– दोनों टीमें धमाकेदार बल्लेबाजी दिखाकर पहुंची हैं T20 World Cup Final में
मनीष श्रीवास्तव
भारत और न्यूजीलैंड के बीच रविवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रविवार को टी20 विश्व कप-2026 का महामुकाबला खेला जाएगा। भारत ने इंग्लैंड और न्यूजीलैंड ने दक्षिण अफ्रीका को हराकर फाइनल में जगह बनाई है। भारतीय टीम पर जहां खिताब का बचाव करने का दबाव है, वहीं कीवी टीम पहली बार टी20 विश्व कप जीतने के लिए पूरा जोर लगाएगी। ऐसे में जीत उसी की होगी जिसकी रणनीति अचूक होगी। दोनों टीमों के पास बल्लेबाजी और गेंदबाजी में ‘ब्रह्मास्त्र’ के साथ कुछ चुनौतियां भी हैं, लेकिन जहां तक मैच का पासा पलटने वाले जज्बे और प्रदर्शन की बात है, तो भारतीय टीम को फेवरेट माना जा रहा है।
सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड ने एकतरफा मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को धूल चटाई थी, जबकि भारत को इंग्लैंड पर जीत हासिल करने के लिए संघर्ष करना पड़ा था। इंग्लैंड को आखिरी तीन ओवर में जीत के लिए 45 रनों की जरूरत थी। जैकब बेथेल 42 गेंद में 94 रन बनाकर बल्लेबाजी कर रहे थे और सैम करन उनका साथ दे रहे थे। तब
ऐसा लग रहा था मानो बेथेल भारत को फाइनल में नहीं पहुंचने देंगे, लेकिन जसप्रीत बुमराह ने वह कर दिखाया जिसके लिए उन्हें जाना जाता है। उन्होंने 18वें ओवर में महज 6 रन दिए। इससे इंग्लैंड के लिए आखिरी दो ओवर में 39 रन बनाना आसान नहीं रह गया, वह भी तब जब उसके पांच बल्लेबाज आउट हो चुके थे। इसके बाद रही सही कसर हार्दिक पंड्या ने अगले ओवर में महज 9 रन देकर पूरी कर दी। इस तरह भारत की जीत के असली हकदार बुमराह ही रहे, जिन्होंने चार ओवर में महज 33 रन देकर कप्तान हैरी ब्रूक का विकेट भी लिया।
—–
वरुण और अभिषेक पर रहेगा दबाव
फाइनल से पहले भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता वरुण चक्रवर्ती हैं, जिन्होंने इंग्लैंड के सामने चार ओवर में 64 रन दे दिए। बेथेल ने उनके पहले ओवर में ही तीन छक्के जड़ दिए थे। सेमीफाइनल से पहले पिछले दो मैचों में भी वरुण ने 8 ओवर में 87 रन खर्च किए हैं।
उनके अलावा टीम इंडिया के लिए दूसरी बड़ी चिंता अभिषेक शर्मा का खराब फॉर्म है। सेमीफाइनल में उनके बल्ले से सिर्फ 9 रन ही निकले। उन्होंने अब तक 7 पारियों में 89 रन ही बनाए हैं, जिसमें जिम्बाब्वे के खिलाफ 55 रन की पारी शामिल है। अभिषेक के आउट ऑफ फॉर्म होने से एक बार भी भारत टूर्नामेंट में 50 रन की ओपनिंग पार्टनरशिप नहीं कर पाया है।
—-
छठे गेंदबाज को लेकर चिंता
सेमीफाइनल में 20वें ओवर में जब इंग्लैंड को जीत के लिए 30 रन चाहिए थे तब कप्तान सूर्यकुमार के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी कि गेंद किससे कराई जाए। अर्शदीप, बुमराह और हार्दिक का कोटा पूरा हो चुका था। अक्षर पटेल या शिवम दुबे का ही विकल्प बचा था। शिवम दुबे ने आखिरी ओवर की पहली गेंद पर बेथेल को आउट तो किया, पर आर्चर ने आखिर तीन गेंदों पर तीन छक्के जड़कर जीत का अंतर महज 7 रन कर दिया। शिवम दुबे ने इस ओवर में 22 रन दिए। इससे पहले जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने दो ओवर में 46 रन खर्च कर दिए थे। दक्षिण अफ़्रीका के खिलाफ उनके दो ओवर में 32 रन बने थे।
इतिहास बदलने का मौका
भारत ने आखिरी बार किसी आईसीसी फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड को साल 2000 में चैंपियंस ट्रॉफी में हराया था। इसके बाद से 2021 की वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल समेत हर बड़े खिताबी मौके पर कीवी टीम भारी पड़ी है। टी20 वर्ल्ड कप में भारत आज तक न्यूजीलैंड को एक बार भी नहीं हरा पाया है। 2007, 2016 और 2021 की हार के बाद इस बार भारत के पास इतिहास बदलने का सुनहरा मौका है।
—–
बल्लेबाजी चमकी, गेदबाजी कमजोर कड़ी
भारतीय टीम की सबसे बड़ी मजबूती उसकी निडर बैटिंग अप्रोच है। अक्षर पटेल तक लंबी हिट लगा सकते हैं। लेकिन बुमराह को छोड़कर अन्य गेंदबाज घातक नहीं नजर आ रहे हैं। ऐसे में फाइनल में टीम इंडिया को कीवी टीम की सलामी जोड़ी फिन एलन, टिम सेफर्ट के अलावा मिचेल से सावधान रहने के साथ स्पिन चक्रव्यूह भी तोड़ना होगा, जो कप्तान सैंटनर, सचिन रवींद्र, फिलिप्स, ईश सोढ़ी की अगुवाई में बढ़िया प्रदर्शन कर रहा है।
