Skip to content

The Xpress News

  • Home
  • धर्म अध्यात्म
  • Health
  • Blog
  • Toggle search form
  • Rail Coach Restaurant
    Rail Coach Restaurant : अब ट्रेन के डिब्बे में बैठकर रेस्टोरेंट के खाने का लीजिए मजा Railway
  • Ahoi Ashtami 2023 : ब्रज के राधाकुंड में डुबकी लगाने से भर जाती है निसंतानों की गोद धर्म अध्यात्म
  • जय नारायण विद्या मंदिर
    जय नारायण विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में कथक नृत्य प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न Education
  • Badminton Competition
    Badminton Competition : जय नारायण के शटलर एक बार फिर राष्ट्रीय बैडमिंटन में Sports
  • Women jumped in Wel with kids : फतेहपुर में बच्चों को कमर में बांध कर कुएं में कूद गई महिला, बच्चों की मौत Crime
  • Vishwakarma Puja-2023 : सृष्टि के प्रथम सूत्रधार कहे गए हैं भगवान विश्वकर्मा Blog
  • lunar eclipse
    Makar Sankranti 2025 : मकर संक्रांति पर दिया गया दान बढ़कर पुनः प्राप्त होता है 100 गुना धर्म अध्यात्म
  • बिधनू बीआरसी में शिक्षक
    दिव्यंगता को ताकत में बदलने का हुनर सीख रहे बिधनू बीआरसी में शिक्षक Blog
Shravan month special

भगवान श्रीकृष्ण की छठी पूजा 12 सितंबर को

Posted on September 10, 2023 By Manish Srivastava No Comments on भगवान श्रीकृष्ण की छठी पूजा 12 सितंबर को

भगवान श्रीकृष्ण की छठी पूजा 12 सितंबर 2023 दिन मंगलवार के विषय में विस्तृत जानकारी दे रहे हैं श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भंडार वाले प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य परम पूज्य पं.हृदयरंजन शर्मा व्हाट्सएप नंबर-9756402981,7500048250

🌻भगवान कृष्ण के जन्म के छठे दिन उनकी छठी मनाई जाने की भी परंपरा है। इस साल कृष्ण जी की छठी का पूजन 12 सितंबर दिन मंगलवार को मनाया जाएगा। जानिये कृष्ण छठी पूजन की विधि और इसकी पौराणिक मान्यता के बारे में।

♦️क्यों मनाते हैं छठी
〰️〰️〰️〰️〰️〰️
🌻श्री कृष्ण का जन्म कारगार में हुआ था और उन्हें वासुदेव ने रातों-रात की यशोदा के घर छोड़ दिया था. कंस को जब ये बात पता लगती है तो वे पूजना को श्री कृष्ण को मारने के लिए गोकुल यशोदा के पास भेजता है. और ये आदेश देता है कि गोकुल में जितने भी 6 दिन के बच्चे हैं उन्हें मार दिया जाए. पूतना के गोकुल पहुंचते ही यशोदा बालकृष्ण को छिपा देती हैं. श्री कृष्ण को पैदा हुए छह दिन हो गए थे, लेकिन उनकी छठी नहीं हो पाई थी. तब तक उनका नामकरण भी नहीं हो पाया था. इसके बाद यशोदा ने 364 दिन बाद सप्तमी को छठी पूजन किया और तभी से श्री कृष्ण की छठी मनाई जाने लगी. इतना ही नहीं, तभी से बच्चों की भी छठी की परंपरा शुरू हो गई।

♦️कृष्ण छठी पूजन विधि
〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️
🌻श्री कृष्ण छठी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें। इसके बाद लड्डू गोपाल को पंचामृत से स्नान कराएं।गोपाल सहस्तनाम से स्नान कराऐ। इसके लिए दूध, घी, शहद, शक्कर और गंगाजल से बने पंचामृत का प्रयोग करें। इसके बाद शंख में गंगाजल भरकर लड्डू गोपाल को फिर से स्नान कराएं।

🌻स्नान कराने के बाद भगवान को पीले रंग के वस्त्र पहनाएं और उनका श्रृंगार करें। इसके बाद लड्डू गोपाल को माखन-मिश्री भोग लगाएं।

🌻भोग लगाने के बाद भगवान का नामकरण करें। माधव, लड्डू गोपाल, ठाकुर जी, कान्हा, कन्हैया, कृष्णा इनमें से जो भी नाम आपको अच्छा लगे वो चुन लें और भगवन को इसी नाम से पुकारें।

