने कंगन से कुंड खोदा और तीर्थों का जल एकत्र किया, जब दोनों कुंड भर गए तो कृष्ण और राधा ने रास किया।

श्रीकृष्ण ने उन्हें वरदान दिया कि जो भी निसंतान दंपति अहोई अष्टमी की रात यहां स्नान करेगा, उसे सालभर के भीतर संतान की प्राप्ति होगी। इसका उल्लेख ब्रह्मा पुराण व गर्ग संहिता के गिर्राज खंड में है। यहां हर आंखें बरसती हैं। किसी की आंखें खुशी में तो किसी की वेदना में। जलस्वरूपा राधारानी के वरदान का सागर राधाकुंड, आभार और अनुरोध का संगम नजर आता है। आंचल फैलाती ममता के मुंह से बस एक ही करुण पुकार सुनाई देती है कि हे राधारानी, मेरी भी सूनी झोली भर दो। दुनिया भर का दर्द समेटे दंपति राधाकुंड में विश्वास के गोते लगाते नजर आएंगे। 05 नबम्वर को अहोई अष्टमी का व्रत कर आधी रात को राधाकुंड में संतान सुख की कामना लिए विश्वास के गोते लगाएंगे। इसके लिए राधाकुंड भी अपनी सुंदरता पर इठलाएगा।

🍁क्या है धार्मिक मान्यता

धार्मिक मान्यता के अनुसार अहोई अष्टमी पर राधाकुंड (Radhakund) में आधी रात स्नान करने वाले दंपती को संतान की प्राप्ति होती है। स्नान के उपरांत एक पसंदीदा फल छोड़ने का विधान है तो पेठा फल का दान भी परंपरा में शामिल है। तमाम देशी और विदेशी दंपती यहां आकर अपना आंचल फैलाएंगे। वहीं संतान की सुख प्राप्त करने वाले दंपती इस रात राधारानी का आभार जताने के लिए भी स्नान करेंगे।

पं.हृदय रंजन शर्मा के अनुसार मान्यता है कि निसंतान दंपति कार्तिक कृष्ण पक्ष की अष्टमी की मध्य रात्रि राधाकुंड में स्नान करते हैं तो जल्द ही उनके घर बच्चे की किलकारियां गूंजने लगती हैं।

🍁श्रीकृष्ण ने दिया था राधारानी को वरदान

दुनिया भर की चिकित्सा से निराश दंपति जब जल स्वरूपा राधारानी के दरबार में अपना आंचल फैलाते हैं तो दरबार सजाए बैठी राधारानी अपना आशीष भरा हाथ उनके सर पर फेरती हैं। यह विश्वास उन सूनी आंखों में चमक बिखेर देता है, जब बगल में बैठे दंपति अपनी संतान के साथ कृपा का आभार प्रकट करने को गोते लगाते हैं। यह विश्वास ही है, जो हर साल दंपति की संख्या में इजाफा कर देता है। यह स्नान राधाकुंड में 05 नबम्वर की रात 12 बजे से शुरू होगा। तमाम भक्त शाम आठ बजे से ही घाटों पर बैठ जाते हैं*।




🌞प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य परम पूज्य गुरुदेव पंडित हृदय रंजन शर्मा अध्यक्ष श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भंडार वाले पुरानी कोतवाली सराफा बाजार अलीगढ़ यूपी.व्हाट्सएप नंबर.9756402981, 7500048250

धर्म अध्यात्म Tags:Ahoi Ashtami, Radhakund, राधाकुंड

Post navigation

Previous Post: भारतीय संस्कृति और परिधानों को संजोए हैं बिंदिया शर्मा
Next Post: करवा चौथ के साथ ही त्योहारों की खुशियों का आगाज

Related Posts

  • कर्क राशि
    वृषभ राशि वालों के लिए कैसा रहेगा नया साल, जाने डॉ. रोशनी टाक से धर्म अध्यात्म
  • Chhoti Diwali
    Chhoti Diwali : छोटी दिवाली को ऐसे करें काली पूजा, होगा चमत्कार धर्म अध्यात्म
  • Ashtami Fast
    lunar eclipse : 07 सितंबर काे लगेगा संपूर्ण खग्रासचंद्र ग्रहण, भारत में चंद्र ग्रहण का समय धर्म अध्यात्म
  • रामनवमी महोत्सव
    रामलला रावतपुर में रामनवमी महोत्सव की भव्य और विराट शोभायात्रा निकली, देखें वीडियो धर्म अध्यात्म
  • Durga Ashtami
    Mahashivratri 2024 : शिवरात्रि पर करें इन 8 में से कोई 1 उपाय, दूर होंगी परेशानी, मिलेगा धन लाभ धर्म अध्यात्म
  • करवा चौथ का मुहूर्त
    करवा चौथ का मुहूर्त व महत्‍व और पूजन विधि : Importance and auspicious time of Karva Chauth धर्म अध्यात्म

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • एक सप्ताह के अंदर मिलेंगे आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र UP Government News
  • फिटनेस मॉडल अहाना मिश्रा
    स्टार फिटनेस मॉडल अहाना मिश्रा को विशेष सम्मान Blog
  • Health Tips : स्वस्थ रहने के लिए दौड़ना या जॉगिंग बहुत जरूरी : गरिमा Health
  • Station Festival
    Khajuraho Station Festival : खजूराहो रेलवे स्टेशन की स्थापना के समृद्ध इतिहास को याद किया गया Blog
  • होली
    Shardiya Navratri 2023 : नवरात्रि में स्थापना के साथ वोने वाले जौ विषय में जानें धर्म अध्यात्म
  • उत्तर प्रदेश की शान चंचल खटाना: संघर्ष, सफलता और प्रेरणा की गौरवशाली कहानी Blog
  • Special Train
    Special Train : सूबेदारगंज-बांद्रा (ट.) सुपरफास्ट विशेष गाड़ी का संचालन 26 फरवरी से, जानें समय Railway
  • अंश सबरवाल और आरती चौधरी ने जीता खिताब Sports

Copyright © 2026 .

Powered by PressBook News WordPress theme