Skip to content

The Xpress News

  • Home
  • धर्म अध्यात्म
  • Health
  • Blog
  • Toggle search form
  • Atal Bihari's birth anniversary
    Atal Bihari’s birth anniversary : अस्थिर सरकारों ने देश को किया खोखला, अटल जी ने दी स्थिर सरकार: सीएम योगी Politics
  • योनेक्स सनराइज उत्तर प्रदेश स्टेट सब जूनियर अंडर 15 और 17 बैडमिंटन चैंपियनशिप ग्रीन पार्क में 9 से Sports
  • महिला विश्व कप चैंपियन की पुरस्कार राशि में बंपर बढ़ोतरी , अब मिलेंगे करीब 40 करोड़ रुपये Sports
  • होली
    कोजागिरीव्रत (शरद पूर्णिमा) 28अक्टूबर को, चंद्रमा के प्रकाश में रखी खीर खाने से अनेक रोग दूर हो जाते हैं धर्म अध्यात्म
  • मारुति सुजुकी
    पांच जनपदों में डीटीआई का ऑटोमेशन व मेंटिनेंस करेगी मारुति सुजुकी UP Government News
  • Child Helpline News : प्रदेश में चाइल्ड हेल्पलाइन की 18 नई यूनिट शुरू करेगी योगी सरकार UP Government News
  • सब इंस्पेक्टर आरती सिंह तंवर
    राजस्थान का गौरव हैं पुलिस सब इंस्पेक्टर आरती सिंह तंवर Motivation
  • जय नारायण विद्या मंदिर
    जय नारायण विद्या मंदिर के विद्यार्थियों ने ली यातायात के नियम पालन की शपथ, देखें वीडियो Education
Shradh 2023

Shradh 2023 : श्राद्ध में तर्पण से मिलता है पूर्वजों का आशीर्वाद, जानें अनुष्ठान, विशष स्थान, रखें एहतियात

Posted on October 4, 2023October 4, 2023 By Manish Srivastava No Comments on Shradh 2023 : श्राद्ध में तर्पण से मिलता है पूर्वजों का आशीर्वाद, जानें अनुष्ठान, विशष स्थान, रखें एहतियात

अलीगढ़ (Shradh 2023 🙂 : श्राद्ध  हिंदु धर्म में बहुत ही अधिक महत्तव रखते हैं। श्राद्ध के दौरान किसी भी तरह के नए काम नहीं किए जाते हैं। इसके अलावा बहुत सी अन्य बातों का ख्याल भी रखा जाता है। श्राद्ध हमें मौका देते है कि हम अपने पूर्वजों का विशेष आशीर्वाद उनकी पूजा करके प्राप्त कर सकें। जो लोग श्राद्ध में अपने पूर्वजों का तर्पण नहीं करते हैँ उन्हें उनका विशेष आशीर्वाद प्राप्त नहीं होता है। इस विषय में विस्तृत जानकारी दे रहे हैं प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य परम पूज्य गुरुदेव पंडित हृदय रंजन शर्मा (Pt Hriday Ranjan Sharma) अध्यक्ष श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरू रत्न भंडार पुरानी कोतवाली सर्राफा बाजार अलीगढ़।




♦श्राद्ध का अनुष्ठान (Shraddha ritual)
🌟हिंदू धर्म में, श्राद्ध अनुष्ठान एक बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान रखते है। इस दिन, भक्त अपने मृत पूर्वजों की आत्माओं के लिए उन्हें मुक्ति और शांति प्रदान करने के लिए पूजा-पाठ और अन्य अनुष्ठान करते हैं। श्राद्ध पूजा पारंपरिक हिंदू कैलेंडर में अश्विन के महीने में श्पितृ पक्ष (पूर्वजों के लिए समर्पित पखवाड़े), कृष्ण पक्ष (चंद्रमा का वानपन चरण) के दौरान किया जाता है।

