Aligarh : बुधवार दोपहर 3:07 से संक्रांति यानी कि सूर्य का धनु राशि से निकल कर मकर राशि में प्रवेश हो रहा है। जिसे मकर संक्रांति कहा जाता है इसदिन षट्तिला एकादशी व्रत भी मान्य होगा। इस दिन मुख्य रूप से चावल खिचड़ी तिल के समान मूंगफली गजक रेवड़ी गरम शाल, कंबल कपड़े जूते छाते और अन्य प्रकार की 14 चीजों का दान करने का विशेष विधान माना जाता है।
क्योंकि 23 वर्ष बाद इस दिन षट्तिला एकादशी व्रत भी है तो लोगों के बीच में एक भ्रांति का विषय बना हुआ है कि मकर संक्रांति और एकादशी एक ही दिन होने से उस दिन खिचड़ी का दान या चावल का दान करना निषेध है और क्या हमारे यहां खिचड़ी बन सकती है हम उसे खा सकते हैं या नहीं तो मैं आपको बता दूं शास्त्रोक्त एकादशी के दिन चावल खाना निषेध है जब चावल खाना निषेध है तो उसे दान करना भी नहीं चाहिए आप इस दिन तिल गुड़ मूंगफली खोवा या साबूदाना की खीर बना सकते हैं जिसमें तिल की और साबूदाने की खीर बनाना विशेष रूप से शुभ माना जाता है इसका दान करना भी विशेष शुभ है अतः एकादशी के दिन आपको चावल खाना और दान करना दोनों ही निषेध माना जाता है 14 जनवरी दिन बुधवार को दोपहर 3:07 से मकर संक्रांति धनु राशि से मकर राशि में सूर्य का प्रवेश सूर्य देव का उत्तरायण होना मान्य होगा।
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प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य परम पूज्य गुरुदेव पं.हृदय रंजन शर्मा अध्यक्ष श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भण्डार वाले पुरानी कोतवाली सर्राफा बाजार अलीगढ़ यूपी.9756402981,7500048250*
