कानपुर : जय नारायण विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, विकास नगर में बुधवार को श्रीकृष्ण छठी महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण श्रीकृष्ण जीवन पर आधारित नृत्य-नाटिका रही। जिसमें कारागार जन्म, गोकुल लीला, यशोदा का वात्सल्य, माखन-चोरी, पनघट लीला, कालियादमन और गोवर्धनधारण जैसे प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. राखी बाजपेई (संगीत विभाग प्रमुख, विवेकानंद महाविद्यालय, झांसी), डॉ. आदर्श त्रिपाठी (पूर्व विभागाध्यक्ष, संगीत विभाग, गुरु नानक गर्ल्स डिग्री कॉलेज, कानपुर) , डॉ. प्रो. सुनील जी मिश्र (प्रबंधक), अनिल जी त्रिपाठी (प्रधानाचार्य) और डॉ. नमिता गुप्ता (उप प्रधानाचार्या) ने देव प्रतिमाओं के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन कर किया। अतिथि परिचय संगीताचार्या एवं कार्यक्रम प्रभारी श्रीमती प्रज्ञा शुक्ला ने कराया।

इसके बाद विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। “मैया मोरी मैं नहि माखन खायो” पर आधारित नाटिका और “मोहे पनघट पे नंदलाल” गीत पर नृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अंतिम श्रृंखला में गोपी रास एवं महारास नृत्य ने कार्यक्रम को चरम पर पहुंचा दिया।

संगीतमय समापन में मौलिक पांडेय, यशी द्विवेदी, वैष्णवी पांडेय, शिवांशी द्विवेदी, आंचल राजभर व प्रगति पांडेय ने भावपूर्ण भजनों की प्रस्तुति दी।
जिन बच्चों ने उत्कृष्ट प्रस्तुतियां दी उनमें प्रमुख नाम नव्या द्विवेदी, अदिति, मानवी, आंचल, आद्विक, शांभवी द्विवेदी, वैष्णवी हैं। इसके अलावा सभी बच्चों ने अपनी क्षमता से बढ़कर कार्यक्रम पेश किया।
मुख्य अतिथि डॉ. राखी बाजपेई ने संगीत की महत्ता पर प्रकाश डालाा।उन्होंने कहा कि “संगीत अनुशासन, समय-समायोजन और तालमेल का पाठ पढ़ाता है।” डॉ. आदर्श त्रिपाठी ने कहा कि “संगीत ध्यान और साधना है, जो भारतीय संस्कृति को संरक्षित करता है।”
धन्यवाद ज्ञापन प्रबंधक मा. डॉ. सुनील जी मिश्र ने सभी प्रतिभागियों और शिक्षकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “कृष्ण अवतार पूर्ण अवतार है, जिनकी लीलाओं से हमें जीवनोपयोगी शिक्षाएं मिलती हैं।”
कार्यक्रम का संचालन श्रीमती रमा अग्निहोत्री, बहन अंशिका द्विवेदी एवं रिमशा ने किया।
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