- एस्ट्रो होम्योपैथी में विशेष योगदान के लिए मुख्य अतिथि बॉलीवुड अभिनेत्री Ritu Shivpuri ने किया सम्मानित
- आयोजक तबस्सुम हक एवं सुबोध जैन ने समारोह को सफल बनाने के लिए देशभर से आई सभी महिलाओं का तहे दिल से आभार व्यक्त किया
नई दिल्ली : एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर, नई दिल्ली में रविवार को “100 आइकोनिक वूमेन ऑफ इंडिया अवॉर्ड” का भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन किया गया। इस समारोह में भारत के विभिन्न राज्यों से आई महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य देश की उन महिलाओं को सम्मानित करना था, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर समाज में प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किए हैं।

इस अवसर पर कार्यक्रम की मुख्य अतिथि बॉलीवुड अभिनेत्री रितु शिवपुरी रहीं, जिन्होंने सभी चयनित महिलाओं को “100 आइकोनिक वूमेन ऑफ इंडिया” सम्मान से नवाजा। कानपुर की सीनियर होम्योपैथिक फिजिशियन डॉक्टर मेनका को एस्ट्रो होम्योपैथी में विशेष योगदान के रह विशेष सम्मान मिला। रितु शिवपुरी ने अपने संबोधन में महिलाओं की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि आज की महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर नई पहचान बना रही हैं तथा देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
कार्यक्रम में सम्मानित की गई महिलाओं में चिकित्सा, आईटी, शिक्षा, कला, पत्रकारिता, समाज सेवा, व्यवसाय, प्रशासन, फैशन, मीडिया, उद्यमिता सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी प्रतिभाशाली एवं प्रेरणादायक महिलाओं को शामिल किया गया। यह आयोजन विशेष रूप से उन महिलाओं को समर्पित रहा, जिन्होंने ग्रासरूट स्तर से संघर्ष करते हुए सफलता की ऊंचाइयों तक अपनी अलग पहचान बनाई।

देशभर से आई महिलाओं ने इस मंच को महिला सशक्तिकरण, प्रेरणा और उपलब्धियों के उत्सव के रूप में सराहा। कार्यक्रम की आयोजक तबस्सुम हक एवं सुबोध जैन ने समारोह को सफल बनाने के लिए देशभर से आई सभी महिलाओं का तहे दिल से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथियों, विशिष्ट अतिथियों एवं सभी सम्मानित मेहमानों का भी विशेष धन्यवाद किया। साथ ही मीडिया टीम के सहयोग और समर्पण की सराहना करते हुए उनका भी हृदय से आभार प्रकट किया गया, जिनके सहयोग से यह आयोजन व्यापक स्तर पर सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।
“100 आइकोनिक वूमेन ऑफ इंडिया अवॉर्ड” केवल एक सम्मान समारोह नहीं, बल्कि देश की महिलाओं की मेहनत, संघर्ष और सफलता को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान देने की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।