♦श्राद्ध करने से क्या होता है (What happens by performing Shraddha)
🌻मृतक परिवार के सदस्य (माता पिता, पत्नी, दादा, दादी, चाचा चाची आदी) का श्राद्ध समारोह भरणी तपस्या के साथ-साथ तिथि पर भी किया जा सकता है। जिस दिन उस सदस्य की वास्तविक मृत्यु हुई हो उसे तिथि कहा जाता है। इस अनुष्ठान को करने से मृतकों की आत्मा को मुक्ति मिलती है और परिवार के सदस्यों का विशेष आशीर्वाद मिलता है और उन्हें अनंत काल में शांति प्राप्त होती है।

♦श्राद्ध करने के लिए विशेष स्थान (Special place to perform Shraddha)
🔥हिंदू भक्त आमतौर पर काशी (वाराणसी), गया और रामेश्वरम में भरणी श्राद्ध करते हैं क्योंकि इन स्थानों का एक विशेष स्थान है। भरणी श्राद्ध करने का शुभ समय कुतप मुहूर्त और रोहिणी आदि मुहूर्त होता है, उसके बाद जब तक अपरान्ह पर्व समाप्त नहीं हो जाता। तर्पण (तर्पण) श्राद्ध के अंत में किया जाता है।

♦भरणी श्राद्ध के दौरान अनुष्ठान (Rituals during Bharani Shraddha)
🌲पवित्र ग्रंथों के अनुसार, इस श्राद्ध को पवित्र नदियों के किनारे या पवित्र और आकाशीय स्थानों जैसे गया, कासी, प्रयाग, कुरुक्षेत्र, नैमिषारण्य, रामेश्वरम आदि में करने का सुझाव दिया गया है। भरणी नक्षत्र श्राद्ध सामान्य रूप से व्यक्ति की मृत्यु के बाद एक बार किया जाता है, हालांकि श्धर्मसिंधुश् के अनुसार यह प्रत्येक वर्ष किया जा सकता है। इस अनुष्ठान को बहुत ही शुभ और महत्वपूर्ण माना जाता है इसलिए पालन करने वाले व्यक्ति को अनुष्ठान की पवित्रता को बनाए रखना चाहिए।

♦श्राद्ध में क्या ना करें (What not to do in Shraddha)
🌸व्यक्ति, विशेष रूप से परिवार में पुरुष मुखिया मृत आत्मा की संतुष्टि और मुक्ति के लिए कई संस्कार और पूजा करते हैं। भरणी श्राद्ध करने वाले व्यक्ति को बाल कटाने, दाढ़ी रखने से बचना चाहिए और अपनी इंद्रियों पर नियंत्रण रखना चाहिए

🌹श्राद्ध में किन्हें खाना खिलाना शुभ माना जाता है (Who is considered auspicious to feed during Shraddha)
🍁यह अनुष्ठान बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, ब्राह्मणों द्वारा खाया गया भोजन, मृत आत्माओं तक पहुंचता है। तर्पण ’के पूरा होने के बाद, ब्राह्मणों को सात्विक’ भोजन, मिठाई, कपड़े और दक्षिणा दी जाती है। भरणी श्राद्ध पर, कौवे को भी वही भोजन खिलाना चाहिए, क्योंकि उन्हें भगवान यम का दूत माना जाता है। कौवा के अलावा, कुत्ते और गाय को भी खिलाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि धार्मिक रूप से और पूरी श्रद्धा के साथ भरणी श्राद्ध अनुष्ठान करने से मुक्त आत्मा को शांति मिलती है और वे बदले में अपने वंशजों को शांति, सुरक्षा और समृद्धि प्रदान करते हैं




🌟भरणी श्राद्ध का महत्व (Importance of Bharani Shraddha)
🌷हिन्दु धर्म में पुरणों का बहुत ही अधिक महत्तव है। भरणी श्राद्ध और श्राद्ध पूजा के अन्य रूपों के महत्व का उल्लेख कई हिंदू पुराणों जैसे श्मतिसा पुराणश्, श्अग्नि पुराणश् और श्गरुड़ पुराणश् में किया गया है और इससे यह पता चलता है कि यह कितना महत्वपूर्ण है