🌻इसके बाद भगवान के चरणों में अपने घर की चाबी सौंप दें और भगवान श्री कृष्ण से प्रार्थना करें कि वे सदैव आपके परिवार पर अपनी कृपा बनाए रखें और सबका पालन-पोषण करें।

🌻इसके बाद लड्डू गोपाल की कथा पढ़ें और इस दिन अपने घर में कढ़ी-चावल अवश्य बनाएं।

♦️लड्डू गोपालजी की कथा
〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️
🌻एक पौराणिक कथा के अनुसार भगवन श्री कृष्ण के एक परम् भक्त थे जिनका नाम था कुंभनदास। उनका एक बेटा था रघुनंदन। कुंभनदास के पार भगवान श्री कृष्ण का एक चित्र था जिसमें वह बासुंरी बजा रहे थे। कुंभनदास हमेशा भगवान श्री कृष्ण की पूजा-आराधना में लीन रहा करते थे। वे कभी भी अपने प्रभु को छोड़कर कहीं छोड़कर नहीं जाते थे। एक बार कुंभनदास को वृंदावन से भागवत कथा के लिए बुलावा आया। पहले तो कुंभनदास ने जाने से मना कर दिया परंतु लोगों के आग्रह करने पर वे भागवत में जाने के लिए तैयार हो गए। उन्होंने सोचा कि पहले वे भगवान श्री कृष्ण की पूजा करेंगे और फिर भागवत कथा करके अपने घर वापस लौट आएंगे। इस तरह से उनका पूजा का नियम भी नहीं टूटेगा।

🌻भागवत में जाने से पहले कुम्भनदास ने अपने पुत्र को समझाया कि उन्होंने ठाकुर जी के लिए प्रसाद तैयार किया है और वह ठाकुर जी को भोग लगा दे। कुंभनदास के बेटे ने भोग की थाली ठाकुर जी के सामने रख दी और उनसे प्रार्थना की कि आकर भोग लगा लें। रघुनंदन को लगा कि ठाकुर जी आएंगे और अपने हाथों से भोजन ग्रहण करेंगे। रघुनंदन ने कई बार भगवान श्री कृष्ण से आकर खाने के लिए कहा लेकिन भोजन को उसी प्रकार से देखकर वह दुखी हो गया और रोने लगा। उसने रोते -रोते भगवान श्री कृष्ण से आकर भोग लगाने की विनती की। उसकी पुकार सुनकर ठाकुर जी एक बालक के रूप में आए और भोजन करने के लिए बैठ गए।

🌻जब कुम्भदास वृंदावन से भागवत करके लौटे तो उन्होंने अपने पुत्र से प्रसाद के बारे में पूछा। पिता के पूछने पर रघुनंदन ने बताया कि ठाकुर जी ने सारा भोजन खा लिया है। कुंभनदास ने सोचा की अभी रघुनंदन नादान है। उसने सारा प्रसाद खा लिया होगा और डांट के डर से झूठ बोल रहा है। कुंभनदास रोज भागवत के लिए जाते और शाम तक सारा प्रसाद खत्म हो जाता था। कुंभनदास को लगा कि अब रघुनंदन उनसे रोज झूठ बोलने लगा है। लेकिन वह ऐसा क्यों कर रहा है यह जानने के लिए कुंभनदास ने एक योजयना बनाई। उन्होंने भोग के लड्डू बनाकर एक थाली में रख दिए और दूर छिपकर देखने लगे। रोज की तरह उस दिन भी रघुनंदन ने ठाकुर जी को आवाज दी और भोग लगाने का आग्रह किया। हर दिन की तरह ही ठाकुर जी एक बालक के भेष में आए और लड्डू खाने लगे। कुंभनदास दूर से इस घटना को देख रहे थे। भगवान को भोग लगाते देख वह तुरंत वहां आए और ठाकुर जी के चरणों में गिर गए। उस समय ठाकुर जी के एक हाथ में लड्डू था और दूसरे हाथ का लड्डू जाने ही वाला था। लेकिन ठाकुर जी उस समय वहीं पर जमकर रह गए । तभी से लड्डू गोपाल के इस रूप पूजा की जाने लगी। छठी के दिन इस कथा का पाठ करने से भगवान कृष्ण प्रसन्न होते हैं और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं।

♦️बाल कृष्ण जी की आरती
〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️
आरती बाल कृष्ण की कीजै,
अपना जन्म सफल कर लीजै ॥

