- निदेशक विवेक सिंह बोले, हमारे जीवन में त्योहारों का बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान
- निदेशक, प्रोफेसर व स्टाफ सहित सभी लोग लोहिड़ी के रंग में रंगे नजर आए
- एसोसिएट प्रोफेसर दीपिका शुक्ला ने सभी छात्रों के उज्जवल भविष्य की कामना कर बधाई दी
कानपुर : हमारे जीवन में त्योहारों का बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों में प्रेम और भाईचारा बढ़ाना होता है। जब भी कोई त्योहार आता है तो हर कोई चाहे वो अमीर हो या गरीब, सभी अपनी तकलीफों और चिंताओं को भुलाकर स्वादिष्ट व्यंजनों संग मुहल्ले, रिश्तेदारों और मित्रों के साथ जीवन के असली आनंद का लाभ उठाते हैं। यह प्रमुख बातें मंगलवार को महाराणा प्रताप डेंटल कॉलेज के निदेशक विवेक सिंह ने कहीं।

लोहिड़ी के शुभ अवसर पर महाराणा प्रताप डेंटल कॉलेज में में रंगारंग कार्यक्रम कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। जिसमें सभी छात्रों के अलावा प्रोफेसर व स्टाफ ने भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर छात्रों ने गिद्दा कर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।

त्योहार की खुशियां छात्रों संग बांटते हुए एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. दीपिका शुक्ला, डॉ. दीक्षा ट्यूटर, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शुभ्रा, प्रोफेसर डॉ. ईशा और प्रोफेसर डॉ. अल्पना ने सभी को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए अच्छे स्वास्थ्य और भविष्य की कामना की। एसोसिएट प्रोफेसर डॉ दीपिका शुक्ला ने छात्रों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए महत्वपूर्ण टिप्स भी दिए।

इसलिए मनाया जाता है लोहिड़ी का त्योहार
यह पर्व रबी फसल की कटाई, सूर्य की उपासना और सर्दियों के अंत का संकेत देता है। लोहड़ी की रात अलाव जलाया जाता है, जिसके चारों ओर लोग घूमते हुए तिल, गुड़, मूंगफली और रेवड़ी अर्पित करते हैं। यह अग्नि समृद्धि, नई शुरुआत और नकारात्मकता के अंत का प्रतीक मानी जाती है। लोहड़ी का त्योहार मकर संक्रांति से एक दिन पहले मनाया जाता है, यह मुख्य रूप से सूर्य के उत्तरायण में प्रवेश का पर्व है। यह पर्व कृषि से भी जुड़ा है। लेकिन पौराणिक कथाओं में इसका संबंध लोहिता राक्षसी और श्रीकृष्ण की कथा से है। जबकि पंजाब में लोहड़ी का पर्व दुल्ला भट्टी और सुंदरी मुंदरी की कथा से जुड़ा है।

