Skip to content

The Xpress News

  • Home
  • धर्म अध्यात्म
  • Health
  • Blog
  • Toggle search form
  • स्टैग ग्लोबल कानपुर जिला टेबल टेनिस टूर्नामेंट का भव्य शुभारंभ, मनिष्का और वेदांश ने जीते खिताब, देखें वीडियो Sports
  • होली
    शास्त्रों के अनुसार किस-किस व्यक्ति को है श्राद्ध करने का अधिकार धर्म अध्यात्म
  • Women's Premier League
    Women’s Premier League : डि क्लर्क के आलराउंडर प्रदर्शन से आरसीबी ने मुंबई इंडियंस को तीन विकेट से हराया Sports
  • योनेक्स सनराइज द्वितीय अंडर 19उत्तर प्रदेश स्टेट बैडमिंटन चैंपियनशिप ग्रीन पार्क में 5 जून से Sports
  • सावधानी बरतने से डेंगू से बचा जा सकता है, घबराने की जरूरत नहीं : डॉक्टर मधुलिका शुक्ला Health
  • समाजवादी पार्टी की टोपी लाल, कारनामे काले: सीएम योगी UP Government News
  • Bumper Employment
    Bumper Employment : कानपुर और बुलंदशहर जैसे शहरों में मिलेगा बंपर रोजगार UP Government News
  • चंचल खटाना
    A Journey of Struggle, Success and Inspiration – The Pride of India Motivation

बीमारी से मुक्ति के लिए डॉक्टर पर विश्वास कर नियमित इलाज जरूरी : डॉ मेनका

Posted on January 25, 2026January 25, 2026 By Manish Srivastava No Comments on बीमारी से मुक्ति के लिए डॉक्टर पर विश्वास कर नियमित इलाज जरूरी : डॉ मेनका
  • डॉक्टर से बीमारी के लक्षण छिपाने पर इलाज लंबा या बेअसर सकता है
  • बिना किसी रुकावट के हर दिन समय पर दवा लेने से उसका प्रभाव दिखता है
  • हर कीमत पर डॉक्टर की महत्वपूर्ण सलाह का पालन करना अनिवार्य होता है

कानपुर: किसी भी बीमारी से पूरी तरह से छुटकारा पाने के लिए सबसे पहले तो संबंधित डॉक्टर पर विश्वास करना बहुत ही जरूरी है। इसके साथ उसकी सलाह और दवा का नियमित समय से उपयोग करना ही एकमात्र उपाय है। यह कहना है कानपुर और आसपास जिलों में मशहूर सीनियर होम्योपैथिक फिजिशियन डॉ मेनका का।

अक्सर लोगों को अपने डॉक्टर से यह शिकायत रहती है कि हम काफी दिनों से इलाज करवा रहे हैं पर अभी पूरी तरह से आराम नहीं मिला। बिना किसी ठोस कारण के वह जल्दी-जल्दी डॉक्टर भी बदलते रहते हैं। भ्रम की स्थिति होने के कारण उनकी बीमारी ठीक के होने की बजाय और जटिल होने का खतरा बढ़ जाता है। आप चाहें किसी से भी इलाज करवाएं। इलाज करने का चाहे कोई भी हो जैसे एलोपैथिक, होम्योपैथिक या फिर आयुर्वेदिक। आपको समय तो देना ही होगा।

इस विषय पर विस्तृत चर्चा करते हुए कानपुर की मशहूर होम्योपैथिक डॉक्टर मेनका ने बताया कि कुछ मरीज इलाज तो करवाते हैं पर अपनी मनमानी भी करते हैं या दूसरे शब्दों में कहें तो घोर लापरवाही भी करते हैं। उदाहरण के तौर पर यदि मैंने किसी मरीज को किसी लिक्विड दवा की 18 बूंदें लेने को कहा है तो वह 5 या फिर 10 ही बूंदें लेता है। इसके अलावा समय का भी ध्यान नहीं रखता है यानी सुबह की दवा शाम को और शाम की दवा सुबह खाता है और कभी-कभी कोई एक या दो खुराक खाता भी नहीं है। परिणामस्वरूप ऐसा करने से दवा का बीमारी पर कोई असर नहीं पड़ता है।




