Kanpur: अंतर्रराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान, अयोध्या (संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश) एवं जय नारायण विद्या मन्दिर इंटर कॉलेज, कानपुर के संयुक्त तत्वावधान में नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम श्रृंखला के अंतर्गत ‘सीता तत्व परिसंवाद एवं रामायण शक्ति तत्व उत्सव’ का भव्य आयोजन आज सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति के आदर्श स्वरूप, विशेषकर माता सीता के जीवन-मूल्यों, त्याग, धैर्य एवं शक्ति के विविध आयामों पर विचार-विमर्श करना रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रख्यात विद्वान एवं शिक्षाविद आचार्य ओमशंकर त्रिपाठी ने की। मुख्य अतिथि के रूप में विद्यालय के प्रबंधक प्रो० सुनील मिश्र उपस्थित रहे। अपने अध्यक्षीय संबोधन में आचार्य त्रिपाठी ने कहा कि रामायण में नारी शक्ति का सर्वोच्च उदाहरण माता सीता के रूप में मिलता है, जो आज भी समाज को नैतिकता, धैर्य और मर्यादा का संदेश देती हैं।

मुख्य अतिथि प्रो० मिश्र ने विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति के मूल्यों को आत्मसात करने और नारी सम्मान को जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया।
वक्ताओं के रूप में प्रो० निशा अग्रवाल, प्रो० रंजू कुशवाहा, प्राचार्या – जुहारी देवी बालिका महाविद्यालय, तथा साहित्यकार डॉ० पवन मिश्रा ने ‘सीता तत्व’ और ‘रामायण में नारी शक्ति’ जैसे विषयों पर गहन एवं प्रेरणादायी विचार प्रस्तुत किए।
डॉ मिश्र ने कहा कि राम यदि मर्यादा पुरुषोत्तम हैं तो
सीता उस मर्यादा की परिभाषा हैं। उन्होंने नारी के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक योगदान को विस्तार से रेखांकित किया।

कवि श्री मुकेश श्रीवास्तव, डॉ० अतुल बाजपेई, कवयित्री श्रीमती पूजा सिंह और श्रीमती हेमा पांडेय ने अपनी काव्यात्मक प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर डॉ नमिता गुप्ता,आलोक द्विवेदी, सुशील शुक्ला, आशुतोष सत्यम झा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। कवि अतुल बाजपेयी की नारी शक्ति वंदन की पंक्तियों आन-बान-शान, धर्म-गौरव की रक्षा हेतु, निर्भय समर मध्य लड़ती हैं नारियां को सबने खूब सराहा।

कार्यक्रम संयोजक एवं विद्यालय के प्रधानाचार्य अनिल कुमार त्रिपाठी ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं उपस्थित जनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में संस्कार, संस्कृति एवं सामाजिक चेतना को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें लगभग 100 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सम्भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर विद्यालय की जीविका गुप्ता, द्वितीय स्थान पर वनिका एवं तृतीय स्थान पर तान्या रही। जबकि शिखा श्रीवास्तव एवं सिद्धि झा ने सांत्वना पुरस्कार प्राप्त किया। नृत्य नाटिका में संक्षिप्त रामायण उकेरने का कार्य प्रज्ञा शुक्ला के नेतृत्व में 40बच्चों की टीम ने किया।इस प्रकार
कार्यक्रम में साहित्यिक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की विशेष छटा देखने को मिली।

उल्लेखनीय है कि इस कार्यक्रम की संपूर्ण रूपरेखा अंतर्रराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान के निदेशक जयेंद्र कुमार (आईएएस), विशेष सचिव संजय कुमार तथा अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में तैयार की गई।

कार्यक्रम का सफल एवं सुसंगठित संचालन भरत दीक्षित द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र छात्राओं, अभिभावकों, शिक्षकों सहित क्षेत्र के कई समाजसेवियों की उपस्थित रही।