श्री यशोदा का परम दुलारा,
बाबा के अँखियन का तारा ।
गोपियन के प्राणन से प्यारा,
इन पर प्राण न्योछावर कीजै ॥
॥आरती बाल कृष्ण की कीजै…॥

बलदाऊ के छोटे भैया,
कनुआ कहि कहि बोले मैया ।
परम मुदित मन लेत बलैया,
अपना सरबस इनको दीजै ॥
॥आरती बाल कृष्ण की कीजै…॥

श्री राधावर कृष्ण कन्हैया,
ब्रज जन को नवनीत खवैया ।
देखत ही मन लेत चुरैया,
यह छवि नैनन में भरि लीजै ॥
॥आरती बाल कृष्ण की कीजै…॥

तोतली बोलन मधुर सुहावै,
सखन संग खेलत सुख पावै ।
सोई सुक्ति जो इनको ध्यावे,
अब इनको अपना करि लीजै ॥
॥आरती बाल कृष्ण की कीजै…॥

आरती बाल कृष्ण की कीजै,
अपना जन्म सफल कर लीजै ॥

🌞प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य परम पूज्य गुरुदेव पं.हृदय रंजन शर्मा अध्यक्ष श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भण्डार वाले पुरानी कोतवाली सराफा बाजार अलीगढ़ यूपी व्हाट्सएप नंबर-9756402981,7500048250

धर्म अध्यात्म

Post navigation

Previous Post: हरतालिका तीज व्रत (गौरी तृतीया व्रत)विशेष 18 सितंबर 2023 दिन सोमवार
Next Post: बलदेव छठ गुरुवार, 21 सितंबर को

Related Posts

  • Hartalika Teej fast
    Hartalika Teej fast : हरतालिका तीज पर कुछ कारगर और चमत्कारिक उपाय धर्म अध्यात्म
  • lunar eclipse
    Shri Hanuman Janmotsav : बजरंगबली के किस उपाय से मिलता है क्या लाभ, जानें विस्तार से धर्म अध्यात्म
  • रामोत्सव 2024
    रामोत्सव 2024 : अयोध्या में अब कंकड़-पत्थर भी सुनाएंगे प्रभु श्रीराम की गौरवगाथा धर्म अध्यात्म
  • Kharmas
    शिव जी के किस विग्रह की पूजा से मिलता है क्या फल धर्म अध्यात्म
  • Shravan month special
    Sakat Chauth Katha : सकट चौथ की पूजा एवं कथा के विषय में पंडित हृदय रंजन शर्मा से धर्म अध्यात्म
  • लोहड़ी पर्व
    Holi-2024 : धुलेंडी पर्व 25 मार्च को, रंगों से भीगेगा तन-मन, कैसे मनाते हैं धुलेंडी धर्म अध्यात्म

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Dhanteras
    कोजागिरीव्रत (शरद पूर्णिमा) 28अक्टूबर को, चंद्रमा के प्रकाश में रखी खीर खाने से अनेक रोग दूर हो जाते हैं धर्म अध्यात्म
  • आशुतोष सत्यम झा
    आशुतोष सत्यम झा बने विद्या भारती राष्ट्रीय बैडमिंटन प्रतियोगिता के संयोजक Sports
  • Vande Bharat
    उत्तर प्रदेश को 3 नई वंदे भारत की सौगात, एक को विस्तार  Railway
  • ब्रेस्ट में गांठ
    सही समय पर ब्रेस्ट में गांठ के इलाज से कैंसर से बचा जा सकता है : डॉ. मधुलिका शुक्ला Health
  • lunar eclipse
    Makar Sankranti 2025 : मकर संक्रांति पर दिया गया दान बढ़कर पुनः प्राप्त होता है 100 गुना धर्म अध्यात्म
  • Health Tips
    Health Tips : फिट रहने के लिए बैलेंस डाइट के साथ पर्याप्त नींद भी बहुत जरूरी : अहाना मिश्रा Health
  • माइक्रोबायोलॉजी
    डॉ. दीपिका शुक्ला ने “इंट्रोडक्शन ऑफ ए माइक्रोबायोलॉजी” किताब लिख शिक्षा जगत में जमाई धाक Health
  • Dhanteras
    Basant Panchami 2024 : अगर बच्चा पढ़ाई में कमजोर है,  तो बसंत पंचमी के दिन करें यह घरेलू उपाय, जानें शुभ मुहूर्त Blog

Copyright © 2026 .

Powered by PressBook News WordPress theme