मरीज की इम्यूनिटी के हिसाब से तैयार होती है होम्योपैथिक दवा तैयार

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हर बीमारी और मरीज की इम्यूनिटी सिस्टम के हिसाब से होम्योपैथिक दवा तैयार की जाती है। जब सही मानक में दवा का उपयोग नहीं किया जाएगा तो लंबे समय तक भी दवा का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। यदि अनियमित रहने का स्वभाव मरीज का बन जाता है तो डॉक्टर या विधा को बदलने से कोई फर्क नहीं पड़ता है। अपनी बात को जारी रखते हुए डॉक्टर मेनका ने बताया कि होम्योपैथिक उपचार बहुत ही सरल और पूरी तरह से सुरक्षित है। इसके कोई साइड इफेक्ट नहीं होते हैं क्योंकि इसमें शरीर के अनुकूल ही कंपोनेंट तैयार किया जाता है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मरीज को कभी भी डॉक्टर से बीमारी से संबंधित कोई भी जानकारी छिपानी नहीं चाहिए। जैसे बीमारी कितने दिनों से, इससे पहले कभी संबंधित बीमारी कभी हुई और उसका इलाज करवाया, इस दौरान संबंधित दवाओं का सेवन किया, दवा से कोई साइड इफेक्ट हुआ, उचित और नियमित जांच करवाई की नहीं और पिछले डॉक्टर ने आपको क्या सलाह दी इत्यादि। यह बहुत ही महत्वपूर्ण बिंदु हैं जिन्हें अपने डॉक्टर को जरूर बताना चाहिए। यह बात हमेशा ध्यान में रखनी चाहिए कि महंगा और लंबा इलाज कराने से नहीं बल्कि उचित व नियमित इलाज करवाने से ही किसी भी बीमारी से छुटकारा पाया जा सकता है। होम्योपैथिक उपचार के दौरान महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना चाहिए। जब भी आप दवा खा रहे तो इस दौरान दही, केला, खटाई, प्याज जैसी चीजों से परहेज़ करना चाहिए।

इसके अलावा दवा खाने के दौरान कभी भी चाकलेट कॉफी से परहेज करना चाहिए। वहीं गोली ली या टैबलेट को हाथ में लेकर नहीं बल्कि कागज पर रखकर खाना चाहिए। कभी भी इलाज के दौरान बीच में दवा किसी भी सूरत में बंद नहीं करनी चाहिए। साथ ही तय मात्रा से कम या ज्यादा दवा लेने से प्रभाव कम हो जाता है। संभवतः इलाज लंबे समय तक खिंच जाता है।

Health Tags:डॉ मेनका

Post navigation

Previous Post: रागेन्द्र स्वरूप स्पोर्ट्स अकेडमी में वर्ष की पहली बैडमिंटन प्रतियोगिता का रोमांच जारी
Next Post: प्रथम रागेन्द्र स्वरूप मेमोरियल बैडमिंटन प्रतियोगिता 2026 का भव्य समापन

Related Posts

  • बुलंद हौसलों से इबारत लिख रहीं गोल्डन गर्ल अहाना मिश्रा Health
  • डॉक्टर मधुलिका शुक्ला
    होम्योपैथिक दवा से कोई साइड इफेक्ट नहीं होता : डॉ. मधुलिका शुक्ला Health
  • सावधानी बरतने से डेंगू से बचा जा सकता है, घबराने की जरूरत नहीं : डॉक्टर मधुलिका शुक्ला Health
  • ऋषिकेश में कोरोना के दो मामले मिले, सतर्कता बढ़ी स्वास्थ्य सचिव बोले-किसी तरह की डर जैसी कोई स्थिति नहीं Health
  • देश और मानव सेवा के लिए जाने जाते हैं डॉ. दीपक शुक्ला Health
  • मशहूर मॉडल अंशिका सेंगर
    पेय पदार्थों पर मशहूर मॉडल अंशिका सेंगर ने दी महत्वपूर्ण जानकारी Health

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • लिटिल इंडिया फाउंडेशन
    लोगों को खुशियां बांट रहा है लिटिल इंडिया फाउंडेशन Blog
  • रेल कर्मचारियों की सतर्कता से टली बड़ी दुर्घटना Blog
  • बरनाली शर्मा
    सिल्वर मेडल जीतकर बरनाली शर्मा ने बिखेरी अपनी चमक Sports
  • टीएसएच स्टैग ग्लोबल यूपी स्टेट थर्ड रैंकिंग टेबल टेनिस टूर्नामेंट संपन्न Sports
  • जय नारायण के अभिषेक राष्ट्रीय तीरंदाजी में Sports
  • होली
    विश्वकर्मा पूजा 17 सितंबर को धर्म अध्यात्म
  • Haryana Textile Industry : उत्तर प्रदेश में शिफ्ट होगी हरियाणा की टेक्सटाइल इंडस्ट्री UP Government News
  • तृतीय चंद्रघंटा
    नरसिंह द्वादशी, व्रत-कथा, महत्व, पूजा और व्रत की विधि धर्म अध्यात्म

Copyright © 2026 .

Powered by PressBook News WordPress theme