🌻पितृ पक्ष के दौरान भरणी श्राद्ध एक बहुत ही महत्वपूर्ण दिन होता है और इसे श्महारानी श्राद्धश् के नाम से भी जाना जाता है। आपमें से कई लोग इसका कारण जानना चाहते होगें कि ऐसा क्यों। ऐसा इसलिए है क्योंकि यम मृत्यु के देवता और इसी कारण इसे महारानी श्राद्ध के नाम से भी जाना जाता हैं

🔥यह कहा गया है कि भरणी श्राद्ध का गुण गया श्राद्ध के समान ही है इसीलिए इसकी अवहेलना कतई नहीं करनी चाहिये। इसके अलावा यह माना जाता है कि भरणी तपस्या के दौरान एक चतुर्थी या पंचमी तिथि को पैतृक संस्कार करना एक बहुत ही विशेष महत्व रखता है। महालया अमावस्या के बाद, पितृ श्राद्ध अनुष्ठान के दौरान यह दिन सबसे अधिक मनाया जाता है।




अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें…
♦प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य परम पूज्य गुरुदेव पंडित ह्रदय रंजन शर्मा अध्यक्ष श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भंडार पुरानी कोतवाली सर्राफा बाजार अलीगढ़ यूपी व्हाट्सएप नंबर-9756402981,7500048250

Blog Tags:Importance of Bharani Shraddha, Pt Hriday Ranjan Sharma, Shradh 2023

Post navigation

Previous Post: World Cup 2023 Rules : विश्व कप 2023 की खासियत और नये नियम
Next Post: शास्त्रों के अनुसार किस-किस व्यक्ति को है श्राद्ध करने का अधिकार

Related Posts

  • ब्रह्मचारिणी
    Shri Kaal Bhairav Ashtami : काल भैरव की पूजा से नहीं सताता भय Blog
  • योगी आदित्यनाथ
    चौधरी चरण सिंह सच्चे अर्थों में लोकतंत्र के साधक : योगी आदित्यनाथ Blog
  • UTS On Mobile App
    UTS On Mobile App : अनारक्षित रेल टिकट बुकिंग के लिए लाइन में लगने के झंझट से मिली मुक्ति, जानें तरीका Blog
  • बोनी कपूर और भूटानी ग्रुप बनाएंगे जेवर में फिल्म सिटी Blog
  • Tips of Health
    Tips of Health : स्वस्थ शरीर ही असली धन : फरहीन Blog
  • होली
    Mauni Amavasya : मौनी अमावस्या का जानें महत्व, व्रत नियम, उपाय, कथा और मुहूर्त Blog

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • रागेंद्र स्वरूप मेमोरियल बैडमिंटन प्रतियोगिता का भव्य उद्घाटन Sports
  • उत्कर्ष वर्धन सिंह ने शूटिंग में किया उत्कृष्ट प्रदर्शन, जीता रजत पदक Sports
  • TSH Stag Global 3rd यूपी स्टेट रैंकिंग टेबल टेनिस टूर्नामेंट 14 से Sports
  • Durga Navami
    Makar Sankranti 2026 : मकर संक्रांति पर सभी 12 राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा धर्म अध्यात्म
  • Hartalika Teej fast
    Hartalika Teej fast : हरतालिका तीज पर कुछ कारगर और चमत्कारिक उपाय धर्म अध्यात्म
  • राजस्व मामलों का प्राथमिकता के आधार पर तय समय में करें निस्तारण : योगी आदित्यनाथ Blog
  • बो स्ट्रिंग स्टील गर्डर रेलवे ब्रिज
    अयोध्या में 10 करोड़ की लागत से 6 महीने में बनकर तैयार होगा ‘बो स्ट्रिंग स्टील गर्डर रेलवे ब्रिज’ UP Government News
  • National Sports Day: रस्साकसी प्रतियोगिता में जमकर हुई जोरआजमाइश Sports

Copyright © 2026 .

Powered by PressBook News WordPress theme