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Ganesh Chaturdashi ke shubh yog : इस बार चार शुभ योगों में मनाई जाएगी श्री गणेश चतुर्दशी

Posted on August 26, 2025August 26, 2025 By Manish Srivastava No Comments on Ganesh Chaturdashi ke shubh yog : इस बार चार शुभ योगों में मनाई जाएगी श्री गणेश चतुर्दशी

अलीगढ़ : श्री गणेश चतुर्दशी 27 अगस्त बुधवार को है। इस बार चार शुभ योगों में  श्री गणेश चतुर्थी मनाई जाएगी (Ganesh Chaturdashi ke shubh yog ) । श्री गणेश जन्मोत्सव के बारे ज्ञानवर्धक जानकारी दे रहे हैं प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य परम पूज्य गुरुदेव पंडित हृदय रंजन शर्मा जी। उनसे जानें गणेश जी स्थापना के मुहूर्त वह महत्वपूर्ण नियमों के विषय में ।  पंडित जी श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान अलीगढ़ के  अध्यक्ष हैं।

Ganesh Chaturdashi ke shubh yog
Ganesh Chaturdashi ke shubh yog

भगवान गणेश के जन्म दिन के उत्सव को गणेश चतुर्थी के रूप में जाना जाता है। गणेश चतुर्थी के दिन, भगवान गणेश को बुद्धि, समृद्धि और सौभाग्य के देवता के रूप में पूजा जाता है। यह मान्यता है कि भाद्रपद माह में शुक्ल पक्ष के दौरान भगवान गणेश का जन्म हुआ था। इस बार श्री गणेश चतुर्दशी पर चार शुभ योग बन रहे हैं। श्री गणेश चतुर्थी पर शुभ योग शुक्ल योग सर्वाथ सिद्धि योग और रवि योग बन रहे हैं।

सर्वाथ सिद्धि योग सुबह 5:57 मिनट से सुबह 6:04 तक रहेगा। वहीं रवि योग सुबह 5:57 से सुबह 6:04 तक मान्य होगा। इस दिन शुभ योग प्रात काल से लेकर दोपहर 12:35 तक मान्य होगा। इसके बाद शुक्ल योग बनेगा। श्री गणेश चतुर्दशी के दिन हस्त नक्षत्र प्रात काल से लेकर सुबह 6:04 तक है। उसके बाद चित्रा नक्षत्र प्रारंभ हो रहा है। गणेश चतुर्थी 27 अगस्त बुधवार का उत्सव, 10 दिन के बाद, अनन्त चतुर्दशी के दिन समाप्त होता है और यह दिन गणेश विसर्जन के नाम से जाना जाता है। 06 सितंबर को अनन्त चतुर्दशी के दिन श्रद्धालु-जन बड़े ही धूम-धाम के साथ सड़क पर जुलूस निकालते हुए भगवान गणेश की प्रतिमा का सरोवर, झील, नदी इत्यादि में विसर्जन करते हैं। चतुर्थी के दिन चन्द्र-दर्शन न करै ऐसा माना जाता है कि इस दिन चन्द्र के दर्शन करने से झूठा दोष अथवा मिथ्या कलंक लगता है। जिसकी वजह से दर्शनार्थी को चोरी का झूठा आरोप सहना पड़ता है। इस दिन चंद्रोदय सुबह 9:28 पर होगा चंद्रमा के अस्त होने का समय रात में 8:57 पर हैा




पौराणिक गाथाओं के अनुसार, भगवान कृष्ण पर स्यमन्तक नाम की कीमती मणि चोरी करने का झूठा आरोप लगा था। झूठे आरोप में लिप्त भगवान कृष्ण की स्थिति देख के, नारद ऋषि ने उन्हें बताया कि भगवान कृष्ण ने भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी के दिन चन्द्रमा को देखा था जिसकी वजह से उन्हें मिथ्या दोष का श्राप लगा है।

नारद ऋषि ने भगवान कृष्ण को आगे बतलाते हुए कहा कि भगवान गणेश ने चन्द्र देव को श्राप दिया था कि जो व्यक्ति भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी के दौरान चन्द्र के दर्शन करेगा वह मिथ्या दोष से अभिशापित हो जायेगा और समाज में चोरी के झूठे आरोप से कलंकित हो जायेगा। नारद ऋषि के परामर्श पर भगवान कृष्ण ने मिथ्या दोष से मुक्ति के लिये गणेश चतुर्थी के व्रत को किया और मिथ्या दोष से मुक्त हो गये




शुभ मुहूर्त

पौराणिक मान्यतानुसार पार्वती नन्दन गणेशजी का जन्म दोपहर में ही हुआ था इसलिए उनकी स्थापना इसी काल में होनी चाहिए इस बार शनिवार को चतुर्थी वाले दिन काफी अच्छे संयोग बन रहे हैं। मंगलवार 26 अगस्त की दोपहर 01:54 से श्री गणेश चतुर्दशी प्रारंभ होगी जो 27 अगस्त बुधवार को दोपहर 03:44 तक मान्य रहेगी गणेश जी स्थापना मुहूर्त वैसे तो बुधवार को सुबह सूर्योदय से पूरा दिन ही शुभ ही शुभ है आप अपनी सुविधानुसार गणेशजी की स्थापना कर सकते है अभिजीत मुहूर्त दिवाकाल 11:45 बजे से 12:55 बजे तक है वैसे आप सभी लोग दोपहर 01:39 से सायं06:05 तक अपने घर , ऑफिस,प्रतिष्ठान सार्वजनिक जगहों पर श्री गणेश जी की स्थापना कर सकते हैं

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें
प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य परम पूज्य गुरुदेव पंडित हृदय रंजन शर्मा अध्यक्ष श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भंडार पुरानी कोतवाली सर्राफा बाजार अलीगढ़ यूपी व्हाट्सएप नंबर-9756402981,8272809774

धर्म अध्यात्म Tags:Auspicious Yogas of Ganesh Chaturdashi, Ganesh Chaturthi

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